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छह उपकेंद्रों के निर्माण को नहीं मिली जमीन
Updated Fri, 29 Dec 2017 12:01 AM IST
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फर्रुखाबाद। ग्रामीण व शहरी इलाकों में बिजली संकट दूर करने के लिए जिले में छह नए विद्युत उपकेंद्रों के निर्माण ठंडे बस्ते में चला गया। उपकेंद्रों के निर्माण के लिए प्रशासन ने जमीन उपलब्ध करवाने से हाथ खड़े कर दिए हैं। इससे प्रस्तावों को शासन से स्वीकृति नहीं मिल पा रही है। विभागीय सूत्रों ने बताया कि जमीन मिलने पर हीं शासन से विद्युत उपकेंद्रों का निर्माण कराने के प्रस्तावों को मंजूरी मिलेगी।
जिले के ग्रामीण इलाकों की बिजली व्यवस्था दुरुस्त करने को एक्सईएन और अधीक्षण अभियंता ने कायमगंज ब्लाक क्षेत्र के गांव सुल्तानपुर खरैटा, नवाबगंज ब्लाक के गांव अचरा, बढ़पुर ब्लाक के गांव रम्मना गुलजार बाग, नवाबगंज ब्लाक के गांव अटसैनी, कमालगंज ब्लाक के गांव रजीपुर और ज्यौता गांव में 33/11 नए विद्युत
उपकेंद्रों का निर्माण कराने को प्रस्ताव बनाकर प्रबंध निदेशक विद्युत को भेजा था। प्रबंध निदेशक ने इन उपकेंद्रों के निर्माण के लिए जमीन उपलब्ध संबंधी रिपोर्ट मांगी। एक्सईएन ग्रामीण जीएस कशेरवाल ने प्रस्तावित गांवों में उपकेंद्रों का निर्माण कराने के लिए जमीन मुहैया कराने को जिलाधिकारी को पत्र लिखा। प्रशासन ने करीब दो माह तक जमीन की तलाश कराई। लेकिन किसी भी गांव में उपकेंद्र निर्माण को प्रशासन जमीन नहीं खोज सका। आखिर में प्रशासन ने जमीन उपलब्ध न होने की एक्सईएन को रिपोर्ट भेज दी।
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निर्धारित गांवों में जमीन न होने के कारण नए विद्युत उपकेंद्र स्वीकृति को भेजे गए प्रस्तावों की मंजूरी अधर में लटक गई है। जब तक जमीन नहीं मिलेगी, तब तक प्रस्ताव स्वीकृत नहीं होंगे। इस कारण नए उपकेंद्र निर्माण को जमीन न मिलने के कारण हरी झंडी नहीं मिल सकी। एक्सईएन ग्रामीण जीएस कशेरबाल ने बताया कि तीन उपकेंद्र उनके और तीन उपकेंद्र कायमगंज डिवीजन क्षेत्र मेें बनने हैं। प्रशासन ने जमीन उपलब्ध न होने संबंधी जानकारी दी है। इस कारण प्रस्ताव पर अग्रिम कार्रवाई नहीं हो पा रही है।
विद्युत उपकेंद्रों के निर्माण को नहीं मिल रही जमीन
प्रशासन ने चिह्नित गांवों में जमीन उपलब्ध करवाने से हाथ खड़े किए
कायमगंज, कमालगंज, नवाबगंज में दो माह से तलाशी जा रही थी जमीन
अमर उजाला ब्यूरो
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जिले के ग्रामीण इलाकों की बिजली व्यवस्था दुरुस्त करने को एक्सईएन और अधीक्षण अभियंता ने कायमगंज ब्लाक क्षेत्र के गांव सुल्तानपुर खरैटा, नवाबगंज ब्लाक के गांव अचरा, बढ़पुर ब्लाक के गांव रम्मना गुलजार बाग, नवाबगंज ब्लाक के गांव अटसैनी, कमालगंज ब्लाक के गांव रजीपुर और ज्यौता गांव में 33/11 नए विद्युत
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उपकेंद्रों का निर्माण कराने को प्रस्ताव बनाकर प्रबंध निदेशक विद्युत को भेजा था। प्रबंध निदेशक ने इन उपकेंद्रों के निर्माण के लिए जमीन उपलब्ध संबंधी रिपोर्ट मांगी। एक्सईएन ग्रामीण जीएस कशेरवाल ने प्रस्तावित गांवों में उपकेंद्रों का निर्माण कराने के लिए जमीन मुहैया कराने को जिलाधिकारी को पत्र लिखा। प्रशासन ने करीब दो माह तक जमीन की तलाश कराई। लेकिन किसी भी गांव में उपकेंद्र निर्माण को प्रशासन जमीन नहीं खोज सका। आखिर में प्रशासन ने जमीन उपलब्ध न होने की एक्सईएन को रिपोर्ट भेज दी।
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निर्धारित गांवों में जमीन न होने के कारण नए विद्युत उपकेंद्र स्वीकृति को भेजे गए प्रस्तावों की मंजूरी अधर में लटक गई है। जब तक जमीन नहीं मिलेगी, तब तक प्रस्ताव स्वीकृत नहीं होंगे। इस कारण नए उपकेंद्र निर्माण को जमीन न मिलने के कारण हरी झंडी नहीं मिल सकी। एक्सईएन ग्रामीण जीएस कशेरबाल ने बताया कि तीन उपकेंद्र उनके और तीन उपकेंद्र कायमगंज डिवीजन क्षेत्र मेें बनने हैं। प्रशासन ने जमीन उपलब्ध न होने संबंधी जानकारी दी है। इस कारण प्रस्ताव पर अग्रिम कार्रवाई नहीं हो पा रही है।
विद्युत उपकेंद्रों के निर्माण को नहीं मिल रही जमीन
प्रशासन ने चिह्नित गांवों में जमीन उपलब्ध करवाने से हाथ खड़े किए
कायमगंज, कमालगंज, नवाबगंज में दो माह से तलाशी जा रही थी जमीन
अमर उजाला ब्यूरो