{"_id":"5c97e2e1bdec2260e22ac880","slug":"15534579743-akbarpur-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"इंजीनियरिंग छोड़ तालाब साफ करा रहे रामवीर","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
इंजीनियरिंग छोड़ तालाब साफ करा रहे रामवीर
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विज्ञापन
कानपुर देहात। ग्रेटर नोएडा के डाढ़ा गांव निवासी रामवीर तंवर साइट मल्टीनेशन कंपनी में इंजीनियर की नौकरी छोड़कर जल प्रदूषण और भूजल संचयन के लिए लोगों को जागरूक कर रहे हैं। उन्होंने अपनी एक लैब भी बना रखी है, इसमें तालाबों और जल स्रोतों का जल की जांच कर रिपोर्ट संबंधित जिले के प्रशासन को देते हैं। गौतमबुद्धनगर और सहारनपुर के पांच तालाब साफ कर चुके रामवीर रविवार को जनपद के युवाओं को जागरूक करने पुखरायां और गदाईखेड़ा गांव पहुंचे आए थे।
पिछले साल मई में मल्टीनेशन कंपनी की नौकरी छोड़कर जल संरक्षण का बीड़ा उठाया। नोएडा के घाघोला गांव के तालाब को स्वच्छ कराकर उसमें जल संरक्षण की व्यवस्था कराई। इस काम में लोगों ने उनकी मदद की तो हौसला बढ़ा गया। बताया कि गौतमबुद्ध नगर और सहारनपुर के 12 गंदे तालाबों को स्वच्छ करने के लिए चिह्नित किया है। युवाओं के सहयोग से पांच तालाब पूर्ण स्वच्छ हो चुके हैं।
नेकद्वार संस्था के अध्यक्ष पुखरायां के संदीप बंसल भी रामवीर से जुड़े हैं। उनके बुलावे पर रविवार को रामवीर जनपद आए और पुखरायां व गदाईखेड़ा में गोष्ठियां कर लोगों को जल प्रदूषण और भूजल संरक्षण के प्रति जागरूक किया। इसमें बताया कि तालाब की सफाई कराने के बाद वह पानी जाने के श्रोत पर दो फिल्टर बनवाते हैं। जिससे पानी में घुलित ऑक्सीजन बनी रहती है और पानी बदबूदार नहीं होता है। केंद्र सरकार ने सेंटर ग्राउंड वाटर बोर्ड बनाया है, इसमें इंडस्ट्रियल क्षेत्र की कंपनियों को पानी उपयोग के अनुसार 200 गुना रिचार्ज करने की शर्त पर एनओसी मिलती है। फैक्टरी संचालकों को क्षेत्र के तालाबों को गोद लेना पड़ता है लेकिन ज्यादातर फैक्टरी मालिक केवल खाना पूरी कर एनओसी हासिल कर लेते हैं। लोगों को इस दिशा में भी जागरूक होना चाहिए। बताया कि तालाबों और जल संरक्षण पर भूमि का खून नाम से किताब भी लिख रहे हैं। तालाबों पर एक मूवी भी बनाने के लिए प्रयासरत हैं। सेल्फी बिथ पोंड सोशल मीडिया पर डाला था जिसमें 16 देशों के लोगों ने तालाबों की सेल्फी करके डाली है।
विज्ञापन
गदाई खेड़ा में हुई गोष्ठी में रामवीर तंवर ने कहाकि आपके गांव का मॉडल तालाब कूड़े के ढेर में परिवर्तित हो गया है। ग्रामीण संरक्षण के प्रति गंभीर हों। पानी का स्तर तेजी से नीचे जा रहा है। उन्होंने पुखरायां के नाथू तालाब लगे कूड़े को साफ करने के प्रति ग्रामीणों को जागरूक किया। बड़े महादेवन मंदिर के तालाब के चारों तरफ जमा गंदगी देख कहा कि शहर के लोग नगर पालिका के सहयोग से साफ सफाई करें। अटवा का मॉडल तालाब भी देखा। गोष्ठियों में नेकद्वार सेवा समिति के अध्यक्ष संदीप बंसल, उमाकांत सचान, डॉ. रामस्वरूप सचान, डॉ. धीरेंद्र सचान, गणेश सचान, कुंदनलाल सचान, रामऔतार, दुष्यंत, कुसमा सचान, रोहित कठेरिया, रितिक सचान, निहाल, प्रखर, प्रशांत शुक्ल, साबिर उस्मान, वेदप्रकाश, मदारीलाल, रामलखन, धीरेंद्र, राजेश सचान, मधू, विंदवती कठेरिया, गौरव सचान मौजूद रहे।
रामवीर तवंर ने रनियां औद्योगिक क्षेत्र के खानचंदपुर गांव के हैंडपंप से निकलने वाले पीले पानी का नमूना लिया। बताया कि केमिकल युक्त मलवा जमा होने के कारण पानी प्रदूषित हो रहा है। प्रदूषित पानी पीने से किडनी की बीमारी का खतरा रहता है। लोगों ने उन्हें बताया कि क्षेत्र की टेनरियों का मलबा खानचंदपुर रोड पर जमा कर दिया गया। हजारों टन मलवा जमा होने पर पानी प्रदूषित हो गया है। रामवीर ने बताया कि टेनरियों में क्रोम सल्फेट केमिकल का प्रयोग किया जाता है। जिसके निस्तारण न होने पर विसैला हो जाता है। कहा कि हैंडपंप पानी की जांच कर रिपोर्ट शासन को भेजेंगे।
