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मिलावटी दूध में छह माह की सज बरकरार
Updated Wed, 01 Nov 2017 11:58 PM IST
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फर्रुखाबाद। मिलावटी दूध बेचने के आरोप में दूधिया को निचली अदालत से सुनाई गई सजा को उच्च न्यायालय ने बरकरार रखा है। उच्च न्यायालय से जारी वारंट पर दूधिये को कोर्ट में पेश किया गया। अपर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट ने मुल्जिम को जेल भेज दिया है।
कन्नौज के छिबरामऊ के गांव भुलभुलियापुर निवासी मलिखान सिंह को खाद्य निरीक्षक आरसी द्विवेदी ने 13 अगस्त 1993 को मिलावट दूध बेचते पकड़ा था। मुकदमे में एसीजेएम प्रथम ने 8 जनवरी 1996 को खाद्य अपमिश्रण निवारण अधिनियम के तहत दोष सिद्ध होने पर मुल्जिम को छह माह की सजा सुनाई थी। साथ ही हजार रुपये जुर्माना भरने का आदेश दिया था। याची के अधिवक्ता ने निचली अदालत के फैसले के खिलाफ जिला जज की अदालत में अपील दायर
की थी। अपर एवं सत्र न्यायालय ने अपील खारिज कर अधीनस्थ न्यायालय के निर्णय को सही ठहराया था। बाद में इस आदेश के खिलाफ उच्च न्यायालय मेें दोबारा याचिका दाखिल की गई। सुनवाई के बाद उच्च न्यायालय ने याचिका को खारिज कर अधीनस्थ न्यायालय से सुनाई गई सजा को बरकरार कर दिया।
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मिलावटी दूध में छह माह की सजा बरकरार
सजा के खिलाफ हाईकोर्ट में दाखिल की थी याचिका, खारिज
अमर उजाला ब्यूरो
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कन्नौज के छिबरामऊ के गांव भुलभुलियापुर निवासी मलिखान सिंह को खाद्य निरीक्षक आरसी द्विवेदी ने 13 अगस्त 1993 को मिलावट दूध बेचते पकड़ा था। मुकदमे में एसीजेएम प्रथम ने 8 जनवरी 1996 को खाद्य अपमिश्रण निवारण अधिनियम के तहत दोष सिद्ध होने पर मुल्जिम को छह माह की सजा सुनाई थी। साथ ही हजार रुपये जुर्माना भरने का आदेश दिया था। याची के अधिवक्ता ने निचली अदालत के फैसले के खिलाफ जिला जज की अदालत में अपील दायर
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की थी। अपर एवं सत्र न्यायालय ने अपील खारिज कर अधीनस्थ न्यायालय के निर्णय को सही ठहराया था। बाद में इस आदेश के खिलाफ उच्च न्यायालय मेें दोबारा याचिका दाखिल की गई। सुनवाई के बाद उच्च न्यायालय ने याचिका को खारिज कर अधीनस्थ न्यायालय से सुनाई गई सजा को बरकरार कर दिया।
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मिलावटी दूध में छह माह की सजा बरकरार
सजा के खिलाफ हाईकोर्ट में दाखिल की थी याचिका, खारिज
अमर उजाला ब्यूरो