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जीएसटी: अब टैक्स इनवाइस बनी व्यापारियों की मुसीबत
Updated Thu, 06 Jul 2017 12:39 AM IST
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उन्नाव। वैट के नियमों का अस्तित्व समाप्त होने और अब गुड्स एंड सर्विसेज टैक्स (जीएसटी) के प्रभावी होने के बाद व्यापारियों के लिए टैक्स इनवाइस बड़ी मुसीबत बनकर सामने आएगी। विभाग की ओर से जीएसटी के प्रभावी होने के पांच दिन बाद तक टैक्स इनवाइस का फार्मेट निर्धारित न होने से यह समस्या व्यापारियों के सामने है।
हालांकि विभागीय अफसर इसके लिए अन्य विकल्प तो बता रहे हैं, लेकिन इनवाइस को लेकर व्यापारियों में अभी भी असमंजस की स्थिति है।
जीएसटी के नियमों के अनुसार इसमें पंजीकृत व्यापारियों को अपनी हर बिक्री (कर योग्य माल पर) के साथ टैक्स इनवाइस भी जारी करनी है। इसमें विक्रेता का नाम, पता, जीएसटीआई नंबर, 16 अंकों का इनवाइस क्रमांक, क्रेता का नाम, उसका पता व उसका जीएसटीआई नंबर (अगर वह पंजीकृत है तो), इनवाइस जारी करने की तिथि, वस्तुओं व सेवाओं का विवरण जिसमें मात्रा, इकाई व उसकी कीमत, कर की दर व वसूले गए कर की राशि, माल की डिलीवरी का स्थान व पता, विक्रेता व उसके अधिकृत प्रतिनिधि के हस्ताक्षर का भी होना आवश्यक है।
विभाग की ओर से टैक्स इनवाइस को हर बिक्री के साथ जारी करने के निर्देश तो दे दिए गए हैं, लेकिन जीएसटी के प्रभावी होने के पांच दिन बाद भी इसका फार्मेट तक जारी नहीं किया गया है। जिले के कई व्यापारिक संगठनों व व्यवसायियों ने विभागीय अफसरों से जब इसका निदान पूछा तो कोई भी अधिकारी इसका सही जवाब नहीं दे सका।
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नोडल अफसर का तबादला होने और अन्य किसी अफसर के सही जानकारी न दे पाने से इसकी जानकारी कमिश्नर वाणिज्य कर मुकेश कुमर मेश्राम से ली गई। इस पर कमिश्नर ने जोन के एडिश्नर कमिश्नर को जीएसटी व्यवस्था के तहत इनवाइस जारी करने दिशा निर्देश जारी करते हुए एक जुलाई से जीएसटी लागू होने के बाद फील्ड स्तर से व्यापारियों व व्यापारिक संगठनों ने पूछा है कि उन्हें जीएसटी व्यवस्था के अंतर्गत इनवाइस कैसे जारी की जानी है।
इस बारे में उन्हें बताया जाए कि अभी तक माल एवं सेवाकर अधिनियम 2017 के प्रावधानों में इनवाइस जारी किए जाने के लिए कोई भी फार्मेट निर्धारित नहीं किया गया है। इसलिए सभी व्यापारियों की समस्याओं को हेल्प डेस्क के माध्यम से और खुद उनसे बात करके दूर करें।
-वाणिज्य कर कमिश्नर ने एडिश्नर कमिश्नर को जारी किए आदेश
-कमिश्नर ने व्यापारियों की समस्याओं को हेल्प डेस्क व बातचीत से दूर करने के दिए निर्देश
अमर उजाला ब्यूरो
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हालांकि विभागीय अफसर इसके लिए अन्य विकल्प तो बता रहे हैं, लेकिन इनवाइस को लेकर व्यापारियों में अभी भी असमंजस की स्थिति है।
जीएसटी के नियमों के अनुसार इसमें पंजीकृत व्यापारियों को अपनी हर बिक्री (कर योग्य माल पर) के साथ टैक्स इनवाइस भी जारी करनी है। इसमें विक्रेता का नाम, पता, जीएसटीआई नंबर, 16 अंकों का इनवाइस क्रमांक, क्रेता का नाम, उसका पता व उसका जीएसटीआई नंबर (अगर वह पंजीकृत है तो), इनवाइस जारी करने की तिथि, वस्तुओं व सेवाओं का विवरण जिसमें मात्रा, इकाई व उसकी कीमत, कर की दर व वसूले गए कर की राशि, माल की डिलीवरी का स्थान व पता, विक्रेता व उसके अधिकृत प्रतिनिधि के हस्ताक्षर का भी होना आवश्यक है।
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विभाग की ओर से टैक्स इनवाइस को हर बिक्री के साथ जारी करने के निर्देश तो दे दिए गए हैं, लेकिन जीएसटी के प्रभावी होने के पांच दिन बाद भी इसका फार्मेट तक जारी नहीं किया गया है। जिले के कई व्यापारिक संगठनों व व्यवसायियों ने विभागीय अफसरों से जब इसका निदान पूछा तो कोई भी अधिकारी इसका सही जवाब नहीं दे सका।
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नोडल अफसर का तबादला होने और अन्य किसी अफसर के सही जानकारी न दे पाने से इसकी जानकारी कमिश्नर वाणिज्य कर मुकेश कुमर मेश्राम से ली गई। इस पर कमिश्नर ने जोन के एडिश्नर कमिश्नर को जीएसटी व्यवस्था के तहत इनवाइस जारी करने दिशा निर्देश जारी करते हुए एक जुलाई से जीएसटी लागू होने के बाद फील्ड स्तर से व्यापारियों व व्यापारिक संगठनों ने पूछा है कि उन्हें जीएसटी व्यवस्था के अंतर्गत इनवाइस कैसे जारी की जानी है।
इस बारे में उन्हें बताया जाए कि अभी तक माल एवं सेवाकर अधिनियम 2017 के प्रावधानों में इनवाइस जारी किए जाने के लिए कोई भी फार्मेट निर्धारित नहीं किया गया है। इसलिए सभी व्यापारियों की समस्याओं को हेल्प डेस्क के माध्यम से और खुद उनसे बात करके दूर करें।
-वाणिज्य कर कमिश्नर ने एडिश्नर कमिश्नर को जारी किए आदेश
-कमिश्नर ने व्यापारियों की समस्याओं को हेल्प डेस्क व बातचीत से दूर करने के दिए निर्देश
अमर उजाला ब्यूरो