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तालाब खुदाई में धांधली की जांच करने पहुंची टीम
Updated Sun, 04 Nov 2018 12:45 AM IST
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कानपुर देहात। सरवनखेड़ा ब्लाक के जरैला ग्राम पंचायत में मनरेगा के तहत तालाब खुदाई में धांधली का मामला सामने आने पर डीएम ने बीडीओ से बिंदुवार आख्या मांगी है। शनिवार को बीडीओ ने सात सदस्यी टीम भेजकर तालाब की पैमाइश से लेकर खोदी गई मिट्टी की जांच अपनी मौजूदगी में कराई। प्रारंभिक जांच में गड़बड़ी होने का खुलासा हुआ है।
जरैला ग्राम पंचायत में मनरेगा के तहत 11 अक्तूबर से तालाब की खुदाई चल रही थी। खुदाई के दौरान का कार्य का निरीक्षण करने गई पंचायत सचिव अमिता मिश्रा को मौके पर सिर्फ 16 मजदूर काम करते मिले थे, जबकि मस्टर रोल में 46 श्रमिक दर्ज किए गए थे। उन्होंने विरोध कर कई दिनों तक लगातार निरीक्षण किया तो रोज यही स्थिति मिली। नाराज रोजगार सेवक ने मस्टर रोल फाडने के साथ पंचायत सचिव पर दलित उत्पीड़न का मुकदमा दर्ज कराने की धमकी थी।
सचिव ने पूरे मामले की शिकायत सीडीओ और डीएम से की थी। डीएम राकेश कुमार सिंह ने मामले को गंभीरता से लेते हुए बीडीओ से बिंदुवार आख्या तलब की। बीडीओ ने दो जेई व पांच तकनीकी सहायक की सात सदस्यी टीम गठित कर शनिवार को जांच के लिए भेजा। एडीओ पंचायत दिनेश पांडेय व बीडीओ बब्बन राय मौजूद रहे। टीम ने तालाब की पैमाइश के साथ कितने घन मीटर मिट्टी खोदी गई उसकी पूरी जांच की। प्रारंभिक जांच में फर्जी हाजिरी दर्ज करने का खुलासा हुआ। मस्टर रोल में दर्शाए गए श्रमिकों के मुताबिक वहां मानक के अनुसार मिट्टी खुदी नहीं मिली।
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बीडीओ ने बताया कि भुगतान नहीं किया गया है। जांच टीम की रिपोर्ट का परीक्षण करने के बाद उसे उच्चाधिकारियों को भेजा जाएगा। जब तक मामला स्पष्ट नहीं होगा भुगतान नहीं किया जाएगा।
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जरैला ग्राम पंचायत में मनरेगा के तहत 11 अक्तूबर से तालाब की खुदाई चल रही थी। खुदाई के दौरान का कार्य का निरीक्षण करने गई पंचायत सचिव अमिता मिश्रा को मौके पर सिर्फ 16 मजदूर काम करते मिले थे, जबकि मस्टर रोल में 46 श्रमिक दर्ज किए गए थे। उन्होंने विरोध कर कई दिनों तक लगातार निरीक्षण किया तो रोज यही स्थिति मिली। नाराज रोजगार सेवक ने मस्टर रोल फाडने के साथ पंचायत सचिव पर दलित उत्पीड़न का मुकदमा दर्ज कराने की धमकी थी।
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सचिव ने पूरे मामले की शिकायत सीडीओ और डीएम से की थी। डीएम राकेश कुमार सिंह ने मामले को गंभीरता से लेते हुए बीडीओ से बिंदुवार आख्या तलब की। बीडीओ ने दो जेई व पांच तकनीकी सहायक की सात सदस्यी टीम गठित कर शनिवार को जांच के लिए भेजा। एडीओ पंचायत दिनेश पांडेय व बीडीओ बब्बन राय मौजूद रहे। टीम ने तालाब की पैमाइश के साथ कितने घन मीटर मिट्टी खोदी गई उसकी पूरी जांच की। प्रारंभिक जांच में फर्जी हाजिरी दर्ज करने का खुलासा हुआ। मस्टर रोल में दर्शाए गए श्रमिकों के मुताबिक वहां मानक के अनुसार मिट्टी खुदी नहीं मिली।
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बीडीओ ने बताया कि भुगतान नहीं किया गया है। जांच टीम की रिपोर्ट का परीक्षण करने के बाद उसे उच्चाधिकारियों को भेजा जाएगा। जब तक मामला स्पष्ट नहीं होगा भुगतान नहीं किया जाएगा।