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लखनऊ-कानपुर रेलमार्ग पर पटरी चटकी, हादसा बचा
Updated Thu, 25 Oct 2018 12:36 AM IST
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उन्नाव। लखनऊ-कानपुर रेलमार्ग पर गंगाघाट रेलवे स्टेशन के ऋषिनगर केबिन के पास बुधवार सुबह गैंगमैन की मुस्तैदी से हादसा होने से बच गया। रेल पटरी के ज्चाइंट में दरार देख गैंगमैन ने पीडब्लूआई को सूचना दी। तत्काल मैसेज कर पुष्पक एक्सप्रेस को गंगाघाट स्टेशन पर रोका गया। साथ ही जयपुर एक्सप्रेस, कोटा पटना को कानपुर सेंट्रल स्टेशन और गंगाब्रिज के पास रोकना पड़ा। पटरी की मरम्मत करने के करीब चालीस मिनट बाद ट्रेनों का आवागमन शुरू हो सका।
बुधवार सुबह 7:45 बजे गंगाघाट के ऋषिनगर केबिन के पास गैंगमैनों की टीम डाउन ट्रैक की पेट्रोलिंग कर रही थी। इस दौरान गैंगमैन धीरज कुमार ने रेल पटरी के ज्वाइंट में दरार देखा और रेलपथ निरीक्षक और गंगाघाट स्टेशन मास्टर को सूचना दी। स्टेशन मास्टर ने कंट्रोल रूम को मैसेज कर डाउन ट्रैक पर कानपुर तरफ से आ रही पुष्पक एक्सप्रेस को गंगाघाट स्टेशन पर रोकवाया। इसके अलावा कोटा पटना, जयपुर लखनऊ एक्सप्रेस व कानपुर लखनऊ मेमू को कानपुर सेंट्रल व गंगाब्रिज के बीच रोका गया। इससे यात्रियों को कठिनाईयों से जूझना पड़ा।
वहीं ट्रेनों की रफ्तार थमने से मंडल कार्यालय (लखनऊ) के आलाधिकारी स्थानीय अधिकारियों से पल-पल की अपडेट लेने लगे। इंजीनियरों की टीम ने ब्लाक लेकर आनन फानन मरम्मत का काम शुरू किया। मरम्मत का काम पूरा करने में 40 मिनट का वक्त लगा। इसके बाद 8.35 बजे तीस किमी. प्रतिघंटे के काशन पर ट्रेनों का संचालन कराया गया। दोपहर तक डाउन ट्रैक पर ट्रेेनें काशन पर चलाई गईं। दोपहर बाद ट्रेनों को औसत रफ्तार में चलाया गया। रेल पथ निरीक्षक विकास कुमार ने बताया कि पटरी का ज्वाइंट खुला था। मरम्मत कर चालीस मिटन में ट्रेनों का संचालन शुरू करा दिया गया। रेल ट्रैक मेंटीनेंस में रेलपथ विभाग की लापरवाही जारी है। दस महीने में तीन बड़े हादसे हो चुके हैं। हालांकि इनमें जानमाल की क्षति नहीं हुई।
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12 जनवरी 2017 को टूटी रेल पटरी की चपेट में आकर गंगाघाट छमक नाली के पास मालगाड़ी हादसे का शिकार हो चुकी है। 19 अप्रैल को कुसंभी रेलवे स्टेशन के पास उत्सर्ग एक्सप्रेस पटरी टूटी होने से डिरेल हुई थी। इसके अलावा 21 मई को माडल रेलवे स्टेशन पर समर स्पेशल एलटीटी एक्सप्रेस के 11 कोच टूटी पटरी की चपेट में आकर रेल ट्रैक से उतर गए थे। 3 सितंबर को रघुराज सिंह (तकिया) स्टेशन के करीब रायबरेली पैसेंजर ट्रेन, इसके अलावा बीती 3 अप्रैल को अजगैन रेलवे स्टेशन पर प्रतापगढ़ इंटरसिटी टूटी पटरी से गुजर गई थी।
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बुधवार सुबह 7:45 बजे गंगाघाट के ऋषिनगर केबिन के पास गैंगमैनों की टीम डाउन ट्रैक की पेट्रोलिंग कर रही थी। इस दौरान गैंगमैन धीरज कुमार ने रेल पटरी के ज्वाइंट में दरार देखा और रेलपथ निरीक्षक और गंगाघाट स्टेशन मास्टर को सूचना दी। स्टेशन मास्टर ने कंट्रोल रूम को मैसेज कर डाउन ट्रैक पर कानपुर तरफ से आ रही पुष्पक एक्सप्रेस को गंगाघाट स्टेशन पर रोकवाया। इसके अलावा कोटा पटना, जयपुर लखनऊ एक्सप्रेस व कानपुर लखनऊ मेमू को कानपुर सेंट्रल व गंगाब्रिज के बीच रोका गया। इससे यात्रियों को कठिनाईयों से जूझना पड़ा।
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वहीं ट्रेनों की रफ्तार थमने से मंडल कार्यालय (लखनऊ) के आलाधिकारी स्थानीय अधिकारियों से पल-पल की अपडेट लेने लगे। इंजीनियरों की टीम ने ब्लाक लेकर आनन फानन मरम्मत का काम शुरू किया। मरम्मत का काम पूरा करने में 40 मिनट का वक्त लगा। इसके बाद 8.35 बजे तीस किमी. प्रतिघंटे के काशन पर ट्रेनों का संचालन कराया गया। दोपहर तक डाउन ट्रैक पर ट्रेेनें काशन पर चलाई गईं। दोपहर बाद ट्रेनों को औसत रफ्तार में चलाया गया। रेल पथ निरीक्षक विकास कुमार ने बताया कि पटरी का ज्वाइंट खुला था। मरम्मत कर चालीस मिटन में ट्रेनों का संचालन शुरू करा दिया गया। रेल ट्रैक मेंटीनेंस में रेलपथ विभाग की लापरवाही जारी है। दस महीने में तीन बड़े हादसे हो चुके हैं। हालांकि इनमें जानमाल की क्षति नहीं हुई।
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12 जनवरी 2017 को टूटी रेल पटरी की चपेट में आकर गंगाघाट छमक नाली के पास मालगाड़ी हादसे का शिकार हो चुकी है। 19 अप्रैल को कुसंभी रेलवे स्टेशन के पास उत्सर्ग एक्सप्रेस पटरी टूटी होने से डिरेल हुई थी। इसके अलावा 21 मई को माडल रेलवे स्टेशन पर समर स्पेशल एलटीटी एक्सप्रेस के 11 कोच टूटी पटरी की चपेट में आकर रेल ट्रैक से उतर गए थे। 3 सितंबर को रघुराज सिंह (तकिया) स्टेशन के करीब रायबरेली पैसेंजर ट्रेन, इसके अलावा बीती 3 अप्रैल को अजगैन रेलवे स्टेशन पर प्रतापगढ़ इंटरसिटी टूटी पटरी से गुजर गई थी।