{"_id":"593450b04f1c1bce638b4583","slug":"149660076417-kanpur-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"दस साल में रविवार सबसे गर्म.","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
दस साल में रविवार सबसे गर्म.
Updated Sun, 04 Jun 2017 11:55 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
अमर उजाला ब्यूरो
कन्नौज। भीषण गर्मी व लू का प्रकोप रविवार को लगातार दूसरे दिन भी जारी रहा। सुबह दस बजे के बाद से ही गर्म हवाओं का सिलसिला शुरू हो गया। तेज धूप व चल रही लू के कारण दोपहर बारह बजे से तीन बजे तक अधिकांश प्रमुख मार्गों पर सन्नाटा पसरा रहा। दस सालों में रविवार का दिन सबसे अधिक गर्म रहा।
बाजारों में भी इस दौरान भीड़-भाड़ कम दिखी। यद्यपि रविवार को गंगा दशहरा का पर्व था इस वजह से गंगा स्नान के बाद काफी श्रद्धालु शहर के देवी स्थलों व शिवालयों में पहुंचे। शाम को ही मंदिरों से श्रद्धालु बाहर निकलकर अपने गंतव्य को रवाना हुए।
ग्रामीण क्षेत्रों में लू व गर्मी का असर काफी दिखाई दिया। अधिकांश लोग अपने घरों में ही कैद रहे। कोई घर से बाहर निकला तो सर ढककर ही निकला। तेज धूप के कारण भीड़-भाड़ वाली सड़कें भी दोपहर बाद सन्नाटें में रहीं। लोगों ने पेय पदार्थ पीकर प्यास बुझाई। गंगा स्नान को गए श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए तिर्वा कस्बे में कई जगहों पर समाजसेवियों ने पानी व शर्बत का स्टाल लगाकर लौट रहे श्रद्धालुओं की सेवा की।
विज्ञापन
- लू के थपेड़ो से पूरे दिन बचते रहे लोग
विज्ञापन
कन्नौज। भीषण गर्मी व लू का प्रकोप रविवार को लगातार दूसरे दिन भी जारी रहा। सुबह दस बजे के बाद से ही गर्म हवाओं का सिलसिला शुरू हो गया। तेज धूप व चल रही लू के कारण दोपहर बारह बजे से तीन बजे तक अधिकांश प्रमुख मार्गों पर सन्नाटा पसरा रहा। दस सालों में रविवार का दिन सबसे अधिक गर्म रहा।
बाजारों में भी इस दौरान भीड़-भाड़ कम दिखी। यद्यपि रविवार को गंगा दशहरा का पर्व था इस वजह से गंगा स्नान के बाद काफी श्रद्धालु शहर के देवी स्थलों व शिवालयों में पहुंचे। शाम को ही मंदिरों से श्रद्धालु बाहर निकलकर अपने गंतव्य को रवाना हुए।
विज्ञापन
ग्रामीण क्षेत्रों में लू व गर्मी का असर काफी दिखाई दिया। अधिकांश लोग अपने घरों में ही कैद रहे। कोई घर से बाहर निकला तो सर ढककर ही निकला। तेज धूप के कारण भीड़-भाड़ वाली सड़कें भी दोपहर बाद सन्नाटें में रहीं। लोगों ने पेय पदार्थ पीकर प्यास बुझाई। गंगा स्नान को गए श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए तिर्वा कस्बे में कई जगहों पर समाजसेवियों ने पानी व शर्बत का स्टाल लगाकर लौट रहे श्रद्धालुओं की सेवा की।
विज्ञापन
- लू के थपेड़ो से पूरे दिन बचते रहे लोग