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दो दिन की हड़ताल से 500 करोड़ की क्लीयरिंग ठप
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उन्नाव। मांगों को लेकर बैंक यूनियन दूसरे दिन बुधवार को भी हड़ताल पर रही। दो दिन में पांच सौ करोड़ की क्लीयरिंग ठप रही। एसबीआई ने हड़ताल में भागीदारी नहीं की। वहीं एलआईसी कर्मचारियों ने कामकाज ठप कर बैंक कर्मियों के साथ प्रदर्शन किया। इससे खाताधारकों को परेशानी उठानी पड़ी।
यूनाईटेड फोरम आफ बैंक यूनियंस व आल इंडिया रीजनल रूरल बैंक इंपलाइज एसोसिएशन (अरेबिया) की संयुक्त हड़ताल से बुधवार जिले की 198 बैंक शाखाओं के कर्मचारी काम बंद कर हड़ताल पर रहे। जबकि भारतीय स्टेट बैंक एसोसिएशन ने हड़ताल से दूरी बनाई है। सुबह करीब 10 बजे बैंक कर्मियों की भीड़ शहर स्थित पंजाब नेशनल बैंक मुख्य शाखा के सामने जमा हुई। हड़ताल में पीएनबी, बैंक आफ इंडिया, बैंक आफ बड़ौदा, सेंट्रल बैंक, पीएनबी, इलाहाबाद बैंक, सिंडीकेट बैंक , ग्रामीण बैंक आफ आर्यावर्त समेत अन्य बैंकों के कर्मचारी शामिल रहे। बैंक कर्मियों ने केंद्र सरकार को सरकार की नीतियों का विरोध कर जमकर नारेबाजी की। यूनियन मंत्री प्रकाश अवस्थी ने कहा कि बैंक कर्मी सरकार के हर काम में सहयोग करते हैं। जबकि सरकार लगातार बैंक कर्मचारियों के विरोध में काम कर रही है। जो सरासर गलत है।
बीडी सिंह ने कहा कि सार्वजनिक क्षेत्र की बैंकों को मजबूत किया जाए। साथ ही बैंकों के रिक्त पदों पर तत्काल भर्तियां की जाएं। इस दौरान अरेबिया के अध्यक्ष पीके चौरसिया ने ग्रामीण बैंक एक्ट संशोधन विधेयक 2015 को वापस लेने पर जोर दिया। हड़ताल के अंतिम दिन 500 करोड़ की क्लीयरिंग व अन्य बैंकिंग लेनदेन प्रभावित रहा। हड़ताल के चलते कारोबारियों को दिक्कतें उठानी पड़ी। विरोध प्रदर्शन में बुधवीर सिंह, विनोद शुक्ला, अंकुर दुबे, सुरेश बाजपेई, उदय, रामू, रवि मल्होत्रा, फतेह सिंह, समीर, कुंवर भी शामिल रहे।
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एलआईसी कार्यालय में भी रही बंदी
बीमा कर्मचारी संघ लखनऊ इकाई के बैनर तले भारतीय जीवन बीमा निगम (एलआईसी) अधिकारी व कर्मचारी भी हड़ताल में शामिल रहे। कर्मचारियों ने पुरानी पेंशन बहाली, तृतीय व चतुर्थ श्रेणी संवर्ग में भर्ती, वेतन पुनरीक्षण, इंश्योरेंस प्रीमियम पर जीएसटी हटाए जाने समेत नौ सूत्रीय मांगों को लेकर जुलूस निकालकर सरकार विरोधी नारे लगाकर विरोध दर्ज कराया। इस दौरान संगठन अध्यक्ष अनूप दीक्षित, सचिव नवल मिश्रा, उपाध्यक्ष सुमित श्रीवास्तव, सुरेंद्र सक्सेना, मेहताब आलम, शंकर सिंह चौहान, संदीप निगम, जीके बाजपेई, सुंदरलाल, अशोक यादव शामिल रहे।
विद्युत विभाग व औद्योगिक प्रतिष्ठानों में हड़ताल
विद्युत विभाग कर्मचारी भी निजीकरण के विरोध में हड़ताल पर रहे। इस दौरान पीडी नगर स्थित अधिशासी अभियंता कार्यालय में प्रदर्शन किया। विरोध प्रदर्शन में अधिशासी अभियंता आरके कृष्णानी, लिपिक राजकुमार, रवींद्र, संदीप भी मौजूद रहे। वहीं औद्योगिक प्रतिष्ठानों में भी हड़ताल का असर देखने को मिला। उप्र ट्रेड यूनियन कांग्रेस के प्रांतीय उपाध्यक्ष बलवंत सिंह ने कहा कि उद्योगों के मजदूरों के लिए राष्ट्रीय वेतन नीति बनाई जाए। श्रमिकों को 18 हजार रुपये मासिक वेतन दिया जाए। इसके साथ ही अन्य मांगों को को भी पूरा करने का आह्वान किया। इस दौरान साहिल, अनिल शर्मा, नसील अली, जगदीश प्रसाद, शिवशंकर सहित अन्य कर्मी शामिल रहे।
