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वन्य जीवों के तस्करों की पहचान के बताए तरीके
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नवाबगंज । वन्य जीव अपराध नियंत्रण ब्यूरो की कार्यशाला नवाबगंज के शहीद चंद्रशेखर आजाद पक्षी विहार में हुई। इसमें वन्य जीवों की तस्करी रोकने व तस्करों की शिनाख्त करने के संबंध में जानकारी दी गई।
ब्यूरो निदेशक केराय चौधरी ने बताया कि गुरुवार को उनकी टीम ने लखनऊ के अमौसी एयरपोर्ट पर सीआईएसएफ के जवानों व कस्टम अफसरों के साथ बैठक कर उन्हें जीवों की तस्करी करने वाले लोगों की पहचान करने के तरीके बताए थे। एयरपोर्ट पर आमतौर पर तो सुरक्षा मानकों को लेकर लगेज व यात्रियों की स्कैनिंग की जाती है लेकिन कभी-कभी जीवों की तस्करी करने वाले लोग बावजूद इसके भी जीव अंगों के ले जाने में सफ ल हो जाते हैं।
इसकी मुख्य वजह होती है कि तस्कर अक्सर हाथी दांत, कछुआ या शेर की खाल आदि में ऐसी लेयर व केमिकल का प्रयोग करते है जो स्कैनिंग के दौरान कलर बदल देती है। जिससे सुरक्षाकर्मी धोखा खा जाते हैं। वहीं तस्कर हाथी दांत की तस्करी के लिए मूर्तियों का प्रयोग करते हैं। वाइल्ड लाइफ के प्रधान मुख्य वन संरक्षक सुनील पांडेय ने प्रोजेक्टर के माध्यम से वाइल्ड लाइफ एक्ट के तहत पशुओं की तस्करी करने व उनके शिकार करने पर मिलने वाली सजा की जानकारी दी। इस दौरान कंजरवेटर एचवी गिरीश, नवाबगंज रेंज के अतिरिक्त प्रभारी मयंक सिंह व दरोगा रमाकांत बरनवाल मौजूद रहे।
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-वन्य जीव अपराध नियंत्रण ब्यूरो ने नवाबगंज के पक्षी विहार में आयोजित की कार्यशाला
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ब्यूरो निदेशक केराय चौधरी ने बताया कि गुरुवार को उनकी टीम ने लखनऊ के अमौसी एयरपोर्ट पर सीआईएसएफ के जवानों व कस्टम अफसरों के साथ बैठक कर उन्हें जीवों की तस्करी करने वाले लोगों की पहचान करने के तरीके बताए थे। एयरपोर्ट पर आमतौर पर तो सुरक्षा मानकों को लेकर लगेज व यात्रियों की स्कैनिंग की जाती है लेकिन कभी-कभी जीवों की तस्करी करने वाले लोग बावजूद इसके भी जीव अंगों के ले जाने में सफ ल हो जाते हैं।
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इसकी मुख्य वजह होती है कि तस्कर अक्सर हाथी दांत, कछुआ या शेर की खाल आदि में ऐसी लेयर व केमिकल का प्रयोग करते है जो स्कैनिंग के दौरान कलर बदल देती है। जिससे सुरक्षाकर्मी धोखा खा जाते हैं। वहीं तस्कर हाथी दांत की तस्करी के लिए मूर्तियों का प्रयोग करते हैं। वाइल्ड लाइफ के प्रधान मुख्य वन संरक्षक सुनील पांडेय ने प्रोजेक्टर के माध्यम से वाइल्ड लाइफ एक्ट के तहत पशुओं की तस्करी करने व उनके शिकार करने पर मिलने वाली सजा की जानकारी दी। इस दौरान कंजरवेटर एचवी गिरीश, नवाबगंज रेंज के अतिरिक्त प्रभारी मयंक सिंह व दरोगा रमाकांत बरनवाल मौजूद रहे।
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-वन्य जीव अपराध नियंत्रण ब्यूरो ने नवाबगंज के पक्षी विहार में आयोजित की कार्यशाला