ठंड का कहर: कानपुर में 24 घंटे में हार्ट अटैक से 21 व ब्रेन अटैक से पांच की मौत, ऐसे करें बचाव
ठंड दिल और दिमाग दोनों पर भारी पड़ रही है। गलन की वजह से नसों में सिकुड़न आने से ब्लड प्रेशर उछाल मार रहा है। नसों में खून का थक्का जमने से हार्ट और ब्रेन अटैक पड़ रहा है।
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कानपुर में पांच दिन से पड़ रही भीषण ठंड जानलेवा हो गई है। मंगलवार को हार्ट अटैक से 10, ब्रेन अटैक से तीन की मौत हो गई। वहीं 24 घंटे में हार्ट अटैक से 21 व ब्रेन अटैक से पांच की मौत हो चुकी है। यह आंकड़ा कार्डियोलॉजी इंस्टीट्यूट और हैलट इमरजेंसी में आए रोगियों का है। ये मौतें सोमवार से लेकर मंगलवार शाम चार बजे के बीच की हैं।
वैसे तो ठंड और प्रदूषण के कारण और भी मौतें हुई हैं। कुछ लोगों की मौत निजी अस्पतालों में इलाज के दौरान हुई तो कुछ की घर में। ज्यादातर रोगियों की मौत ब्लड प्रेशर बढ़ जाने के कारण हुई। इसके अलावा कार्डियोलॉजी और हैलट इमरजेंसी में गंभीर रोगियों को भर्ती किया गया। बहुत से रोगियों को अचानक बेहोशी आ गई और गिर गए। कार्डियोलॉजी इंस्टीट्यूट के कंट्रोल रूम की सूचना के मुताबिक मंगलवार सुबह नौ बजे से शाम चार बजे तक इंस्टीट्यूट की इमरजेंसी में पांच हृदय रोगी मृत हालत में आए।
इसके अलावा ठंड लगने के कारण गंभीर हालत में अस्पताल में भर्ती हुए पांच रोगियों की मौत हो गई। 118 रोगियों को गंभीर हालत में इमरजेंसी में देखा गया। ओपीडी मिलाकर कुल 727 रोगी देखे गए। सोमवार को यहां 11 रोगियों की मौत हुई थी। कार्डियोलॉजी के निदेशक प्रोफेसर विनय कृष्णा ने बताया कि हाइपरटेंशन और हृदय के रोगी ठंड से बचाव करें। ब्रेन अटैक से सोमवार को दो रोगियों की मौत हुई थी और मंगलवार को तीन की और मौत हो गईं।
15 रोगियों को न्यूरो साइंसेस में भर्ती किया गया है। मंगलवार को बर्रा के गिरधरलाल (54), चकेरी के दिनकर (48) और जाजमऊ के निजाम (65) को एंबुलेंस में हैलट लाया गया। लेकिन रोगियों की रास्ते में ही मौत हो गई। जीएसवीएम मेडिकल कॉलेज के न्यूरो साइंसेज विभाग प्रमुख डॉ. मनीष सिंह का कहना है कि ब्रेन अटैक के रोगियों की संख्या आम दिनों से तीन गुना अधिक हो गई है। ज्यादातर को ब्लडप्रेशर हाई होने के बाद अटैक पड़ा था।
- ब्लड प्रेशर नियंत्रित रखें, दवा की खुराक दुरुस्त कराएं।
- लंबे समय तक गैस बन रही है तो डॉक्टर को दिखा लें।
- छाती के दाएं तरफ भारीपन है तो डॉक्टर से जांच करा लें।
- रात को खाना खाने के बाद तुरंत न सोएं।
- रात को सादा, पौष्टिक और हल्का खाना लें।
- गर्म कमरे से अचानक ठंड में न आएं।