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लोहिया आ वास में भ्रष्टाचार
Updated Tue, 05 Sep 2017 11:12 PM IST
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अमर उजाला ब्यूरो
हरदोई।
सपा शासनकाल की लोहिया आवास योजना में 35 लाख रुपये से अधिक के गबन का मामला सामने आया है। ग्राम प्रधान ने अपने एक सहयोगी के साथ मिलकर लाभार्थियों के बैंक खातों में भेजी गयी पहली किस्त निकाल ली। जिस कारण लाभार्थियों ने आवास निर्माण ही नहीं कराया। मामले की शिकायत अधिकारियों से हुई तो जांच कराई गयी। जांच में पता चला कि कुल 30 के सापेक्ष 28 लाभार्थियों के बैंक खातों से रुपया निकालकर प्रधान ने अपने साथी के साथ हड़प लिया। जांच रिपोर्ट मिलने के बाद एडीओ पंचायत की तहरीर पर ग्राम प्रधान और उसके सहयोगी के विरुद्ध देहात कोतवाली में एफआईआर दर्ज करायी गयी है।
अहिरोरी विकास खंड की ग्राम पंचायत मंगोलापुर का चयन वर्ष 2015-16 में लोहिया समग्र ग्राम विकास योजना के तहत किया गया था। लोहिया आवास योजना के तहत गांव में 30 पात्रों का चयन लाभ देने के लिए किया गया था। भवन निर्माण के लिए पहली किस्त के रूप में 1,27,500 रुपये प्रत्येक लाभार्थी के बैंक खातों में भेजे गए थे। ग्राम प्रधान मोहम्मद इकबाल ने अपने सहयोगी टड़ियावां थाना क्षेत्र के परसनी गांव निवासी सलमान के साथ मिलकर 28 लाभार्थियों को बैंक ले जाकर लोहिया आवास योजना के तहत मिली पहली किस्त निकाला ली। यह पूरा धन ग्राम प्रधान ने ले लिया। इसी प्रकरण की शिकायत की गयी। अहिरोरी के बीडीओ का प्रभार देख रहे उपायुक्त स्वत: रोजगार एसके गुप्ता ने मंगोलापुर जाकर मामले की जांच की। जांच के दौरान पता चला कि 28 लाभार्थियों को ग्राम प्रधान ने कुछ ईटें, मौरंग, बालू और सरिया दी थी लेकिन यह इतनी नहीं थी कि आवास का निर्माण कराया जा सके। उधर, दूसरी ओर लाभार्थियों ने भी धन न मिलने के कारण आवास निर्माण में रुचि नहीं दिखाई। इस कारण अधिकतर आवास सिर्फ नींव भरकर ही रह गए। उपायुक्त ने बताया कि जांच के दौरान शिकायत सही मिलने पर एडीओ पंचायत लालबिहारी को प्रकरण में एफआईआर दर्ज कराने के निर्देश दिए गए हैं। एडीओ पंचायत ने मंगलवार को कोतवाली देहात में ग्राम प्रधान इकबाल और उनके सहयोगी सलमान के विरुद्ध सरकारी धन के गबन की रिपोर्ट दर्ज करायी है।
इनसेट
दो हजार रुपये प्रति आवास मिलते थे सलमान को
जांच अधिकारी एसके गुप्ता ने बताया कि ग्राम प्रधान लगातार पर्दे के पीछे से ही कार्रवाई करने की कोशिश करता था। अपने सहयोगी सलमान को ही लाभार्थियों के साथ बैंक भेजता था। धन आहरण का फार्म भरने से लेकर धन निकालने तक की जिम्मेदारी सलमान ही पूरी करता था। प्रत्येक आवास पर सलमान को 2000 रुपये ग्राम प्रधान की ओर से मिलते थे।
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- लोहिया आवास में 35 लाख का गबन , प्रधान समेत दो पर रिपोर्ट
