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तीन केंद्रों पर गेहूं की 225 बोरियां भीगी
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पुखरायां। जिले में गुरुवार की रात तेज बारिश होेने से खरीद केंद्र डीघ में गोदाम के बाहर रखी गेहूं भरी 150 बोरी भीग गई। वहीं कैलई व रायरामापुर केंद्र में भी गेहूं भरी 75 बोरियां भीग गई। वहीं किसान ट्रैक्टर ट्रॉलियों में लदे बोरों को तिरपाल से ढककर बचाने में रात भर प्रयास करते रहे।
गेहूं की उठान न होने के कारण क्रय केंद्रों में खरीद भी धीमी गति से हो रही है। यही हाल लगभग क्षेत्र के सभी खरीद केंद्रों का है। जहां 20 से 27 किसान ट्रैक्टर ट्रॉली में गेहूं लादे हुए खड़े हैं। किसानों का कहना है कि अब तो रजिस्ट्रेशन कराने के बाद भी गेहूं की खरीद संभव नहीं दिख रही है।
जिले में गुरुवार की रात तेज बारिश होने से क्रय केंद्रों में अफरातफरी मच गई। खरीद केंद्र डीघ में गोदाम के बाहर रखी गेहूं भरी 150 बोरी तथा कैलई व रायरामापुर केंद्र में 75 बोरियां भीग गई। बारिश थमने पर देखा गया तो खरीदे गए गेहूं की बोरियों पर डाला गया तिरपाल हवा में उड़ जाने और नीचे पानी भर जाने से गेहूं भीग गया।
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जहां तिरपाल पड़ा रहा वहां शुक्रवार की सुबह पहुंचे पल्लेदारों ने पानी हटाया। वहीं गेहूं खरीद केंद्रों के बाहर ट्रैक्टर ट्रॉली में गेहूं लादे खड़े किसान रात भर पानी से गेहूं बचाने के प्रयास में जुटे रहे।
लवरसी के प्रत्येक यादव, डीघ के रामचंद्र सोनकर, गोपालपुर के जगत सिंह, नारायणपुर के मेहर सिंह, असेवा के श्यामसुंदर सहित किसानों ने बताया कि वह आठ दिन से ट्रैक्टर ट्रॉली में गेहूं लादे खड़े हैं। बारिश में गेहूं भीग जाता है। तौल हो जाने के इंतजार में खड़े हैं। मौके पर 27 ट्रैक्टर ट्रॉली खड़ी है। खरीद के लिए सिर्फ चार दिन बचे हुए हैं। ऐसे में लग रहा है कि बैरंग लौटना पड़ेगा।
उधर खरीद केंद्र के बाहर मैदान में जलभराव होने के कारण दिन भर वाहन फंसते रहे। डीघ की केंद्र प्रभारी स्वाती वर्मा ने बताया कि अब रजिस्ट्रेशन बंद हैं। अधिकारियों का आदेश है कि जो केंद्र पर ट्रॉलियां खड़ी हैं उनकी तौल कराए जाने के बाद फिर रजिस्ट्रेशन कराए किसानों को बुलाया जाए। ट्रांसपोर्ट का ठेकेदार ट्रक मुहैया नहीं करा पा रहा है। जिससे गोदाम में जगह नहीं है।
बाहर खुले में गेहूं रखना पड़ रहा है। इसके कारण धीमी गति से खरीद हो पा रही है। मौसम खराब होने पर गेहूं को तिरपाल से ढका जा रहा है, जो तेज हवा में उड़ जाता है। वहीं नीचे जलभराव होने पर भी गेहूं भीग रहा है। साधन सहकारी समिति कैलई के सचिव मनोज अवस्थी और रायरामापुर के शैलेंद्र सिंह ने बताया कि 75 बोरियां बाहर रखी होने के कारण भीग गई हैं। जिनको सुरक्षित कराया गया है।
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गेहूं की उठान न होने के कारण क्रय केंद्रों में खरीद भी धीमी गति से हो रही है। यही हाल लगभग क्षेत्र के सभी खरीद केंद्रों का है। जहां 20 से 27 किसान ट्रैक्टर ट्रॉली में गेहूं लादे हुए खड़े हैं। किसानों का कहना है कि अब तो रजिस्ट्रेशन कराने के बाद भी गेहूं की खरीद संभव नहीं दिख रही है।
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जिले में गुरुवार की रात तेज बारिश होने से क्रय केंद्रों में अफरातफरी मच गई। खरीद केंद्र डीघ में गोदाम के बाहर रखी गेहूं भरी 150 बोरी तथा कैलई व रायरामापुर केंद्र में 75 बोरियां भीग गई। बारिश थमने पर देखा गया तो खरीदे गए गेहूं की बोरियों पर डाला गया तिरपाल हवा में उड़ जाने और नीचे पानी भर जाने से गेहूं भीग गया।
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जहां तिरपाल पड़ा रहा वहां शुक्रवार की सुबह पहुंचे पल्लेदारों ने पानी हटाया। वहीं गेहूं खरीद केंद्रों के बाहर ट्रैक्टर ट्रॉली में गेहूं लादे खड़े किसान रात भर पानी से गेहूं बचाने के प्रयास में जुटे रहे।
लवरसी के प्रत्येक यादव, डीघ के रामचंद्र सोनकर, गोपालपुर के जगत सिंह, नारायणपुर के मेहर सिंह, असेवा के श्यामसुंदर सहित किसानों ने बताया कि वह आठ दिन से ट्रैक्टर ट्रॉली में गेहूं लादे खड़े हैं। बारिश में गेहूं भीग जाता है। तौल हो जाने के इंतजार में खड़े हैं। मौके पर 27 ट्रैक्टर ट्रॉली खड़ी है। खरीद के लिए सिर्फ चार दिन बचे हुए हैं। ऐसे में लग रहा है कि बैरंग लौटना पड़ेगा।
उधर खरीद केंद्र के बाहर मैदान में जलभराव होने के कारण दिन भर वाहन फंसते रहे। डीघ की केंद्र प्रभारी स्वाती वर्मा ने बताया कि अब रजिस्ट्रेशन बंद हैं। अधिकारियों का आदेश है कि जो केंद्र पर ट्रॉलियां खड़ी हैं उनकी तौल कराए जाने के बाद फिर रजिस्ट्रेशन कराए किसानों को बुलाया जाए। ट्रांसपोर्ट का ठेकेदार ट्रक मुहैया नहीं करा पा रहा है। जिससे गोदाम में जगह नहीं है।
बाहर खुले में गेहूं रखना पड़ रहा है। इसके कारण धीमी गति से खरीद हो पा रही है। मौसम खराब होने पर गेहूं को तिरपाल से ढका जा रहा है, जो तेज हवा में उड़ जाता है। वहीं नीचे जलभराव होने पर भी गेहूं भीग रहा है। साधन सहकारी समिति कैलई के सचिव मनोज अवस्थी और रायरामापुर के शैलेंद्र सिंह ने बताया कि 75 बोरियां बाहर रखी होने के कारण भीग गई हैं। जिनको सुरक्षित कराया गया है।