-भटके खाताधारक, कर्मियों ने सरकार पर लगाया अनदेखी का आरोप
-हड़ताल में एसबीआई की बैंक कर्मचारी एसोसिएशन नहीं हुई शामिल
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यूनाईटेड फोरम आफ बैंक यूनियंस व आल इंडिया रीजनल रूरल बैंक इंपलाइज एसोसिएशन (अरेबिया) की संयुक्त हड़ताल से बुधवार जिले की 198 बैंक शाखाओं के कर्मचारी काम बंद कर हड़ताल पर रहे। जबकि भारतीय स्टेट बैंक एसोसिएशन ने हड़ताल से दूरी बनाई है। सुबह करीब 10 बजे बैंक कर्मियों की भीड़ शहर स्थित पंजाब नेशनल बैंक मुख्य शाखा के सामने जमा हुई। हड़ताल में पीएनबी, बैंक आफ इंडिया, बैंक आफ बड़ौदा, सेंट्रल बैंक, पीएनबी, इलाहाबाद बैंक, सिंडीकेट बैंक , ग्रामीण बैंक आफ आर्यावर्त समेत अन्य बैंकों के कर्मचारी शामिल रहे। बैंक कर्मियों ने केंद्र सरकार को सरकार की नीतियों का विरोध कर जमकर नारेबाजी की। यूनियन मंत्री प्रकाश अवस्थी ने कहा कि बैंक कर्मी सरकार के हर काम में सहयोग करते हैं। जबकि सरकार लगातार बैंक कर्मचारियों के विरोध में काम कर रही है। जो सरासर गलत है।
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बीडी सिंह ने कहा कि सार्वजनिक क्षेत्र की बैंकों को मजबूत किया जाए। साथ ही बैंकों के रिक्त पदों पर तत्काल भर्तियां की जाएं। इस दौरान अरेबिया के अध्यक्ष पीके चौरसिया ने ग्रामीण बैंक एक्ट संशोधन विधेयक 2015 को वापस लेने पर जोर दिया। हड़ताल के अंतिम दिन 500 करोड़ की क्लीयरिंग व अन्य बैंकिंग लेनदेन प्रभावित रहा। हड़ताल के चलते कारोबारियों को दिक्कतें उठानी पड़ी। विरोध प्रदर्शन में बुधवीर सिंह, विनोद शुक्ला, अंकुर दुबे, सुरेश बाजपेई, उदय, रामू, रवि मल्होत्रा, फतेह सिंह, समीर, कुंवर भी शामिल रहे।
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एलआईसी कार्यालय में भी रही बंदी
बीमा कर्मचारी संघ लखनऊ इकाई के बैनर तले भारतीय जीवन बीमा निगम (एलआईसी) अधिकारी व कर्मचारी भी हड़ताल में शामिल रहे। कर्मचारियों ने पुरानी पेंशन बहाली, तृतीय व चतुर्थ श्रेणी संवर्ग में भर्ती, वेतन पुनरीक्षण, इंश्योरेंस प्रीमियम पर जीएसटी हटाए जाने समेत नौ सूत्रीय मांगों को लेकर जुलूस निकालकर सरकार विरोधी नारे लगाकर विरोध दर्ज कराया। इस दौरान संगठन अध्यक्ष अनूप दीक्षित, सचिव नवल मिश्रा, उपाध्यक्ष सुमित श्रीवास्तव, सुरेंद्र सक्सेना, मेहताब आलम, शंकर सिंह चौहान, संदीप निगम, जीके बाजपेई, सुंदरलाल, अशोक यादव शामिल रहे।
विद्युत विभाग व औद्योगिक प्रतिष्ठानों में हड़ताल
विद्युत विभाग कर्मचारी भी निजीकरण के विरोध में हड़ताल पर रहे। इस दौरान पीडी नगर स्थित अधिशासी अभियंता कार्यालय में प्रदर्शन किया। विरोध प्रदर्शन में अधिशासी अभियंता आरके कृष्णानी, लिपिक राजकुमार, रवींद्र, संदीप भी मौजूद रहे। वहीं औद्योगिक प्रतिष्ठानों में भी हड़ताल का असर देखने को मिला। उप्र ट्रेड यूनियन कांग्रेस के प्रांतीय उपाध्यक्ष बलवंत सिंह ने कहा कि उद्योगों के मजदूरों के लिए राष्ट्रीय वेतन नीति बनाई जाए। श्रमिकों को 18 हजार रुपये मासिक वेतन दिया जाए। इसके साथ ही अन्य मांगों को को भी पूरा करने का आह्वान किया। इस दौरान साहिल, अनिल शर्मा, नसील अली, जगदीश प्रसाद, शिवशंकर सहित अन्य कर्मी शामिल रहे।
-भटके खाताधारक, कर्मियों ने सरकार पर लगाया अनदेखी का आरोप
-हड़ताल में एसबीआई की बैंक कर्मचारी एसोसिएशन नहीं हुई शामिल