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बिजली न मिलने से नलकूप ठप, सूख रहीं खरीफ की फसलें
Updated Wed, 10 Oct 2018 01:16 AM IST
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घाटमपुर (कानपुर)। क्षेत्र में मंगलवार को तिलसड़ा गांव के किसानों ने तहसील पहुंचकर अपनी गुहार लगाई। उन्होंने बताया कि बिजली न मिलने से नलकूपों का संचालन ठप है। खरीफ की फसलों की सिंचाई नहीं हो पा रही है। बताया कि धान की 50 फीसदी फसल सूखकर बर्बाद हो गई है जबकि, सिंचाई के अभाव में अन्य फसलें भी बर्बाद हो रही हैं।
किसानों दिनेश चंद्र द्विेदी, रजनी गुप्ता, पूनम साहू, सुशील कुमार शुक्ला, आदित्य पाठक, जयकरन सिंह चंदेल, छोटे कुशवाहा और गजेंद्र सिंह हाड़ा ने बताया कि उनके यहां विद्युत उपकेंद्र शंभुआ (बिधनू) से बिजली आपूर्ति की जाती है। बताया कि दो माह पहले तक दिनभर में 12-14 घंटे बिजली मिल जाती थी। जबकि, बीते डेढ़ महीने से मुश्किल से दस दिन भी बिजली आपूर्ति नहीं हुई है। जबकि, जो की भी जा रही है उसमें दिनभर (24 घंटे) में मुश्किल से 3-4 घंटे से अधिक नहीं हो रही है। किसानों ने बताया कि इतने कम समय बिजली मिलने से न तो नलकूप चल पा रहे हैं, और न ही फसलों की सिंचाई हो पा रही है। सबसे अधिक नुकसान खरीफ की मुख्य फसल धान को हो रहा है। जबकि, गन्ना की फसल सिंचाई के अभाव में बर्बाद हो रही है। बताया कि मिर्चा, टमाटर, बैंगन, गोभी और आलू की फसलें भी पानी के अभाव में सूख गई हैं जिससे किसानों का भारी नुकसान हो रहा है।
उन्होंने बताया कि कई वर्षों से गांव की माइनर में पानी नहीं आ रहा है। उन्होंने एसडीएम के न मिलने पर अपना ज्ञापन तहसीलदार अमित गुप्ता को दिया। जिसमें दिनभर में कम से कम 16 घंटे बिजली दिए जाने की मांग उठाई। कहा कि यदि, तीन दिनों के अंदर विद्युत आपूर्ति में सुधार न हुआ तो मजबूर होकर उनको धरना-प्रदर्शन करना पड़ेगा। तहसील में ज्ञापन देने के बाद सभी किसान विद्युत विभाग के अधिशाषी अभियंता (ग्रामीण) जेएन कौशल से भी मिले और अपनी समस्या बताई।
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किसानों दिनेश चंद्र द्विेदी, रजनी गुप्ता, पूनम साहू, सुशील कुमार शुक्ला, आदित्य पाठक, जयकरन सिंह चंदेल, छोटे कुशवाहा और गजेंद्र सिंह हाड़ा ने बताया कि उनके यहां विद्युत उपकेंद्र शंभुआ (बिधनू) से बिजली आपूर्ति की जाती है। बताया कि दो माह पहले तक दिनभर में 12-14 घंटे बिजली मिल जाती थी। जबकि, बीते डेढ़ महीने से मुश्किल से दस दिन भी बिजली आपूर्ति नहीं हुई है। जबकि, जो की भी जा रही है उसमें दिनभर (24 घंटे) में मुश्किल से 3-4 घंटे से अधिक नहीं हो रही है। किसानों ने बताया कि इतने कम समय बिजली मिलने से न तो नलकूप चल पा रहे हैं, और न ही फसलों की सिंचाई हो पा रही है। सबसे अधिक नुकसान खरीफ की मुख्य फसल धान को हो रहा है। जबकि, गन्ना की फसल सिंचाई के अभाव में बर्बाद हो रही है। बताया कि मिर्चा, टमाटर, बैंगन, गोभी और आलू की फसलें भी पानी के अभाव में सूख गई हैं जिससे किसानों का भारी नुकसान हो रहा है।
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उन्होंने बताया कि कई वर्षों से गांव की माइनर में पानी नहीं आ रहा है। उन्होंने एसडीएम के न मिलने पर अपना ज्ञापन तहसीलदार अमित गुप्ता को दिया। जिसमें दिनभर में कम से कम 16 घंटे बिजली दिए जाने की मांग उठाई। कहा कि यदि, तीन दिनों के अंदर विद्युत आपूर्ति में सुधार न हुआ तो मजबूर होकर उनको धरना-प्रदर्शन करना पड़ेगा। तहसील में ज्ञापन देने के बाद सभी किसान विद्युत विभाग के अधिशाषी अभियंता (ग्रामीण) जेएन कौशल से भी मिले और अपनी समस्या बताई।
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