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महादेव की आराधना के लिए सजाए शिवालय

Mon, 04 Mar 2019 12:36 AM IST
Kanpur	 Bureau कानपुर ब्यूरो
Updated Mon, 04 Mar 2019 12:36 AM IST
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महादेव की आराधना के लिए सजाए शिवालय

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अमर उजाला ब्यूरो
कानपुर देहात। शिवरात्रि पर सोमवार को भगवान शिव की विशेष आराधना की जाएगी। इसके चलते रविवार को जिले के प्रमुख शिवालयों में साज सज्जा की गई। लोगों ने पूजन और व्रत के सामान की बाजार में खरीदारी भी की। रूरा के जिनई स्थित वाणेश्वर मंदिर में 15 दिवसीय मेले की शुरुआत होगी। शिवली, डेरापुर, रसूलाबाद के शिवालयों में भी हजारों भक्त दर्शन पूजन करेंगे। इसके लिए पुलिस और प्रशासन ने भी तैयारियां की हैं।

नबीपुर के झाड़ी बाबा मंदिर में रासलीला व मेले का शुभारंभ होगा। जिनई स्थित पौराणिक वाणेश्वर महादेव मंदिर में भी मेला शुरू होगा। ये मेला होली तक चलेगा। मेले में दुकानें व झूले लगाने का काम देर शाम तक चलता रहा। महंत हरिमोहन गोस्वामी ने बताया कि सुबह 4 बजे पूजन और दर्शन के लिए मंदिर खोल दिया जाएगा। एसपी राधेश्याम ने रूरा एसओ को पुलिस बल तैनात करने के निर्देश दिए हैं। शिवली के जागेश्वर मंदिर में भी हजारों भक्त पहुंचते हैं। भक्तों का मानना है कि इस मंदिर का शिवलिंग प्रकट हुआ था।
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पुजारी राकेश पुरी ने बताया कि पुराने समय में कई बार शिवलिंग की खुदाई की गई लेकिन उसका दूसरा छोर नहीं मिला। रसूलाबाद के थाना परिसर में स्थित धर्मगढ़ मंदिर और गजनेर के कालेश्वर शिव मंदिर में भी उमड़ती है। रविवार को मंदिर परिसर की साफ सफाई व रंगाई पुताई का का काम पूरा कर लिया गया है। डेरापुर प्रतिनिधि के अनुसार कपालेशवर मंदिर में भारी संख्या लोग जलाभिषेक करने पहुंचते हैं। सुरक्षा व्यवस्था का लेकर थानाध्यक्ष रामबहादुर पाल ने मंदिर के सर्वराकार करुणेश मिश्रा से चर्चा की। सेंगुर नदी के किनारे स्थित कपालेशवर पर भारी भीड़ उमड़ती है। थानाध्यक्ष रामबहादुर पाल ने बताया कि मंदिर में सुरक्षा व्यवस्था में पूरी चौकसी बरती जाएगी। वहीं मंदिर आने वाले शिवभक्तों को किसी प्रकार की परेशानी नहीं होगी।
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मान्यता है कि जिनई के पौराणिक वाणेश्वर की स्थापना बालि पुत्र बाणासुर ने भगवान शंकर को प्रसन्न करने के लिए की थी। मंदिर के सामने पड़े मैदान पर बाणासुर और देवताओं के बीच युद्ध हुआ था। मानना है कि बाणासुर और उसकी पुत्री ऊषा आज भी अदृश्य रुप से यहां पूजा अर्चना करने आते हैं। हजारों वर्ष पुराने शिवालय के गुंबद की चित्रकारी दर्शनीय है। इसमें विशाल शिवलिंग के साथ मंदिर के अंदर भी चित्रकारी है। मंदिर के बगल में एक तालाब है। जिसे शिव तालाब के नाम से जाना जाता है। बाणेश्वर महादेव मंदिर का वर्णन पुराणों में भी मिलता है।



शिवरात्रि महोत्सव के चलते एसडीएम व क्षेत्राधिकारी ने पुलिस बल के साथ क्षेत्र के शिव मंदिरों का निरीक्षण कर सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लिया। सोमवार को होने वाले शिवरात्रि महोत्सव के कारण एसडीएम जेपी पांडेय व सीओ संदीप सिंह ने क्षेत्र के धर्मगढ़ बाबा मंदिर, जमथर खेड़ा मंदिर, जोत, संगमेश्वर महादेव मंदिर खेड़ा कुर्सी, द्रोणेश्वर महादेव मंदिर असालतगंज व महाकालेश्वर मंदिर कहिंजरी का निरीक्षण कर सुरक्षा व्यवस्था के बाबत जानकारी ली। इसके साथ ही उन्होंने नगर पंचायत व संबंधित ग्राम प्रधानों को मंदिर परिसर की साफ सफाई आदि के आवश्यक दिशा निर्देश दिए।



लगेगी भक्तों की कतार, होगा शिव का शृंगार
महाशिवरात्रि आज, वाणेश्वर मंदिर सहित प्रमुख शिवालयों में उमड़ेगी भक्तों की भीड़
क्रासर
वाणेश्वर मंदिर में शुरू होगा 15 दिवसीय मेला
एसपी ने सुरक्षा व्यवस्था करने के दिए निर्देश

फोटो संख्या-03 एकेबीपी-1 डेरापुर का कपालेश्वर मंदिर
फोटो संख्या-03 एकेबीपी-2 शिवली का जागेश्वर मंदिर
फोटो संख्या-03 एकेबीपी-3 जिनई बनीपारा का वाणेश्वर मंदिर का प्राचीन शिवलिंग
फोटो संख्या-03 एकेबीपी-5 पूजन के लिए तैयार नबीपुर का झाड़ी बाबा मंदिर

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