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सिकंदरा के रामगंगा नहर में मृत मिले 27 गोवंश
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सिकंदरा(कानपुर देहात)। भूख-प्यास से मर रहे गोवंशों को अब इधर उधर ठिकाने लगाने का भी सिलसिला शुरू हो गया। बीते दिनों आश्रय स्थल में पांच गोवंशों की मौत हो गई, जबकि बुधवार की सुबह क्षेत्र के पिंडार्थू गांव के पास रामगंगा नहर में 27 गोवंशों के शव मिलने से हड़कंप मच गया। खेत गए ग्रामीणों की सूचना की पहुंचे एसडीएम और पुलिस ने शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम कराने के निर्देश दिए। पशु चिकित्सक ने शवों का पोस्टमार्टम कराकर उन्हें नहर के किनारे दफन करवा दिया। रिपोर्ट के मुताबिक, पशुओं की मौत जहर से नहीं, बल्कि निमोनिया और ठंड से होना बताया है। हालांकि इस घटना से ग्रामीणों में रोष भी है।
बीते दिनों मंगोलपुर स्टेडियम से बिलसरायां गांव में बने आश्रय स्थल पर लाए गए पांच गोवंशों की मौत हो गई थी। इस घटना के चौबीस घंटे भी नहीं हुए थे कि बुधवार की सुबह सिकंदरा कस्बे के रामगंगा कमांड नहर में 27 पशुओं के शव मिलने से हड़कंप मच गया। ग्रामीणों ने पुलिस को सूचना दी। पुलिस ने जांच पड़ताल शुरू की। प्रारंभिक जांच में मृत पशुओं में 18 गाय और अन्य पशुओं के शवों की पुष्टि हुई। मौके पर पहुंची एसडीएम विजेता सिंह ने पशु चिकित्सक को बुलाने के निर्देश दिए। मौके पर पहुंचे पशु चिकित्सक ने 4 गाय, 5 साड़, तीन बछड़ों के साथ ही भैंस, पड़ियां व पड़वा के शवों का पोस्टमार्टम किया। इसके बाद सभी शवों को नहर के किनारे जेसीबी से गड्ढा खुदवाकर दफना दिया गया।
पशु चिकित्सक देवेंद्र सचान ने बताया कि 27 पशुओं के शवों को पोस्टमार्टम किया गया था, जिसमें 12 गोवंश थे। बताया कि प्रारंभिक जांच में जहर से मरने की पुष्टि नहीं हुई है। निमोनिया, सर्दी लगना व पेट फूलने से मौत होना पाया गया है।
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ग्रामीणों की माने तो शव से ज्यादा बदबू नहीं आने से चौबीस घंटे के आसपास ही पशुओं की मौत होना माना जा रहा है। ग्रामीणों ने बताया कि साहनीपुर गांव के पास नहर में पानी सतह पर होने के कारण बह कर पशुओं के आने का सवाल ही नहीं उठता।
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बीते दिनों मंगोलपुर स्टेडियम से बिलसरायां गांव में बने आश्रय स्थल पर लाए गए पांच गोवंशों की मौत हो गई थी। इस घटना के चौबीस घंटे भी नहीं हुए थे कि बुधवार की सुबह सिकंदरा कस्बे के रामगंगा कमांड नहर में 27 पशुओं के शव मिलने से हड़कंप मच गया। ग्रामीणों ने पुलिस को सूचना दी। पुलिस ने जांच पड़ताल शुरू की। प्रारंभिक जांच में मृत पशुओं में 18 गाय और अन्य पशुओं के शवों की पुष्टि हुई। मौके पर पहुंची एसडीएम विजेता सिंह ने पशु चिकित्सक को बुलाने के निर्देश दिए। मौके पर पहुंचे पशु चिकित्सक ने 4 गाय, 5 साड़, तीन बछड़ों के साथ ही भैंस, पड़ियां व पड़वा के शवों का पोस्टमार्टम किया। इसके बाद सभी शवों को नहर के किनारे जेसीबी से गड्ढा खुदवाकर दफना दिया गया।
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पशु चिकित्सक देवेंद्र सचान ने बताया कि 27 पशुओं के शवों को पोस्टमार्टम किया गया था, जिसमें 12 गोवंश थे। बताया कि प्रारंभिक जांच में जहर से मरने की पुष्टि नहीं हुई है। निमोनिया, सर्दी लगना व पेट फूलने से मौत होना पाया गया है।
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ग्रामीणों की माने तो शव से ज्यादा बदबू नहीं आने से चौबीस घंटे के आसपास ही पशुओं की मौत होना माना जा रहा है। ग्रामीणों ने बताया कि साहनीपुर गांव के पास नहर में पानी सतह पर होने के कारण बह कर पशुओं के आने का सवाल ही नहीं उठता।