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सिख दंगे: हत्या-डकैती के 35 मामलों की पुन: जांच, एसआईटी ने बनाई सूची, मजिस्ट्रेट दर्ज करेंगे बयान
Fri, 14 Jun 2019 09:17 PM IST
प्रभापुंज मिश्रा
यूपी डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
यूपी डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
Published by: प्रभापुंज मिश्रा
Updated Fri, 14 Jun 2019 09:17 PM IST
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सिख दंगों की जांच के लिए एसआईटी करेगी 35 मामलों की पुन: जांच
84 के सिख दंगों की जांच के लिए गठित एसआईटी (स्पेशल इन्वेस्टीगेशन टीम) शहर के 35 मामलों की पुन: विवेचना करेगी। इनमें हत्या और डकैती जैसे संगीन धाराओं में मुकदमे दर्ज हुए थे। एसआईटी ने इन मामलों की सूची तैयार कर ली है। टीम कोर्ट से अनुमति लेकर अब इन मामलों की फाइलें देखेगी। पीड़ित परिवार के घर जाकर बयान और साक्ष्य जुटाएगी।
गवाहों के मजिस्ट्रेट के सामने बयान दर्ज कराएगी। फिर जिन मामलों की पुन: फाइल खोलने की जरूरत होगी, उसके लिए शासन से अनुमति लेकर एसआईटी कोर्ट में अपील करेगी। 1984 में पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांघी की हत्या के बाद शहर में दंगा हुआ था। इसमें 127 सिखों की मौत हुई थी। शहर के थानों में 1254 एफआईआर दर्ज हुई थीं।
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गवाहों के मजिस्ट्रेट के सामने बयान दर्ज कराएगी। फिर जिन मामलों की पुन: फाइल खोलने की जरूरत होगी, उसके लिए शासन से अनुमति लेकर एसआईटी कोर्ट में अपील करेगी। 1984 में पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांघी की हत्या के बाद शहर में दंगा हुआ था। इसमें 127 सिखों की मौत हुई थी। शहर के थानों में 1254 एफआईआर दर्ज हुई थीं।
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केवल 153 केसों में आरोपियों के खिलाफ कोर्ट में आरोप पत्र दाखिल किया गया। हत्या और डकैती के 39 मामलों में से 35 में एफआर और चार में चार्जशीट दाखिल हुई थी। इसमें दो मामलों में आरोपियों को कोर्ट से सजा भी हो चुकी है। बाकी 1101 घटनाओं में विवेचक हत्यारों और लुटेरों का पता नहीं लगा सके थे। इन सभी मामलों में एफआर (फाइनल रिपोर्ट) लगा दी गई थी।
अब एसपी एसआईटी बालेंदु भूषण ने दोबारा जांच शुरू कर दी है। सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर कानपुर में हुए सिख दंगों की जांच के लिए पूर्व डीजी अतुल कुमार की अध्यक्षता में चार सदस्यीय एसआईटी का गठन किया गया है। कानपुर नगर और देहात में तैनात 33 पुलिसकर्मियों को एसआईटी से संबद्ध किया गया है। लेकिन सिर्फ दो दरोगा और तीन-चार सिपाहियों ने ही एसआईटी में ज्वाइन किया है।
एसपी एसआईटी बालेंदु भूषण ने बताया कि इस बारे में एसएसपी अनंत देव और एसपी देहात अनुराग वत्स से बात की गई है। सभी पुलिसकर्मियों के ज्वाइन करने के बाद वह खुद घटनास्थल का मुआयना और पीड़ित परिवार से पूछताछ करेंगे। कोर्ट में गवाहों के बयान दर्ज कराकर कार्रवाई तय करेंगे।
अब एसपी एसआईटी बालेंदु भूषण ने दोबारा जांच शुरू कर दी है। सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर कानपुर में हुए सिख दंगों की जांच के लिए पूर्व डीजी अतुल कुमार की अध्यक्षता में चार सदस्यीय एसआईटी का गठन किया गया है। कानपुर नगर और देहात में तैनात 33 पुलिसकर्मियों को एसआईटी से संबद्ध किया गया है। लेकिन सिर्फ दो दरोगा और तीन-चार सिपाहियों ने ही एसआईटी में ज्वाइन किया है।
एसपी एसआईटी बालेंदु भूषण ने बताया कि इस बारे में एसएसपी अनंत देव और एसपी देहात अनुराग वत्स से बात की गई है। सभी पुलिसकर्मियों के ज्वाइन करने के बाद वह खुद घटनास्थल का मुआयना और पीड़ित परिवार से पूछताछ करेंगे। कोर्ट में गवाहों के बयान दर्ज कराकर कार्रवाई तय करेंगे।