{"_id":"5c155530bdec2253e504787b","slug":"171544901936-kanpur-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"साबरमती का इंजन फेल, झांसी-कानपुर रूट तीन घंटे तक जाम","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
साबरमती का इंजन फेल, झांसी-कानपुर रूट तीन घंटे तक जाम
Updated Sun, 16 Dec 2018 12:55 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
पुखरायां(कानपुर)। शनिवार तड़के कानपुर से झांसी जा रही साबरमती एक्सप्रेस (19168) का स्थानीय रेलवे स्टेशन पर इंजन फेल हो गया। तकनीकी खामी के चलते करीब ढाई घंटे ट्रेन खड़ी रही। वहीं, पहले खड़ी मालगाड़ी एवं बांद्रा-गोरखपुर (15068) के चलते स्टेशन की तीनाें लाइनें व्यस्त हो गईं। नतीजन कानपुर से झांसी जा रही कुशीनगर (1016) आउटर और पुष्पक एक्सप्रेस (12534) चौरा स्टेशन पर फंस गईं। इससे झांसी-कानपुर रूट करीब तीन घंटे तक जाम रहा। इस दौरान यात्री खासे परेशान रहे।
शनिवार तड़के बनारस-अहमदाबाद साबरमती एक्सप्रेस (19168) का कानपुर से झांसी जाते वक्त पुखरायां रेलवे स्टेशन पर इंजन फेल गया। पीछे चल रही गोरखपुर-मुम्बई कुशीनगर (1016) और साबरमती एक्सप्रेस को आगे बढ़ाने के एक साथ निर्देश मिले। लालपुर से चलकर साबरमती पुखरायां स्टेशन के प्लेटफार्म नंबर-3 पर खड़ी थी। पीछे से कुशीनगर एक्सप्रेस आ गई। वहीं उरई से चलकर आई बांद्रा-गोरखपुर (15068) प्लेटफार्म नंबर एक और लूप लाइन पर पहले से खड़ी मालगाड़ी के कारण कुशीनगर को आउटर पर खड़ा करना पड़ा। इधर, स्टेशन की तीनों लाइनें व्यस्त होने जाने पर झांसी से कानपुर जा रही पुष्पक को पहले कालपी और बाद में चौरा में रोकना पड़ा। सहायक स्टेशन मास्टर देवेंद्र कुमार सचान ने साबरमती को आगे बढ़ाने का सिग्नल दिया तो तकनीकी खामी के चलते इंजन फेल हो गया। चालक ने वाकी-टाकी से सहायक स्टेशन मास्टर को सूचित किया। विभागीय अधिकारियों को जानकारी देने के बाद उरई में खड़े इंजन को भेजा गया। प्वाइंट मैन अतुल यादव को शंटिंग आदेश दिया गया। खासी मशक्कत के बाद लगभग 40 मिनट में शंटिंग हो सकी। करीब ढाई घंटे बाद साबरमती को आगे बढ़ाया जा सका।
सहायक स्टेशन मास्टर देवेंद्र कुमार सचान ने बताया कि शनिवार भोर 4 बजकर 10 मिनट पर साबरमती स्टेशन पहुंची थी। वहीं 4 बजकर 15 मिनट पर कुशीनगर एक्सप्रेस आउटर पर खड़ी कराई गई। साबरमती आने के कारण बांद्रा-गोरखपुर स्टेशन पर पहले से खड़ी थी। रूट पर जाम लगने के कारण पुष्पक को पहले कालपी और बाद में चौरा में खड़ा किया गया। साबरमती आगे बढ़ाकर तीन नंबर प्लेटफार्म पर कुशीनगर को लिया गया। बांद्रा-गोरखपुर आगे बढ़ाकर पुष्पक को निकाला गया। तीन घंटे बाद कुशीनगर को आगे बढ़ाया गया। जिसके बाद रूट में गाड़ियों का आवागमन सामान्य हुआ। एक हफ्ता पहले पुखरायां और मलासा स्टेशनों के बीच साबरमती का इंजन फेल हो गया था। जिसमें पुणे-लखनऊ, कुशीनगर समेत चार ट्रेनें विलंबित हुईं थी।
विज्ञापन
विज्ञापन
शनिवार तड़के बनारस-अहमदाबाद साबरमती एक्सप्रेस (19168) का कानपुर से झांसी जाते वक्त पुखरायां रेलवे स्टेशन पर इंजन फेल गया। पीछे चल रही गोरखपुर-मुम्बई कुशीनगर (1016) और साबरमती एक्सप्रेस को आगे बढ़ाने के एक साथ निर्देश मिले। लालपुर से चलकर साबरमती पुखरायां स्टेशन के प्लेटफार्म नंबर-3 पर खड़ी थी। पीछे से कुशीनगर एक्सप्रेस आ गई। वहीं उरई से चलकर आई बांद्रा-गोरखपुर (15068) प्लेटफार्म नंबर एक और लूप लाइन पर पहले से खड़ी मालगाड़ी के कारण कुशीनगर को आउटर पर खड़ा करना पड़ा। इधर, स्टेशन की तीनों लाइनें व्यस्त होने जाने पर झांसी से कानपुर जा रही पुष्पक को पहले कालपी और बाद में चौरा में रोकना पड़ा। सहायक स्टेशन मास्टर देवेंद्र कुमार सचान ने साबरमती को आगे बढ़ाने का सिग्नल दिया तो तकनीकी खामी के चलते इंजन फेल हो गया। चालक ने वाकी-टाकी से सहायक स्टेशन मास्टर को सूचित किया। विभागीय अधिकारियों को जानकारी देने के बाद उरई में खड़े इंजन को भेजा गया। प्वाइंट मैन अतुल यादव को शंटिंग आदेश दिया गया। खासी मशक्कत के बाद लगभग 40 मिनट में शंटिंग हो सकी। करीब ढाई घंटे बाद साबरमती को आगे बढ़ाया जा सका।
विज्ञापन
सहायक स्टेशन मास्टर देवेंद्र कुमार सचान ने बताया कि शनिवार भोर 4 बजकर 10 मिनट पर साबरमती स्टेशन पहुंची थी। वहीं 4 बजकर 15 मिनट पर कुशीनगर एक्सप्रेस आउटर पर खड़ी कराई गई। साबरमती आने के कारण बांद्रा-गोरखपुर स्टेशन पर पहले से खड़ी थी। रूट पर जाम लगने के कारण पुष्पक को पहले कालपी और बाद में चौरा में खड़ा किया गया। साबरमती आगे बढ़ाकर तीन नंबर प्लेटफार्म पर कुशीनगर को लिया गया। बांद्रा-गोरखपुर आगे बढ़ाकर पुष्पक को निकाला गया। तीन घंटे बाद कुशीनगर को आगे बढ़ाया गया। जिसके बाद रूट में गाड़ियों का आवागमन सामान्य हुआ। एक हफ्ता पहले पुखरायां और मलासा स्टेशनों के बीच साबरमती का इंजन फेल हो गया था। जिसमें पुणे-लखनऊ, कुशीनगर समेत चार ट्रेनें विलंबित हुईं थी।
विज्ञापन