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छह जिलों के 151 शस्त्र लाइसेंस निलंबित, आईजी रेंज मोहित अग्रवाल ने अभियान चलाकर कराई कार्रवाई

Wed, 25 Sep 2019 12:08 AM IST
प्रभापुंज मिश्रा यूपी डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
यूपी डेस्क, अमर उजाला, कानपुर Published by: प्रभापुंज मिश्रा Updated Wed, 25 Sep 2019 12:08 AM IST
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151 Arms licenses of six districts suspended
बंदूक
कानपुर रेंज के छह जिलों के 151 लोगों के शस्त्र लाइसेंस निलंबित कर दिए गए हैं। इनमें कानपुर शहर के 82 शस्त्र लाइसेंसधारक शामिल हैं। ये लाइसेंस आपराधिक इतिहास को छिपाकर या बाद में अपराध करने वालों समेत फर्जी दस्तावेजों के आधार पर बनवाए गए।
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आईजी रेंज मोहित अग्रवाल ने 15 दिनों के अभियान के बाद यह कार्रवाई की। साथ ही संबंधित जिलों के जिलाधिकारियों को रिपोर्ट भेजकर इन लाइसेंसों को निरस्त करने की संस्तुति की है। निलंबित लाइसेंसों में अधिकतर लाइसेंसधारक अपराधी हैं। शहर में 77 फर्जी शस्त्र लाइसेंस बनने का खुलासा होने के बाद आईजी ने रेंज के सभी छह जिलों में शस्त्र लाइसेंसों का सत्यापन कराया।
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शहर के 82 शस्त्र लाइसेंस शामिल, निरस्तीकरण के लिए संतुति

आईजी मोहित अग्रवाल ने बताया कि शहर में इन 77 के अलावा पांच शस्त्र लाइसेंसधारक और ऐसे मिले, जिनका आपराधिक इतिहास है। ऐसे में यहां के कुल 82 शस्त्र लाइसेंसों को निलंबित किया गया है। आईजी ने बताया कि आपराधिक इतिहास होने के बावजूद जिन-जिन थानों से सही रिपोर्ट लगाई गई है, उन थानेदारों व संबंधित दरोगा के खिलाफ जांच भी शुरू हो गई है। जांच के बाद उन सभी पर विभागीय कार्रवाई की जाएगी।

शहर के चार थानेदारों समेत अन्य पुलिसकर्मियों की जांच
शहर में आपराधिक इतिहास वाले पांच लोगों में नौबस्ता के अनिल त्रिपाठी, बर्रा का हिस्ट्रीशीटर लायक सिंह, बेकनगंज का मोहम्मद मुस्लिम व फीलखाना का सुरेश कुमार द्विवेदी शामिल है। मोहम्मद मुस्लिम के पास दो लाइसेंस हैं। आईजी ने बताया कि इन सभी के लाइसेंस में जिन-जिन दरोगाओं ने रिपोर्ट लगाई है, उनके सहित तत्कालीन थानेदार की जांच कर उन पर कार्रवाई की जाएगी।

शासन के आदेश पर जांच 
कानपुर में शस्त्र लाइसेंस के फर्जीवाड़े के खुलासे के बाद डीजीपी ने गृह विभाग को पत्र लिखकर प्रदेशभर में एक साल के अंदर बने शस्त्र लाइसेंसों की जांच की सिफारिश की थी। उसी के तहत आईजी रेंज ने अभियान चलवाया।

रेंज के सभी छह जिलों में 15 दिनों तक शस्त्र लाइसेंस चेकिंग अभियान चलाया गया। इसमें 151 लाइसेंसों में अनियमितता मिली है। सभी लाइसेंस निलंबित कर संबंधित जिलाधिकारियों को रिपोर्ट भेजकर निरस्तीकरण की सिफारिश की गई है। - मोहित अग्रवाल, आईजी, कानपुर रेंज

 

आपराधिक इतिहास छिपाकर व फर्जीवाड़ा कर बनाए गए लाइसेंस

जनपद                निलंबित लाइसेंस
कानपुर नगर                82
कानपुर देहात            06
इटावा                11
औरैया                07
फतेहगढ़            32
कन्नौज                13

इनके निलंबित हुए लाइसेंस
कानपुर देहात: पुष्पेंद्र सिंह, सुरेंद्र सिंह, लायक सिंह, दीपक चतुर्वेदी, विनय सिंह, नीरज सिंह गौर।
औरैया: अहिबरन सिंह, कृष्णपाल सिंह, जयकेश कुमार उर्फ भूरे यादव, मानिकचंद्र, रमेशचंद्र, आनंद तिवारी व राजेश कुमार।
कन्नौज: श्याम किशोर तिवारी, विमल कांत, प्रभाकांत, विनोद सिंह, केसरअली, आशुतोष अग्निहोत्री उर्फ राके, रिफाकत अली, फिरोज अख्तर, दिनेश गुप्ता, मनोज गुप्ता, मनीष यादव उर्फ डंपी, शाकिर अली और राकेश कुमार भदौरिया।
फतेहगढ़: दिलशाद अहमद, महेंद्र प्रताप सिंह, सतेंद्र उर्फ कुटन्ना, मोहम्मद दिलशाद, प्यारेलाल पाल, शांति देवी, कुलदीप सक्सेना, महिपाल सिंह, अशोक कुमार मिश्रा, रामबदल, संजय वर्मा, लल्ला बाबू उर्फ राजकुमार, सतेंद्र सिंह (दो लाइसेंस), फैयाज हुसैन, उपदेश कुमार गुप्ता, बृजकिशोर बाजपेई, कमलेश चंद्र, शैलेंद्र पाल, शिव प्रताप, राम प्रताप, राम निवास, मुन्नालाल, शिवलाल, रामनाथ, जितेंद्र सिंह, महेश चंद्र, रणधीर सिंह व बसंत लाल, अतिकुरर्हमान, पुत्तूलाल व भानू सिंह।
इटावा: राम स्वरूप, श्याम सिंह, रामवीर, दुवेश कुमार, शिवराम (दो लाइसेंस), सतेंद्र बाबू, हंसमुखी, शिव मिश्रा, सुभाष चंद्र व बृजराज सिंह।
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