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कागज पर 40 मवेशी, आश्रय स्थल खाली
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अमर उजाला ब्यूरो
डेरापुर। जिले में बनाए गए अस्थायी गोवंश आश्रय स्थल में छुट्टा मवेशी बंद करने में अधिकारी कागजों पर आंकड़ेबाजी कर रहे हैं। जिन आश्रय स्थलों में प्रशासन मवेशी बंद बता रहा है वहां एक भी मवेशी नहीं है। जिले के लापरवाही अधिकारी शासन के साथ किसानों के साथ भी छल कर रहे हैं।
डेरापुर तहसील के नंदपुर गांव में आश्रय स्थल का निर्माण करवाया गया है। जिला प्रशासन के पास मौजूद रिपोर्ट में इस आश्रय स्थल में 40 मवेशी बंद हैं। मंगलवार को आश्रय स्थल जाकर हकीकत जानी गई तो वहां एक भी मवेशी नहीं मिला। आश्रय स्थल पूरी तरह से खाली था। लोगों ने बताया कि एक सप्ताह से अधिक समय से एक भी मवेशी बंद नहीं किया गया है।
क्षेत्र के गांव नंदपुर के किसान अशोक कुमार और बिरिया के मोहर सिंह ने कहा कि आश्रय स्थल में प्रशासन ने व्यवस्था ही नहीं की। चारा पानी न होने से बंद किए गए मवेशी बड़ तोड़क निकल जाते हैं और फसलों को नुकसान पहुंचा रहे हैं। आश्रय स्थलों की क्षमता भी कम है। एक या दो गांवों के ही छुट्टा मवेशी बंद किए गए जबकि अन्य गांवों के फसलों को नुकसान पहुंचा रहे हैं।
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डेरापुर के शफीक बेग व कौसर खां ने कहा कि कस्बे में बने गोवंश स्थल में सिर्फ 15 मवेशी ही बंद हैं। उन्होंने कहा कि आश्रय स्थलों से कोई लाभ नहीं मिल पा रहा है। लोगों ने बताया कि छुट्टा मवेशी खेत से भगाने पर हमलावर हो जाते हैं। 13 फरवरी को एक सांड ने फसल की रखवाली करने के दौरान नंदपुर गांव के फूल सिंह के बेटे सूरज (18) पर हमला कर मौत के घाट उतार दिया था।
इस संबंध में एसडीएम डेरापुर दीपाली कौशल ने कहा कि नंदपुर आश्रय स्थल में खांई ऊंची न होने के कारण मवेशी निकल जाते हैं। वहां अब तार लगाकर घेरने की व्यवस्था की जा रही है। 40 मवेशी बंद होने का आकड़ा पहले का है जो लिपिकीय त्रुटि से अभिलेखों में दर्ज है वहां इस समय कोई मवेशी नहीें हैं।
कागज पर 40 मवेशी, आश्रय स्थल खाली
छुट्टा मवेशी बंद करने में केवल आंकड़ेबाजी कर रहे अधिकारी
क्रासर
नंदपुर के आश्रय स्थल में प्रशासन ने बंद बताए थे 40 मवेशी
मंगलवार को पड़ताल करने पर वहां एक भी मवेशी नहीं मिला
फोटो संख्या-19 एकेबीपी-20 नंदपुर गांव में खाली पड़ा गोवंश आश्रय स्थल
फोटो संख्या-19 एकेबीपी-21 डेरापुर के गो आश्रय स्थल में बंद 15 छुट्टा मवेशी
फोटो संख्या-19 एकेबीपी-29 कौसर खां
फोटो संख्या-19 एकेबीपी-30 मोहर सिंह
फोटो संख्या-19 एकेबीपी-31 अशोक कुमार
डेरापुर। जिले में बनाए गए अस्थायी गोवंश आश्रय स्थल में छुट्टा मवेशी बंद करने में अधिकारी कागजों पर आंकड़ेबाजी कर रहे हैं। जिन आश्रय स्थलों में प्रशासन मवेशी बंद बता रहा है वहां एक भी मवेशी नहीं है। जिले के लापरवाही अधिकारी शासन के साथ किसानों के साथ भी छल कर रहे हैं।
डेरापुर तहसील के नंदपुर गांव में आश्रय स्थल का निर्माण करवाया गया है। जिला प्रशासन के पास मौजूद रिपोर्ट में इस आश्रय स्थल में 40 मवेशी बंद हैं। मंगलवार को आश्रय स्थल जाकर हकीकत जानी गई तो वहां एक भी मवेशी नहीं मिला। आश्रय स्थल पूरी तरह से खाली था। लोगों ने बताया कि एक सप्ताह से अधिक समय से एक भी मवेशी बंद नहीं किया गया है।
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क्षेत्र के गांव नंदपुर के किसान अशोक कुमार और बिरिया के मोहर सिंह ने कहा कि आश्रय स्थल में प्रशासन ने व्यवस्था ही नहीं की। चारा पानी न होने से बंद किए गए मवेशी बड़ तोड़क निकल जाते हैं और फसलों को नुकसान पहुंचा रहे हैं। आश्रय स्थलों की क्षमता भी कम है। एक या दो गांवों के ही छुट्टा मवेशी बंद किए गए जबकि अन्य गांवों के फसलों को नुकसान पहुंचा रहे हैं।
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डेरापुर के शफीक बेग व कौसर खां ने कहा कि कस्बे में बने गोवंश स्थल में सिर्फ 15 मवेशी ही बंद हैं। उन्होंने कहा कि आश्रय स्थलों से कोई लाभ नहीं मिल पा रहा है। लोगों ने बताया कि छुट्टा मवेशी खेत से भगाने पर हमलावर हो जाते हैं। 13 फरवरी को एक सांड ने फसल की रखवाली करने के दौरान नंदपुर गांव के फूल सिंह के बेटे सूरज (18) पर हमला कर मौत के घाट उतार दिया था।
इस संबंध में एसडीएम डेरापुर दीपाली कौशल ने कहा कि नंदपुर आश्रय स्थल में खांई ऊंची न होने के कारण मवेशी निकल जाते हैं। वहां अब तार लगाकर घेरने की व्यवस्था की जा रही है। 40 मवेशी बंद होने का आकड़ा पहले का है जो लिपिकीय त्रुटि से अभिलेखों में दर्ज है वहां इस समय कोई मवेशी नहीें हैं।
कागज पर 40 मवेशी, आश्रय स्थल खाली
छुट्टा मवेशी बंद करने में केवल आंकड़ेबाजी कर रहे अधिकारी
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नंदपुर के आश्रय स्थल में प्रशासन ने बंद बताए थे 40 मवेशी
मंगलवार को पड़ताल करने पर वहां एक भी मवेशी नहीं मिला
फोटो संख्या-19 एकेबीपी-20 नंदपुर गांव में खाली पड़ा गोवंश आश्रय स्थल
फोटो संख्या-19 एकेबीपी-21 डेरापुर के गो आश्रय स्थल में बंद 15 छुट्टा मवेशी
फोटो संख्या-19 एकेबीपी-29 कौसर खां
फोटो संख्या-19 एकेबीपी-30 मोहर सिंह
फोटो संख्या-19 एकेबीपी-31 अशोक कुमार