इंजीनियरिंग छोड़ तालाब साफ करा रहे रामवीर
गौतमबुद्धनगर और सहारनपुर के पांच गंदे तालाब करा चुके हैं साफ
क्रासर
रविवार को पुखरायां और गदाईखेड़ा में लोगों को किया जागरूक
सुनील शुक्ल
पिछले साल मई में मल्टीनेशन कंपनी की नौकरी छोड़कर जल संरक्षण का बीड़ा उठाया। नोएडा के घाघोला गांव के तालाब को स्वच्छ कराकर उसमें जल संरक्षण की व्यवस्था कराई। इस काम में लोगों ने उनकी मदद की तो हौसला बढ़ा गया। बताया कि गौतमबुद्ध नगर और सहारनपुर के 12 गंदे तालाबों को स्वच्छ करने के लिए चिह्नित किया है। युवाओं के सहयोग से पांच तालाब पूर्ण स्वच्छ हो चुके हैं।
विज्ञापन
नेकद्वार संस्था के अध्यक्ष पुखरायां के संदीप बंसल भी रामवीर से जुड़े हैं। उनके बुलावे पर रविवार को रामवीर जनपद आए और पुखरायां व गदाईखेड़ा में गोष्ठियां कर लोगों को जल प्रदूषण और भूजल संरक्षण के प्रति जागरूक किया। इसमें बताया कि तालाब की सफाई कराने के बाद वह पानी जाने के श्रोत पर दो फिल्टर बनवाते हैं। जिससे पानी में घुलित ऑक्सीजन बनी रहती है और पानी बदबूदार नहीं होता है। केंद्र सरकार ने सेंटर ग्राउंड वाटर बोर्ड बनाया है, इसमें इंडस्ट्रियल क्षेत्र की कंपनियों को पानी उपयोग के अनुसार 200 गुना रिचार्ज करने की शर्त पर एनओसी मिलती है। फैक्टरी संचालकों को क्षेत्र के तालाबों को गोद लेना पड़ता है लेकिन ज्यादातर फैक्टरी मालिक केवल खाना पूरी कर एनओसी हासिल कर लेते हैं। लोगों को इस दिशा में भी जागरूक होना चाहिए। बताया कि तालाबों और जल संरक्षण पर भूमि का खून नाम से किताब भी लिख रहे हैं। तालाबों पर एक मूवी भी बनाने के लिए प्रयासरत हैं। सेल्फी बिथ पोंड सोशल मीडिया पर डाला था जिसमें 16 देशों के लोगों ने तालाबों की सेल्फी करके डाली है।
विज्ञापन
गदाई खेड़ा में हुई गोष्ठी में रामवीर तंवर ने कहाकि आपके गांव का मॉडल तालाब कूड़े के ढेर में परिवर्तित हो गया है। ग्रामीण संरक्षण के प्रति गंभीर हों। पानी का स्तर तेजी से नीचे जा रहा है। उन्होंने पुखरायां के नाथू तालाब लगे कूड़े को साफ करने के प्रति ग्रामीणों को जागरूक किया। बड़े महादेवन मंदिर के तालाब के चारों तरफ जमा गंदगी देख कहा कि शहर के लोग नगर पालिका के सहयोग से साफ सफाई करें। अटवा का मॉडल तालाब भी देखा। गोष्ठियों में नेकद्वार सेवा समिति के अध्यक्ष संदीप बंसल, उमाकांत सचान, डॉ. रामस्वरूप सचान, डॉ. धीरेंद्र सचान, गणेश सचान, कुंदनलाल सचान, रामऔतार, दुष्यंत, कुसमा सचान, रोहित कठेरिया, रितिक सचान, निहाल, प्रखर, प्रशांत शुक्ल, साबिर उस्मान, वेदप्रकाश, मदारीलाल, रामलखन, धीरेंद्र, राजेश सचान, मधू, विंदवती कठेरिया, गौरव सचान मौजूद रहे।
रामवीर तवंर ने रनियां औद्योगिक क्षेत्र के खानचंदपुर गांव के हैंडपंप से निकलने वाले पीले पानी का नमूना लिया। बताया कि केमिकल युक्त मलवा जमा होने के कारण पानी प्रदूषित हो रहा है। प्रदूषित पानी पीने से किडनी की बीमारी का खतरा रहता है। लोगों ने उन्हें बताया कि क्षेत्र की टेनरियों का मलबा खानचंदपुर रोड पर जमा कर दिया गया। हजारों टन मलवा जमा होने पर पानी प्रदूषित हो गया है। रामवीर ने बताया कि टेनरियों में क्रोम सल्फेट केमिकल का प्रयोग किया जाता है। जिसके निस्तारण न होने पर विसैला हो जाता है। कहा कि हैंडपंप पानी की जांच कर रिपोर्ट शासन को भेजेंगे।
इंजीनियरिंग छोड़ तालाब साफ करा रहे रामवीर
गौतमबुद्धनगर और सहारनपुर के पांच गंदे तालाब करा चुके हैं साफ
क्रासर
रविवार को पुखरायां और गदाईखेड़ा में लोगों को किया जागरूक
सुनील शुक्ल