- अहिरोरी विकास खंड की मंगोलापुर ग्राम पंचायत का मामला
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हरदोई।
सपा शासनकाल की लोहिया आवास योजना में 35 लाख रुपये से अधिक के गबन का मामला सामने आया है। ग्राम प्रधान ने अपने एक सहयोगी के साथ मिलकर लाभार्थियों के बैंक खातों में भेजी गयी पहली किस्त निकाल ली। जिस कारण लाभार्थियों ने आवास निर्माण ही नहीं कराया। मामले की शिकायत अधिकारियों से हुई तो जांच कराई गयी। जांच में पता चला कि कुल 30 के सापेक्ष 28 लाभार्थियों के बैंक खातों से रुपया निकालकर प्रधान ने अपने साथी के साथ हड़प लिया। जांच रिपोर्ट मिलने के बाद एडीओ पंचायत की तहरीर पर ग्राम प्रधान और उसके सहयोगी के विरुद्ध देहात कोतवाली में एफआईआर दर्ज करायी गयी है।
अहिरोरी विकास खंड की ग्राम पंचायत मंगोलापुर का चयन वर्ष 2015-16 में लोहिया समग्र ग्राम विकास योजना के तहत किया गया था। लोहिया आवास योजना के तहत गांव में 30 पात्रों का चयन लाभ देने के लिए किया गया था। भवन निर्माण के लिए पहली किस्त के रूप में 1,27,500 रुपये प्रत्येक लाभार्थी के बैंक खातों में भेजे गए थे। ग्राम प्रधान मोहम्मद इकबाल ने अपने सहयोगी टड़ियावां थाना क्षेत्र के परसनी गांव निवासी सलमान के साथ मिलकर 28 लाभार्थियों को बैंक ले जाकर लोहिया आवास योजना के तहत मिली पहली किस्त निकाला ली। यह पूरा धन ग्राम प्रधान ने ले लिया। इसी प्रकरण की शिकायत की गयी। अहिरोरी के बीडीओ का प्रभार देख रहे उपायुक्त स्वत: रोजगार एसके गुप्ता ने मंगोलापुर जाकर मामले की जांच की। जांच के दौरान पता चला कि 28 लाभार्थियों को ग्राम प्रधान ने कुछ ईटें, मौरंग, बालू और सरिया दी थी लेकिन यह इतनी नहीं थी कि आवास का निर्माण कराया जा सके। उधर, दूसरी ओर लाभार्थियों ने भी धन न मिलने के कारण आवास निर्माण में रुचि नहीं दिखाई। इस कारण अधिकतर आवास सिर्फ नींव भरकर ही रह गए। उपायुक्त ने बताया कि जांच के दौरान शिकायत सही मिलने पर एडीओ पंचायत लालबिहारी को प्रकरण में एफआईआर दर्ज कराने के निर्देश दिए गए हैं। एडीओ पंचायत ने मंगलवार को कोतवाली देहात में ग्राम प्रधान इकबाल और उनके सहयोगी सलमान के विरुद्ध सरकारी धन के गबन की रिपोर्ट दर्ज करायी है।
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दो हजार रुपये प्रति आवास मिलते थे सलमान को
जांच अधिकारी एसके गुप्ता ने बताया कि ग्राम प्रधान लगातार पर्दे के पीछे से ही कार्रवाई करने की कोशिश करता था। अपने सहयोगी सलमान को ही लाभार्थियों के साथ बैंक भेजता था। धन आहरण का फार्म भरने से लेकर धन निकालने तक की जिम्मेदारी सलमान ही पूरी करता था। प्रत्येक आवास पर सलमान को 2000 रुपये ग्राम प्रधान की ओर से मिलते थे।
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- लोहिया आवास में 35 लाख का गबन , प्रधान समेत दो पर रिपोर्ट
- अहिरोरी विकास खंड की मंगोलापुर ग्राम पंचायत का मामला