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नदी में बालिका को खींच ले गया मगरमच्छ
Updated Mon, 22 Oct 2018 12:22 AM IST
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सजेती (कानपुर)। थानाक्षेत्र के अकबरपुर बीरबल गांव में रविवार दोपहर यमुना नदी में सहेलियों के साथ स्नान करने गई एक बालिका को मगरमच्छ खींच ले गया। पुलिस और वन विभाग की टीमें पहुंचीं। नाव, जाल और से तलाश करवाई लेकिन बालिका का कहीं सुराग हाथ नहीं लगा। घटना से गांव के लोग भयभीत हैं।
रविवार दोपहर गांव निवासी उमाशंकर निषाद की दो बेटियां अंशिका (11) और कोमल (9) गांव की ही लक्ष्मी (10) और श्रद्धा (11) के साथ यमुना में नहा रही थीं। अचानक पानी से एक भारी-भरकम मगरमच्छ निकला और अंशिका को अपने जबड़े में भींचकर पानी के अंदर गोता लगा गया। मगरमच्छ के जबड़े में फंसी अंशिका ने बचाओ-बचाओ की आवाज लगाई तो उसकी बहन और दोनों सहेलियां जल्दी से पानी के बाहर निकलीं और शोर मचाया। बाद में गांव वाले पहुंचे। वन क्षेत्राधिकारी (घाटमपुर) आरपी प्रजापति, डिप्टी रेंजर अरुण कुमार अवस्थी और धीरज तिवारी, सजेती थानाध्यक्ष राजेंद्र रावत पहुंचे। जाल डालकर और गोताखोरों से कई घंटे खोजबीन कराई लेकिन अंशिका का कहीं पता नहीं चला। वन क्षेत्राधिकारी ने बताया कि वैसे तो मगरमच्छ गंगा नदी में अधिक मिलते हैं। यमुना नदी में घड़ियाल पाए जाते हैं। लेकिन इस बार बारिश अच्छी होने से चारों तरफ बाढ़ आई थी, जिसके चलते मगरमच्छ यमुना में कहीं से आ गया होगा। ग्राम प्रधान पति बलवंत निषाद ने बताया कि यमुना नदी में मगरमच्छ करीब डेढ़ महीने से देखा जा रहा है।
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रविवार दोपहर गांव निवासी उमाशंकर निषाद की दो बेटियां अंशिका (11) और कोमल (9) गांव की ही लक्ष्मी (10) और श्रद्धा (11) के साथ यमुना में नहा रही थीं। अचानक पानी से एक भारी-भरकम मगरमच्छ निकला और अंशिका को अपने जबड़े में भींचकर पानी के अंदर गोता लगा गया। मगरमच्छ के जबड़े में फंसी अंशिका ने बचाओ-बचाओ की आवाज लगाई तो उसकी बहन और दोनों सहेलियां जल्दी से पानी के बाहर निकलीं और शोर मचाया। बाद में गांव वाले पहुंचे। वन क्षेत्राधिकारी (घाटमपुर) आरपी प्रजापति, डिप्टी रेंजर अरुण कुमार अवस्थी और धीरज तिवारी, सजेती थानाध्यक्ष राजेंद्र रावत पहुंचे। जाल डालकर और गोताखोरों से कई घंटे खोजबीन कराई लेकिन अंशिका का कहीं पता नहीं चला। वन क्षेत्राधिकारी ने बताया कि वैसे तो मगरमच्छ गंगा नदी में अधिक मिलते हैं। यमुना नदी में घड़ियाल पाए जाते हैं। लेकिन इस बार बारिश अच्छी होने से चारों तरफ बाढ़ आई थी, जिसके चलते मगरमच्छ यमुना में कहीं से आ गया होगा। ग्राम प्रधान पति बलवंत निषाद ने बताया कि यमुना नदी में मगरमच्छ करीब डेढ़ महीने से देखा जा रहा है।
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