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जज्बा: पिता गार्ड, मां करतीं दूसरे के घरों में कामकाज, बेटा बनेगा मुक्केबाज, किट तक खरीदने के नहीं थे पैसे, ऐसे की तैयारी
Thu, 31 Mar 2022 01:53 PM IST
शिखा पांडेय
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
Published by: शिखा पांडेय
Updated Thu, 31 Mar 2022 01:53 PM IST
सार
विनीत ने दो राज्य स्तरीय प्रतियोगिताओं में दो रजत पदक जीत चुके हैं। 2019 में सहारनपुर में और 2018 में गोरखपुर में हुई राज्य स्तरीय प्रतियोगिता में उन्होंने पदक जीते हैं। उन्होंने कानपुर मंडल की टीम की ओर से प्रतिभाग किया था। 15 साल के विनीत बीएनएसडी इंटर कॉलेज में 9वीं कक्षा में हैं।
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विनीत मारकंडे अपने कोच के साथ
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
पिता गार्ड हैं, मां दूसरे के घरों में साफ-सफाई करके परिवार के भरण-पोषण में मदद करती हैं। दोनों के कठिन परिश्रम को सार्थक करके दिखाया है उनके बेटे विनीत मारकंडे ने 15 वर्षीय मुक्केबाज विनीत का चयन राजस्थान के अलवर जिले के साई (भारतीय खेल प्राधिकरण) हॉस्टल में हुआ है।
यहां के प्रशिक्षक उन्हें राष्ट्रीय प्रतियोगिताओं के लिए तराशेंगे। विनीत राज्य स्तर की दो प्रतियोगिताओं में पदक जीत चुके हैं। नयापुरवा निवासी विनीत के पिता राजकुमार और मां मंजू ने बताया कि चार साल की उम्र से उसके अंदर बॉक्सिंग सीखने की ललक थी।
घर के पास स्थित पार्क में प्रशिक्षक भगवानदीन अन्य बच्चों को बॉक्सिंग सिखाने आते थे। विनीत रोज वहां जाता था और उन्हें देखकर खुद अभ्यास करने लगता था। यह देखकर भगवानदीन ने उसे निशुल्क प्रशिक्षण देने की बात कही। विनीत ने बताया कि घर की आर्थिक स्थिति ठीक नहीं थी।
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यहां के प्रशिक्षक उन्हें राष्ट्रीय प्रतियोगिताओं के लिए तराशेंगे। विनीत राज्य स्तर की दो प्रतियोगिताओं में पदक जीत चुके हैं। नयापुरवा निवासी विनीत के पिता राजकुमार और मां मंजू ने बताया कि चार साल की उम्र से उसके अंदर बॉक्सिंग सीखने की ललक थी।
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घर के पास स्थित पार्क में प्रशिक्षक भगवानदीन अन्य बच्चों को बॉक्सिंग सिखाने आते थे। विनीत रोज वहां जाता था और उन्हें देखकर खुद अभ्यास करने लगता था। यह देखकर भगवानदीन ने उसे निशुल्क प्रशिक्षण देने की बात कही। विनीत ने बताया कि घर की आर्थिक स्थिति ठीक नहीं थी।
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किट तो दूर ग्लव्स खरीदने के लिए पैसे की व्यवस्था करना मुश्किल था। उन्होंने बताया कि गुरुजी (प्रशिक्षक) ने पहले पालिका स्टेडियम में निशुल्क प्रशिक्षण दिया। किट उपलब्ध कराई। जब भी किसी चीज की जरूरत हुई या प्रतियोगिता में जाना हुआ तो हरसंभव मदद की।
फरवरी में अलवर में हुए ट्रायल में विनीत ने बेहतर प्रदर्शन कर हॉस्टल में प्रवेश पाया है। हॉस्टल में पूर्व अंतरराष्ट्रीय बॉक्सिंग खिलाड़ी डगलस शेफर्ड से विनीत गुर सीखेंगे। न्यू एकलव्य बॉक्सिंग एकेडमी के प्रशिक्षक भगवानदीन ने बताया कि वर्तमान में विनीत एकेडमी में ही निशुल्क प्रशिक्षण प्राप्त कर रहे हैं।
फरवरी में अलवर में हुए ट्रायल में विनीत ने बेहतर प्रदर्शन कर हॉस्टल में प्रवेश पाया है। हॉस्टल में पूर्व अंतरराष्ट्रीय बॉक्सिंग खिलाड़ी डगलस शेफर्ड से विनीत गुर सीखेंगे। न्यू एकलव्य बॉक्सिंग एकेडमी के प्रशिक्षक भगवानदीन ने बताया कि वर्तमान में विनीत एकेडमी में ही निशुल्क प्रशिक्षण प्राप्त कर रहे हैं।
पढ़ते हैं नौवीं में, जीते हैं दो रजत पदक
अभी तक विनीत ने दो राज्य स्तरीय प्रतियोगिताओं में दो रजत पदक जीत चुके हैं। 2019 में सहारनपुर में और 2018 में गोरखपुर में हुई राज्य स्तरीय प्रतियोगिता में उन्होंने पदक जीते हैं। उन्होंने कानपुर मंडल की टीम की ओर से प्रतिभाग किया था। 15 साल के विनीत बीएनएसडी इंटर कॉलेज में 9वीं कक्षा में हैं।
अभी तक विनीत ने दो राज्य स्तरीय प्रतियोगिताओं में दो रजत पदक जीत चुके हैं। 2019 में सहारनपुर में और 2018 में गोरखपुर में हुई राज्य स्तरीय प्रतियोगिता में उन्होंने पदक जीते हैं। उन्होंने कानपुर मंडल की टीम की ओर से प्रतिभाग किया था। 15 साल के विनीत बीएनएसडी इंटर कॉलेज में 9वीं कक्षा में हैं।