सीएम योगी के सख्त तेवराें का नहीं असर, 24 गोवंशों की मौत पर इटावा के एसडीएम बोले मुझे नहीं जानकारी
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गोवंशों की सुरक्षा को लेकर सीएम योगी के तेवर काफी सख्त नजर आ रहे हैं पर इनका अधिकारियों पर कोई असर नहीं दिखाई दे रहा। शायद यही वजह है कि 24 गोवंशों की मौत के बाद भी एसडीएम सदर को इसकी जानकारी तक नहीं है।
इटावा की परैली रमायन गोशाला में तीन दिनों में 24 और गोवंशों ने दम तोड़ दिया है। 13 से अधिक गोवंश बीमार हैं। गोशाला समिति के उपाध्यक्ष की मानें तो ड्यूटी पर तैनात डॉक्टर भी नहीं आते हैं। प्रशासन के आंकड़ों में अब तक यहां दो सौ गोवंशों की मौत हो चुकी है, जबकि ग्रामीणों का कहना है कि यह संख्या छह सौ से ज्यादा है।
परैली रमायन जिले की सबसे बड़ी गोशाला है। इसमें इस समय एक हजार से अधिक गोवंश बंद हैं। ग्रामीणों की मानें तो इन गोवंशों के लिए पर्याप्त इंतजाम नहीं है। बारिश में परिसर का बड़ा हिस्सा दलदल में तब्दील हो चुका है। चारे की कमी और बीमारियों के कारण पिछले दो-तीन दिनों में 24 गोवंशों ने दम तोड़ दिया है, जबकि 13 से अधिक गोवंश बीमार पड़े हैं।
प्रशासन के आंकड़ों में अब तक 200 गोवंश दम तोड़ चुके हैं, ग्रामीणों का दावा अब तक मर चुके हैं 600 से अधिक गोवंश
प्रशासन के आंकड़ों में इस गोशाला में अब तक 200 गोवंशों की मौत हो चुकी है। जबकि, नगला हरी के अमित और अनुज का कहना है कि गोशाला में अब तक 600 से अधिक गोवंशों की जान जा चुकी है। सभी गोवंशों के शवों को बिना पोस्टमार्टम कराए जेसीबी से गड्ढा खोदवाकर दबवा दिया गया है।
भाजपा नेता मनीष यादव पतरे गोशाला संचालन समिति के उपाध्यक्ष हैं। उन्होंने बताया कि दो महीने से मुख्य पशु चिकित्साधिकारी ने भूसे का भुगतान नहीं किया है। जिन डॉक्टरों की ड्यूटी लगाई गई है वे कभी गोशाला नहीं आते हैं। तीन-तीन लाख की लागत से 11 टिनशेड लगे हैं। इसमें केवल पांच लाख का ही भुगतान हुआ है।
पैसा कहां जा रहा है, अधिकारी कुछ बता नहीं रहे हैं। एसडीएम सदर सिद्धार्थ ने कहा परौली रमायन गोशाला में गोवंशों के मरने की जानकारी मुझे नहीं मिली है। जानकारी करवाकर दिखवाएंगे। मुख्य पशु चिकित्साधिकारी डीएस राजपूत बोले तीन चार दिन पहले अलग-अलग तारीखों में चार गोवंशों की मौत हुई थी। उन्हें दफन कर दिया गया था। कल और आज गोवंशों के मरने की कोई सूचना नहीं मिली। भूसा का भुगतान बसरेहर बीडीओ को किया जा चुका है।