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खुले में शौच मुक्त को जागरूक करेगी बाल-सेना
Updated Sat, 25 Aug 2018 01:13 AM IST
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कानपुर देहात। जिले को खुले में शौच मुक्त करने के लिए अब लोगों को जागरूक करने की जिम्मेदारी बच्चों पर सौंपी गई। इसके लिए बाल सेना बनाई जाएगी। बाल सेना खुले में शौच जाने वाले लोगों की निगरानी के साथ उनको इसके दुष्परिणाम के बारे में जागरूक कर स्वच्छता की अलख जगाएंगे।
स्वच्छ भारत मिशन के तहत जनपद को खुले में शौच मुक्त करने के लिए विशेष अभियान के तहत कार्य किया जा रहा है। ताकि निश्चित समय सीमा में जनपद को ओडीएफ घोषित किया जा सके। इसके लिए जहां शौचालय बनवाए जा रहे हैं वहीं लोगों को इनका प्रयोग करने के लिए भी जागरूक किया जा रहा है। बावजूद इसके लोग इसके प्रति गंभीर नहीं है, जिसे देखते हुए जिला प्रशासन के निर्देश पर प्रत्येक ग्राम पंचायत में परिषदीय विद्यालयों से 8-14 वर्ष के 10 बच्चों को शामिल करने का निर्णय लिया गया है। बाल सेना के नाम से चयनित यह बच्चे खुले में शौच जाने वाले लोगों की निगरानी करेंगे। उन्हें स्वच्छता का पाठ पढ़ाएंगे।
जिलाधिकारी के निर्देश पर, शिक्षा विभाग की ओर से जिले की 640 ग्राम पंचायतों के परिषदीय स्कूलों से 6400 बच्चों का चयन किया है। बच्चों को स्वच्छता अभियान के तहत स्लोगन लिखे हुए जैकेट, टोपी, टार्च व सीटी उपलब्ध कराई जाएगी। बच्चे इसे पहनकर सुबह व शाम को जहां निगरानी करेंगे वहीं लोगों को खुले में शौच जाने के दुष्परिणाम के बारे में भी बताएंगे।
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शिक्षा विभाग की ओर से उन्हें 640 ग्राम पंचायतों से 6400 बच्चों की सूची उपलब्ध करा दी गई है, जिनके लिए जैकेट, टार्च, टोपी व सीटी आ चुकी हैं, जिन्हें स्कूल के माध्यम से बच्चों में वितरित किया जा रहा है।
डीपीआरओ अजय कुमार
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जिले की सभी ग्राम पंचायतों से बाल सेना के तहत बच्चों का चयन किया गया है। यह लोगों को जागरूक करने के साथ उनकी निगरानी भी करेगी। इसके लिए शिक्षा विभाग के माध्यम से बच्चों को सामग्री वितरित की जा रही है। - राकेश कुमार सिंह, जिलाधिकारी
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स्वच्छ भारत मिशन के तहत जनपद को खुले में शौच मुक्त करने के लिए विशेष अभियान के तहत कार्य किया जा रहा है। ताकि निश्चित समय सीमा में जनपद को ओडीएफ घोषित किया जा सके। इसके लिए जहां शौचालय बनवाए जा रहे हैं वहीं लोगों को इनका प्रयोग करने के लिए भी जागरूक किया जा रहा है। बावजूद इसके लोग इसके प्रति गंभीर नहीं है, जिसे देखते हुए जिला प्रशासन के निर्देश पर प्रत्येक ग्राम पंचायत में परिषदीय विद्यालयों से 8-14 वर्ष के 10 बच्चों को शामिल करने का निर्णय लिया गया है। बाल सेना के नाम से चयनित यह बच्चे खुले में शौच जाने वाले लोगों की निगरानी करेंगे। उन्हें स्वच्छता का पाठ पढ़ाएंगे।
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जिलाधिकारी के निर्देश पर, शिक्षा विभाग की ओर से जिले की 640 ग्राम पंचायतों के परिषदीय स्कूलों से 6400 बच्चों का चयन किया है। बच्चों को स्वच्छता अभियान के तहत स्लोगन लिखे हुए जैकेट, टोपी, टार्च व सीटी उपलब्ध कराई जाएगी। बच्चे इसे पहनकर सुबह व शाम को जहां निगरानी करेंगे वहीं लोगों को खुले में शौच जाने के दुष्परिणाम के बारे में भी बताएंगे।
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शिक्षा विभाग की ओर से उन्हें 640 ग्राम पंचायतों से 6400 बच्चों की सूची उपलब्ध करा दी गई है, जिनके लिए जैकेट, टार्च, टोपी व सीटी आ चुकी हैं, जिन्हें स्कूल के माध्यम से बच्चों में वितरित किया जा रहा है।
डीपीआरओ अजय कुमार
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जिले की सभी ग्राम पंचायतों से बाल सेना के तहत बच्चों का चयन किया गया है। यह लोगों को जागरूक करने के साथ उनकी निगरानी भी करेगी। इसके लिए शिक्षा विभाग के माध्यम से बच्चों को सामग्री वितरित की जा रही है। - राकेश कुमार सिंह, जिलाधिकारी