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गर्मी ने तोड़ा 44 साल का रिकॉर्ड, पारा पहुंचा 46 पार
अमर उजाला ब्यूरो, कानपुर
Updated Tue, 09 Jun 2015 02:08 AM IST
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गर्मी ने सोमवार को पिछले 44 साल का रिकॉर्ड तोड़ दिया है। सोमवार को अधिकतम पारा 46.2 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया है। चंद्रशेखर आजाद कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय के पास मौजूद रिकॉर्ड के मुताबिक 1971 के बाद से अब तक आठ जून को इतना तापमान कभी नहीं रहा। मौसम विज्ञानियों का कहना है कि गर्मी कम होने के आसार नही हैं। 11 जून से हल्की बारिश हो सकती है।
वरिष्ठ मौसम विज्ञानी डॉ. अनिरुद्ध दुबे ने बताया कि चंद्रशेखर आजाद कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय के पास 1971 से अब तक रिकॉर्ड है। इसके मुताबिक आठ जून को इतनी गर्मी कभी नहीं पड़ी। न्यूनतम पारा 25 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया। वातावरण की नमी (आर्द्रता ) भी कम हो गई है।
अधिकतम नमी 60 और न्यूनतम 22 फीसदी रिकॉर्ड की गई है। चिलचिलाती धूप और लू के थपेड़ों ने सोमवार को शहरवासियों को बेहाल दिया। साढ़े चार किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चलने वाली गर्म हवाओं ने शरीर को आग की तरह तपाया। धरती भी गर्म तवे की तरह जली। मुंह पर अंगौछा और दुपट्टा बांधकर घर से निकलने वाले लोग भी त्राहि माम-त्राहि माम कर उठे।
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वरिष्ठ मौसम विज्ञानी डॉ. अनिरुद्ध दुबे ने बताया कि चंद्रशेखर आजाद कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय के पास 1971 से अब तक रिकॉर्ड है। इसके मुताबिक आठ जून को इतनी गर्मी कभी नहीं पड़ी। न्यूनतम पारा 25 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया। वातावरण की नमी (आर्द्रता ) भी कम हो गई है।
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अधिकतम नमी 60 और न्यूनतम 22 फीसदी रिकॉर्ड की गई है। चिलचिलाती धूप और लू के थपेड़ों ने सोमवार को शहरवासियों को बेहाल दिया। साढ़े चार किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चलने वाली गर्म हवाओं ने शरीर को आग की तरह तपाया। धरती भी गर्म तवे की तरह जली। मुंह पर अंगौछा और दुपट्टा बांधकर घर से निकलने वाले लोग भी त्राहि माम-त्राहि माम कर उठे।
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