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कानपुर देहात-05
Updated Thu, 15 Mar 2018 12:40 AM IST
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दो लीटर दूध में 103 बच्चों को पिलाया!
अमर उजाला ब्यूरो
कानपुर देहात। परिषदीय और सहायता प्राप्त विद्यालयों में चल रही एमडीएम (मिडडे-मील) योजना में शिक्षक मनमानी कर रहे हैं। बुधवार को जिला समन्वयक (एमडीएम) के शिक्षकों की लापरवाही का खुलासा हुआ। बुधवार को प्राथमिक विद्यालय, विसायकपुर में 103 बच्चों के लिए सिर्फ दो लीटर दूध मंगवाया गया था। वहीं, एक सहायता प्राप्त स्कूल हरीरामपुरवा में एमडीएम का संचालन प्रबंधक के घर से होते मिला। इस निरीक्षण रिपोर्ट कार्रवाई के लिए बीएसए को भेजी जाएगी।
भोजन की गुणवत्ता सुधारने के लिए जिलाधिकारी राकेश कुमार सिंह और बीएसए पवन कुमार तिवारी ने मध्याह्न भोजन की जिला समन्वयक दीपा शुक्ला को सप्ताह में पांच दिन निरीक्षण करने के निर्देश दिए हैं। इसी क्रम में बुधवार को उन्होंने जिले के पांच स्कूलों का निरीक्षण किया तो वहां बड़ी लापरवाही का खुलासा हुआ। सबसे पहले उन्होंने हरीराम पुरवा स्थित सहायता प्राप्त श्रीधर अवस्थी जूनियर हाईस्कूल का निरीक्षण किया। वहां पंजीकृत 59 बच्चों में 57 उपस्थित दिखाए गए थे। जबकि, मौके पर बच्चे मौजूद नहीं थे। रसोइयों से बच्चों को खाना देने के बाबत पूछा गया तो उसने 20 बच्चों के लिए खाना बनाए जाने की जानकारी दी, जबकि दूसरी रसोइया ने 50 बच्चों के लिए खाना बनाने की बात कही। स्कूल में न तो रसोई घर संचालित मिला और न कोई बर्तन थे। रसोइयों ने बताया कि खाना प्रबंधक के घर से बनकर आता है, वहीं राशन भी रखा है। नियमानुसार ऐसा नहीं हो सकता है। यहां के हेड मास्टर ने एमडीएम से संबधित वित्तीय अभिलेख भी नहीं दिखा पाए।
इसके बाद प्राथमिक विद्यालय, विसायकपुर में पंजीकृत 120 बच्चों में से 103 उपस्थित मिले। खास बात यह है कि इनके लिए सिर्फ दो लीटर दूध लाया गया था। प्रत्येक बच्चे को सौ मिलीलीटर दूध वितरित करना है। दो लीटर दूध मानक के अनुसार सिर्फ 20 बच्चों के लिए होता है, लेकिन शिक्षकों ने उतने दूध से सभी बच्चों को वितरित करने की बात कही।
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प्राथमिक विद्यालय पचगवां में पंजीकृत 69 में मौजूद 56 बच्चे मौजूद मिले। यहां केवल एक लीटर दूध लाया गया था। प्राथमिक विद्यालय, हरीरामपुरवा, उच्च प्राथमिक विद्यालय, विसायकपुर में दूध वितरण की औपचारिकता निभाए जाने का खुलासा हुआ।
इस संबंध में डीसी एमडीएम दीपा शुक्ला ने बताया कि निरीक्षण में बडे पैमाने पर गड़बड़ी उजागर हुई है। कार्रवाई के लिए निरीक्षण आख्या बीएसए को भेजी जाएगी।
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अमर उजाला ब्यूरो
कानपुर देहात। परिषदीय और सहायता प्राप्त विद्यालयों में चल रही एमडीएम (मिडडे-मील) योजना में शिक्षक मनमानी कर रहे हैं। बुधवार को जिला समन्वयक (एमडीएम) के शिक्षकों की लापरवाही का खुलासा हुआ। बुधवार को प्राथमिक विद्यालय, विसायकपुर में 103 बच्चों के लिए सिर्फ दो लीटर दूध मंगवाया गया था। वहीं, एक सहायता प्राप्त स्कूल हरीरामपुरवा में एमडीएम का संचालन प्रबंधक के घर से होते मिला। इस निरीक्षण रिपोर्ट कार्रवाई के लिए बीएसए को भेजी जाएगी।
भोजन की गुणवत्ता सुधारने के लिए जिलाधिकारी राकेश कुमार सिंह और बीएसए पवन कुमार तिवारी ने मध्याह्न भोजन की जिला समन्वयक दीपा शुक्ला को सप्ताह में पांच दिन निरीक्षण करने के निर्देश दिए हैं। इसी क्रम में बुधवार को उन्होंने जिले के पांच स्कूलों का निरीक्षण किया तो वहां बड़ी लापरवाही का खुलासा हुआ। सबसे पहले उन्होंने हरीराम पुरवा स्थित सहायता प्राप्त श्रीधर अवस्थी जूनियर हाईस्कूल का निरीक्षण किया। वहां पंजीकृत 59 बच्चों में 57 उपस्थित दिखाए गए थे। जबकि, मौके पर बच्चे मौजूद नहीं थे। रसोइयों से बच्चों को खाना देने के बाबत पूछा गया तो उसने 20 बच्चों के लिए खाना बनाए जाने की जानकारी दी, जबकि दूसरी रसोइया ने 50 बच्चों के लिए खाना बनाने की बात कही। स्कूल में न तो रसोई घर संचालित मिला और न कोई बर्तन थे। रसोइयों ने बताया कि खाना प्रबंधक के घर से बनकर आता है, वहीं राशन भी रखा है। नियमानुसार ऐसा नहीं हो सकता है। यहां के हेड मास्टर ने एमडीएम से संबधित वित्तीय अभिलेख भी नहीं दिखा पाए।
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इसके बाद प्राथमिक विद्यालय, विसायकपुर में पंजीकृत 120 बच्चों में से 103 उपस्थित मिले। खास बात यह है कि इनके लिए सिर्फ दो लीटर दूध लाया गया था। प्रत्येक बच्चे को सौ मिलीलीटर दूध वितरित करना है। दो लीटर दूध मानक के अनुसार सिर्फ 20 बच्चों के लिए होता है, लेकिन शिक्षकों ने उतने दूध से सभी बच्चों को वितरित करने की बात कही।
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प्राथमिक विद्यालय पचगवां में पंजीकृत 69 में मौजूद 56 बच्चे मौजूद मिले। यहां केवल एक लीटर दूध लाया गया था। प्राथमिक विद्यालय, हरीरामपुरवा, उच्च प्राथमिक विद्यालय, विसायकपुर में दूध वितरण की औपचारिकता निभाए जाने का खुलासा हुआ।
इस संबंध में डीसी एमडीएम दीपा शुक्ला ने बताया कि निरीक्षण में बडे पैमाने पर गड़बड़ी उजागर हुई है। कार्रवाई के लिए निरीक्षण आख्या बीएसए को भेजी जाएगी।