{"_id":"5c27bd9ebdec22569f26797a","slug":"151546108318-kanpur-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"नबी और सहाबा के नक्शे कदम पर चलना ही इस्लाम","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
नबी और सहाबा के नक्शे कदम पर चलना ही इस्लाम
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
औरैया। सामाजिक मामलात और अक़ाइद व इबादत की दुरुस्तगी को लेकर शहर के पास कस्बा खानपुर की कुरैशियान मस्जिद में दावतुल हक़ द्वारा एक दिवसीय कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इसमें जमीयतुल उलेमा के प्रदेश अध्यक्ष समेत हरदोई के शेखुल हदीस व लखनऊ और कानपुर से आए तमाम मुफ़्ती और उलेमाओं ने लोगों को नमाज सही अदा करने का तरीका बताया।
इस्लाम के पांच शोबे अक़ाइद, इबादात, मामलात, अखलाक व माशरत की तालिमों पर अमल करने के लिए बयान किया। शुक्रवार को देर शाम कार्यक्रम का आगाज क़तर से आए इमाम कारी इश्तियाक ने कुरआन पाक की तिलावत कर किया। कानपुर से आए कारी मोहम्मद आसिफ ने असर की नमाज के बाद लोगों को सही और सुन्नत ढंग से नमाज अदा करने का अमली अभ्यास कराया।
हरदोई स्थित मदरसा अशरफुल उलूम के शेखुल हदीस मौलाना अफजालुर्रहमान ने कहा कि नबी और सहाबा की जिंदगी पर अमल करके ही जिंदगी और खुशगवार बनाया जा सकता है। जमीयत उलेमा हिन्द के प्रदेश अध्यक्ष मौलाना मतीनुल हक़ ओसामा कासमी ने कहा कि बनी इसराइल बहत्तर तबकों में बंटा था और हमारे नबी की उम्मत तिहत्तर फिरकों में बंटेगी। मगर उसमें वही तबका जन्नती होगा जो हमारे नबी और सहाबा के नक्शे कदम पर चलेगा।
विज्ञापन
रूहे हिलाल कमेटी कानपुर के जनरल सेक्रेटरी मुफ़्ती इकबाल अहमद कासमी ने कहा कि मुसलमानों में फैल रही सामाजिक बुराइयों को दूर करने की जरूरत है। कार्यक्रम में लखनऊ के नदवे से आए मुफ़्ती जैद, मौलाना खलील, मुफ़्ती बिलाल व मौलाना जब्बार सहित कई उलेमा ने तकरीर कर इस्लाम की तालीम पर रोशनी डाली। पूर्व मंत्री व पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष मोहम्मद इरशाद ने मेहमानों की अगुवानी की।
इस मौके पर कार्यक्रम संयोजक हाजी शकील, काजी शहर मुफ़्ती इमरान, मौलाना इजहार कासमी, मौलाना अबूबकर, मौलाना आबिद, मौलाना राशिद, कारी मुक़तदिर, मौलाना शोएब, हाफिज इसरार व मुहम्मद तैयब सहित सैकड़ों लोग मौजूद रहे।
विज्ञापन
इस्लाम के पांच शोबे अक़ाइद, इबादात, मामलात, अखलाक व माशरत की तालिमों पर अमल करने के लिए बयान किया। शुक्रवार को देर शाम कार्यक्रम का आगाज क़तर से आए इमाम कारी इश्तियाक ने कुरआन पाक की तिलावत कर किया। कानपुर से आए कारी मोहम्मद आसिफ ने असर की नमाज के बाद लोगों को सही और सुन्नत ढंग से नमाज अदा करने का अमली अभ्यास कराया।
विज्ञापन
हरदोई स्थित मदरसा अशरफुल उलूम के शेखुल हदीस मौलाना अफजालुर्रहमान ने कहा कि नबी और सहाबा की जिंदगी पर अमल करके ही जिंदगी और खुशगवार बनाया जा सकता है। जमीयत उलेमा हिन्द के प्रदेश अध्यक्ष मौलाना मतीनुल हक़ ओसामा कासमी ने कहा कि बनी इसराइल बहत्तर तबकों में बंटा था और हमारे नबी की उम्मत तिहत्तर फिरकों में बंटेगी। मगर उसमें वही तबका जन्नती होगा जो हमारे नबी और सहाबा के नक्शे कदम पर चलेगा।
विज्ञापन
रूहे हिलाल कमेटी कानपुर के जनरल सेक्रेटरी मुफ़्ती इकबाल अहमद कासमी ने कहा कि मुसलमानों में फैल रही सामाजिक बुराइयों को दूर करने की जरूरत है। कार्यक्रम में लखनऊ के नदवे से आए मुफ़्ती जैद, मौलाना खलील, मुफ़्ती बिलाल व मौलाना जब्बार सहित कई उलेमा ने तकरीर कर इस्लाम की तालीम पर रोशनी डाली। पूर्व मंत्री व पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष मोहम्मद इरशाद ने मेहमानों की अगुवानी की।
इस मौके पर कार्यक्रम संयोजक हाजी शकील, काजी शहर मुफ़्ती इमरान, मौलाना इजहार कासमी, मौलाना अबूबकर, मौलाना आबिद, मौलाना राशिद, कारी मुक़तदिर, मौलाना शोएब, हाफिज इसरार व मुहम्मद तैयब सहित सैकड़ों लोग मौजूद रहे।