फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Kanpur News ›   300 crore fine recovered from 28 thousand overloaded trucks in six months in Kanpur

“जुर्माने का रिकॉर्ड”: 28 हजार ओवरलोड ट्रकों पर बड़ी कार्रवाई, छह महीनों में वसूला 300 करोड़ का जुर्माना

Thu, 06 Oct 2022 03:35 PM IST
हिमांशु अवस्थी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर Published by: हिमांशु अवस्थी Updated Thu, 06 Oct 2022 03:35 PM IST
सार

ओवरलोड वाहनों पर प्रशासन का ऐसा डंडा चला है कि ओवरलोडिंग पर जुर्माने का रिकॉर्ड ही बन गया। छह महीने में 28 हजार ट्रकों से 300 करोड़ की जुर्माना वसूला गया है। यह चालान टोल टैक्स से भेजी गई सूची के आधार पर किए गए हैं।

विज्ञापन
300 crore fine recovered from 28 thousand overloaded trucks in six months in Kanpur
ओवरलोड ट्रकों का चालान (फाइल फोटो) - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

कानपुर में खनन में लगे ओवरलोड ट्रकों से वसूले गए जुर्माने ने रिकॉर्ड बना दिया। अप्रैल 2022 से सितंबर तक छह महीने में कानपुर नगर में परिवहन विभाग ने 28 हजार ट्रकों का चालान किया। इनसे करीब 300 करोड़ रुपये राजस्व वसूला गया है। इन ओवरलोड ट्रकों की सूची नंबरों के आधार पर परिवहन विभाग को भेजी गई थी।

विज्ञापन

सबसे ज्यादा घाटमपुर सजेती के अलियापुर टोल टैक्स पर चालान हुए हैं। यहां से हमीरपुर, बांदा, कबरई, महोबा से मौरंग, बालू और गिट्टी लेकर ट्रकों गुजरते हैं। सबसे ज्यादा राजस्व वसूलने में कानपुर नगर जोन के 16 जिलों में पहले नंबर पर है। लक्ष्य का 80 प्रतिशत राजस्व वसूला गया है।
विज्ञापन

टोल पर कैमरों की निगरानी और धर्मकांटा से बढ़ा राजस्व
टोल प्लाजा पर ओवरलोड वाहनों की सीसीटीवी कैमरों से निगरानी और धर्मकांटा से होने वाली तौल की व्यवस्था से जुर्माना बढ़ा है। ओवरलोड वाहनों की सीसीटीवी कैमरों से नंबर प्लेट की फोटो खिंच जाती है।

विज्ञापन
विज्ञापन

इसकी सूची सीधे परिवहन विभाग के मुख्यालय, लखनऊ भेजी जाती है, जो नंबर जिस जिले से संबंधित होता है। वहां के आरटीओ ऑफिस में सूची भेजकर चालान के नोटिस वाहन स्वामियों को भेजे जाते हैं। इसके आधार पर कार्रवाई की जाती है।

बता दें कि पहले आरटीओ ऑफिस की प्रवर्तन टीमें ओवरलोड वाहनों को चेकिंग करती थीं। तब उतनी निगरानी नहीं हो पाती थी। तब लक्ष्य का 30 से 40 प्रतिशत राजस्व ही वसूला जाता था। यही कारण है कि तब कानपुर नगर यूपी के टॉप-50 जिलों में रहता था। अब टॉप-10 में शामिल है।

मौजूदा वित्तीय वर्ष में महज छह महीने में करीब 300 करोड़ रुपये के चालान होना रिकॉर्ड है। हर ओवरलोड वाहन की निगरानी हो रही है और उनके चालान किए जा रहे हैं। टोल टैक्स से ऑनलाइन निगरानी बढ़ी है।  -सुनील दत्त, एआरअीओ प्रवर्तन, कानपुर नगर

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed