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अवमानना में फंसे एसओ, दो माह वेतन का जुर्मान
Updated Tue, 12 Sep 2017 12:39 AM IST
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अमर उजाला ब्यूरो
बांदा। अदालत के आदेश की अवमानना पर पैलानी थानाध्यक्ष को दो माह के वेतन का जुर्माना किया गया है। पैलानी थाना क्षेत्र के महादेवन डेरा (बड़ागांव) की रामदुलारी पत्नी रामऔतार निषाद ने 21 जुलाई 2017 को सीजेएम अदालत में 156(3) के तहत अर्जी देकर कहा कि उसके पुत्र इंद्रजीत को गायब करने में गांव के राम सिंह पुत्र सूरजबली निषाद व साजन तथा राजेंद्र पुत्रगण राम सिंह का हाथ है। पैलानी थाना में रिपोर्ट दर्ज नहीं की जा रही।
सीजेएम ने 8 अगस्त 2017 को पैलानी थानाध्यक्ष को रिपोर्ट दर्ज करने के आदेश दिए थे। यह आदेश 11 अगस्त को थाने के पैरोकार ने थाने में प्राप्त करा दिया। फिर भी थानाध्यक्ष राजीव कुमार ने रिपोर्ट दर्ज नहीं की। इस पर रामदुलारी ने 18 अगस्त को अदालत में शिकायत की। सीजेएम ने थाने से आख्या मांगी। थानाध्यक्ष ने कोई जवाब नहीं दिया। इस पर सीजेएम ने थानाध्यक्ष को नोटिस जारी कर कहा कि पुलिस अधिनियम के तहत क्यों न उनके विरुद्ध कार्रवाई की जाए? साथ ही 8 सितंबर को अदालत में उपस्थित होकर माफी मांगने का आदेश दिया। लेकिन इस आदेश का भी अनुपालन नहीं हुआ।
प्रथम अपर न्यायिक मजिस्ट्रेट हिमांशू कुमार ने थानाध्यक्ष राजीव कुमार को पुलिस अधिनियम की धारा 29 में दोषी पाते हुए जेल के बजाए दो माह के वेतन का जुर्माना किया है। साथ ही उनकी सेवा पुस्तिका एवं चरित्र पंजिका में अदालत की अवमानना करने की इंट्री दर्ज करने का आदेश डीआईजी और एसपी को भेजा है।
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-अदालत के आदेशों की कई बार की अनदेखी
-महिला की अर्जी पर एसीजेएम का आदेश
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बांदा। अदालत के आदेश की अवमानना पर पैलानी थानाध्यक्ष को दो माह के वेतन का जुर्माना किया गया है। पैलानी थाना क्षेत्र के महादेवन डेरा (बड़ागांव) की रामदुलारी पत्नी रामऔतार निषाद ने 21 जुलाई 2017 को सीजेएम अदालत में 156(3) के तहत अर्जी देकर कहा कि उसके पुत्र इंद्रजीत को गायब करने में गांव के राम सिंह पुत्र सूरजबली निषाद व साजन तथा राजेंद्र पुत्रगण राम सिंह का हाथ है। पैलानी थाना में रिपोर्ट दर्ज नहीं की जा रही।
सीजेएम ने 8 अगस्त 2017 को पैलानी थानाध्यक्ष को रिपोर्ट दर्ज करने के आदेश दिए थे। यह आदेश 11 अगस्त को थाने के पैरोकार ने थाने में प्राप्त करा दिया। फिर भी थानाध्यक्ष राजीव कुमार ने रिपोर्ट दर्ज नहीं की। इस पर रामदुलारी ने 18 अगस्त को अदालत में शिकायत की। सीजेएम ने थाने से आख्या मांगी। थानाध्यक्ष ने कोई जवाब नहीं दिया। इस पर सीजेएम ने थानाध्यक्ष को नोटिस जारी कर कहा कि पुलिस अधिनियम के तहत क्यों न उनके विरुद्ध कार्रवाई की जाए? साथ ही 8 सितंबर को अदालत में उपस्थित होकर माफी मांगने का आदेश दिया। लेकिन इस आदेश का भी अनुपालन नहीं हुआ।
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प्रथम अपर न्यायिक मजिस्ट्रेट हिमांशू कुमार ने थानाध्यक्ष राजीव कुमार को पुलिस अधिनियम की धारा 29 में दोषी पाते हुए जेल के बजाए दो माह के वेतन का जुर्माना किया है। साथ ही उनकी सेवा पुस्तिका एवं चरित्र पंजिका में अदालत की अवमानना करने की इंट्री दर्ज करने का आदेश डीआईजी और एसपी को भेजा है।
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-महिला की अर्जी पर एसीजेएम का आदेश