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छह माह बाद डॉक्टर के खिलाफ रिपोर्ट
Updated Wed, 07 Feb 2018 11:40 PM IST
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अमर उजाला ब्यूरो
बांदा। छह माह पूर्व प्रसव के दौरान प्रसूता की मौत के मामले में आरोपी महिला डाक्टर के विरुद्ध रिपोर्ट दर्ज की गई है। पुलिस महानिदेशालय के हस्तक्षेप पर मामला दर्ज हुआ।
मंगलवार को बांदा नगर कोतवाली में दर्ज हुई एफआईआर में शहर के बिजलीखेड़ा निवासी रोहित यादव ने कहा है कि 18 अगस्त को वह अपनी गर्भवती पत्नी को लेकर घर के नजदीक स्थित चिरंजीव हेल्थ सेंटर गया था। वहां डाक्टर नीतू त्रिपाठी ने देखकर बताया कि गर्भ में शिशु की मौत हो गई है। तत्काल सफाई जरूरी है। 10 हजार रुपये जमा करा लिए। अंदर ले जाकर इलाज शुरू किया।
10 मिनट बाद बताया कि सफाई तो हो गई है पर प्रसूता की हालत बहुत खराब है बाहर ले जाओ। इसी बीच उसने देखा कि उसकी पत्नी आकांक्षा के मुंह से झाक निकल रहा था। नाक और कान से खून निकल रहा था। चेहरे में काले धब्बे और होंठ नीले थे। दवा और इलाज के बारे में पूछा तो डाक्टर भड़क गईं और शव बाहर करा दिया।
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अस्पताल कर्मियों ने उसे भी बाहर कर दिया। पुलिस आ गई और उसकी पत्नी के शव का पोस्टमार्टम कराया। आरोप लगाया कि डाक्टर की लापरवाही से मृत्यु हुई। पुलिस ने डा.नीतू त्रिपाठी के विरुद्ध धारा 304ए और 316 आईपीसी की रिपोर्ट दर्ज कर ली है। पुलिस महानिदेशालय के पुलिस महानिरीक्षक विजय सिंह मीना ने रोहित यादव की अर्जी पर बांदा एसपी को आदेश दिए हैं कि अपर एसपी से 10 दिन में जांच कराएं। एसपी के आदेश पर मुकदमा दर्ज किया गया है। उप निरीक्षक शिव प्रसाद तफ्तीश करेंगे।
छह माह बाद महिला डाक्टर के खिलाफ रिपोर्ट
गर्भवती महिला की मौत का मामला
डीजीपी कार्यालय के आदेश पर हुई रिपोर्ट
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बांदा। छह माह पूर्व प्रसव के दौरान प्रसूता की मौत के मामले में आरोपी महिला डाक्टर के विरुद्ध रिपोर्ट दर्ज की गई है। पुलिस महानिदेशालय के हस्तक्षेप पर मामला दर्ज हुआ।
मंगलवार को बांदा नगर कोतवाली में दर्ज हुई एफआईआर में शहर के बिजलीखेड़ा निवासी रोहित यादव ने कहा है कि 18 अगस्त को वह अपनी गर्भवती पत्नी को लेकर घर के नजदीक स्थित चिरंजीव हेल्थ सेंटर गया था। वहां डाक्टर नीतू त्रिपाठी ने देखकर बताया कि गर्भ में शिशु की मौत हो गई है। तत्काल सफाई जरूरी है। 10 हजार रुपये जमा करा लिए। अंदर ले जाकर इलाज शुरू किया।
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10 मिनट बाद बताया कि सफाई तो हो गई है पर प्रसूता की हालत बहुत खराब है बाहर ले जाओ। इसी बीच उसने देखा कि उसकी पत्नी आकांक्षा के मुंह से झाक निकल रहा था। नाक और कान से खून निकल रहा था। चेहरे में काले धब्बे और होंठ नीले थे। दवा और इलाज के बारे में पूछा तो डाक्टर भड़क गईं और शव बाहर करा दिया।
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अस्पताल कर्मियों ने उसे भी बाहर कर दिया। पुलिस आ गई और उसकी पत्नी के शव का पोस्टमार्टम कराया। आरोप लगाया कि डाक्टर की लापरवाही से मृत्यु हुई। पुलिस ने डा.नीतू त्रिपाठी के विरुद्ध धारा 304ए और 316 आईपीसी की रिपोर्ट दर्ज कर ली है। पुलिस महानिदेशालय के पुलिस महानिरीक्षक विजय सिंह मीना ने रोहित यादव की अर्जी पर बांदा एसपी को आदेश दिए हैं कि अपर एसपी से 10 दिन में जांच कराएं। एसपी के आदेश पर मुकदमा दर्ज किया गया है। उप निरीक्षक शिव प्रसाद तफ्तीश करेंगे।
छह माह बाद महिला डाक्टर के खिलाफ रिपोर्ट
गर्भवती महिला की मौत का मामला
डीजीपी कार्यालय के आदेश पर हुई रिपोर्ट