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फूड कॉर्पोरेशन विभाग में नौकरी का झांसा देकर 15 लाख ठगे, सात युवा हुए शिकार, दिए फर्जी नियुक्ति पत्र
Sun, 18 Aug 2019 10:19 PM IST
शिखा पांडेय
यूपी डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
यूपी डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
Published by: शिखा पांडेय
Updated Sun, 18 Aug 2019 10:19 PM IST
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यूपी पुलिस फाइल फोटो
कानपुर के चकेरी में फूड कार्पोरेशन विभाग में नौकरी लगवाने के नाम पर सात लोगों ने ठगों ने 15 लाख रुपये ठग फर्जी नियुक्ति पत्र थमा दिए। नौकरी ज्वाइन करने पहुंचे तो उन्हें ठगी की जानकारी हुई। इसके बाद उन्होंने एसएसपी से शिकायत कर तहरीर दी। एसएसपी के आदेश पर चकेरी पुलिस ने पिता-पुत्र पर एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
अहिरवां के मवइयां गांव निवासी केसरीनंदन पांडेय के मुताबिक पिछले साल फरवरी में उनके एक परिचित ने कान्हामऊ रायबरेली निवासी आशीष सिंह से उनकी मुलाकात कराई थी। आशीष सिंह ने खुद को फूड कार्पोरेशन में अधिकारी बताया था।
इस दौरान जुलाई 2018 में आशीष ने केसरीनंदन से को बताया कि विभाग में चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी की नौकरी निकली हैं। अगर किसी की नौकरी लगवानी हो तो वह लगवा सकता है। केशरीनंदन उसके झांसे में आ गए। उन्होंने खदु के साथ गांव के विनीत सिंह, अनिरुद्घ मिश्रा, पंकज पांडेय, राहुल सिंह, राम सिंह व जितेंद्र सिंह की भी नौकरी लगवाने का सौदा आशीष से कर लिया।
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इसके एवज में सभी ने मिलकर आशीष को कुल 15 लाख रुपये दिए। तीन लाख रुपये चेक के जरिए और बाकी की रकम नकद दी। इसके बाद आशीष ने कौशांबी व सीतापुर के सरकारी अस्पताल में सभी लोगों का मेडिकल कराया। कुछ समय बाद सभी को नियुक्ति पत्र भी दे दिए। जब वे सभी फूड कार्पोरेशन के दफ्तर लखनऊ पहुंचे, तो पता चला कि नियुक्ति पत्र फर्जी हैं।
वह हैरान रह गए और आशीष से रकम वापस करने को कहा। आरोप है कि आशीष व उसके पिता शशेंद्र बहादुर ने पैसे वापस देने से इंकार कर दिया और जान से मारने की धमकी दी। तब पीड़ित ने एसएसपी अनंत देव से शिकायत की।
चकेरी इंस्पेक्टर रणजीत राय ने बताया कि आरोपियों पर धोखाधड़ी कर रकम हड़पने, धमकी देने की धारा में एफआईआर दर्ज की गई है। जल्द आरोपियों को पकड़ कर पूछताछ की जाएगी और फिर जेल भेजा जाएगा।
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अहिरवां के मवइयां गांव निवासी केसरीनंदन पांडेय के मुताबिक पिछले साल फरवरी में उनके एक परिचित ने कान्हामऊ रायबरेली निवासी आशीष सिंह से उनकी मुलाकात कराई थी। आशीष सिंह ने खुद को फूड कार्पोरेशन में अधिकारी बताया था।
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इस दौरान जुलाई 2018 में आशीष ने केसरीनंदन से को बताया कि विभाग में चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी की नौकरी निकली हैं। अगर किसी की नौकरी लगवानी हो तो वह लगवा सकता है। केशरीनंदन उसके झांसे में आ गए। उन्होंने खदु के साथ गांव के विनीत सिंह, अनिरुद्घ मिश्रा, पंकज पांडेय, राहुल सिंह, राम सिंह व जितेंद्र सिंह की भी नौकरी लगवाने का सौदा आशीष से कर लिया।
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इसके एवज में सभी ने मिलकर आशीष को कुल 15 लाख रुपये दिए। तीन लाख रुपये चेक के जरिए और बाकी की रकम नकद दी। इसके बाद आशीष ने कौशांबी व सीतापुर के सरकारी अस्पताल में सभी लोगों का मेडिकल कराया। कुछ समय बाद सभी को नियुक्ति पत्र भी दे दिए। जब वे सभी फूड कार्पोरेशन के दफ्तर लखनऊ पहुंचे, तो पता चला कि नियुक्ति पत्र फर्जी हैं।
वह हैरान रह गए और आशीष से रकम वापस करने को कहा। आरोप है कि आशीष व उसके पिता शशेंद्र बहादुर ने पैसे वापस देने से इंकार कर दिया और जान से मारने की धमकी दी। तब पीड़ित ने एसएसपी अनंत देव से शिकायत की।
चकेरी इंस्पेक्टर रणजीत राय ने बताया कि आरोपियों पर धोखाधड़ी कर रकम हड़पने, धमकी देने की धारा में एफआईआर दर्ज की गई है। जल्द आरोपियों को पकड़ कर पूछताछ की जाएगी और फिर जेल भेजा जाएगा।