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सरकारी रकम डकारने को बनवा लिए फर्जी प्रमाणपत्र
Updated Fri, 28 Jul 2017 12:43 AM IST
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अमर उजाला ब्यूरो
उन्नाव। पारिवारिक लाभ योजना के लगभग हजार आवेदनपत्रों में 50 फीसदी से अधिक के प्रमाणपत्र फर्जी निकले हैं। इसका खुलासा आय, जाति आदि प्रमाणपत्रों के सत्यापन में हुआ है। मामले में जिला समाज कल्याण अधिकारी ने आगे की कार्रवाई के लिए डीएम को फाइल भेजी है।
जिला समाज कल्याण कार्यालय में वर्ष 2014-15 से 2016-2017 तक पारिवारिक लाभ योजना के लिए कुल 362 आवेदनपत्र आए थे। आवेदनकर्ताओं को पैसा देने के लिए फाइल जब तत्कालीन डीएम सुरेंद्र सिंह के पास पहुंची तो उन्होंने ब्लाकों से आए आवेदनपत्रों में से 5-5 की रैंडम जांच बीडीओ से कराई थी। इस तरह से 80 आवेदनपत्रों की रैंडम आधार पर जांच कराई गई तो उसमें 28 आवेदन फर्जी पाए गए थे। इसे गंभीरता से लेते हुए तत्कालीन डीएम सुरेंद्र सिंह ने 28 आवेदनकर्ताओं के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया था। हालांकि उस समय आवेदन करने वालों के खातों में पैसा नहीं पहुंच पाया था। बाद में एक जनवरी 2016
से पहले के आए 936 आवेदनपत्रों के सत्यापन के आदेश दिए गए थे। अब इसकी जांच रिपोर्ट ब्लाकों से आई है। जिसमें 618 अपात्र पाए गए हैं। जांच पड़ताल के दौरान आवेदनपत्रों के साथ संलग्न परिवार रजिस्टर की नकल, मृत्यु प्रमाणपत्र, आय प्रमाणपत्र प्रथमदृष्टया फ र्जी बनाकर संलग्न किए जाने की जानकारी हुई है। आवेदनपत्रों में कई सूचनाएं भ्रामक प्रस्तुत किए जाने की पुष्टि हुई है। कई आवेदनों में सालों पहले गुजर चुके लोगों का हाल ही का मृत्यु प्रमाणपत्र पाया गया। जिला समाज कल्याण अधिकारी अलख निरंजन मिश्रा ने ब्लाकवार सत्यापन रिपोर्ट डीएम को भेज दी है। आगे की कार्रवाई जिलाधिकारीस्तर से की जाएगी।
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आवेदनकर्ताओं के साथ प्रमाणपत्र जारी करने वालों पर कसेगा शिकंजा विभागीय सूत्रों की मानें तो सत्यापन में प्रमाणपत्र फर्जी मिलने पर आने वाले समय में इन आवेदनकर्ताओं पर तो शिकंजा कस सकता है। साथ ही प्रमाणपत्र जारी करने वालों पर भी कार्रवाई की गाज गिर सकती है।
समाज कल्याण विभाग की ओर संचालित राष्ट्रीय पारिवारिक लाभ योजना के तहत परिवार के कमाऊ मुखिया की मृत्यु होने पर सरकार मृतक आश्रित को 30 हजार रुपये आर्थिक सहायता देती है। शर्त यह है कि परिवार के मुखिया की मृत्यु आवेदन से एक साल के भीतर हुई हो। उसकी उम्र 18 से 59 साल हो और वह गरीबी रेखा से नीचे हो।
सरकारी मदद डकारने को बनवा लिए फर्जी प्रमाणपत्र
पारिवारिक लाभ योजना के 66 फीसदी आवेदनों में प्रमाणपत्र फर्जी
936 फ ाइलों में लगे आय, जाति आदि प्रमाणपत्रों के सत्यापन में हुआ खुलासा
जिला समाज कल्याण अधिकारी ने आगे की कार्रवाई के लिए डीएम को भेजी फाइल
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उन्नाव। पारिवारिक लाभ योजना के लगभग हजार आवेदनपत्रों में 50 फीसदी से अधिक के प्रमाणपत्र फर्जी निकले हैं। इसका खुलासा आय, जाति आदि प्रमाणपत्रों के सत्यापन में हुआ है। मामले में जिला समाज कल्याण अधिकारी ने आगे की कार्रवाई के लिए डीएम को फाइल भेजी है।
जिला समाज कल्याण कार्यालय में वर्ष 2014-15 से 2016-2017 तक पारिवारिक लाभ योजना के लिए कुल 362 आवेदनपत्र आए थे। आवेदनकर्ताओं को पैसा देने के लिए फाइल जब तत्कालीन डीएम सुरेंद्र सिंह के पास पहुंची तो उन्होंने ब्लाकों से आए आवेदनपत्रों में से 5-5 की रैंडम जांच बीडीओ से कराई थी। इस तरह से 80 आवेदनपत्रों की रैंडम आधार पर जांच कराई गई तो उसमें 28 आवेदन फर्जी पाए गए थे। इसे गंभीरता से लेते हुए तत्कालीन डीएम सुरेंद्र सिंह ने 28 आवेदनकर्ताओं के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया था। हालांकि उस समय आवेदन करने वालों के खातों में पैसा नहीं पहुंच पाया था। बाद में एक जनवरी 2016
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से पहले के आए 936 आवेदनपत्रों के सत्यापन के आदेश दिए गए थे। अब इसकी जांच रिपोर्ट ब्लाकों से आई है। जिसमें 618 अपात्र पाए गए हैं। जांच पड़ताल के दौरान आवेदनपत्रों के साथ संलग्न परिवार रजिस्टर की नकल, मृत्यु प्रमाणपत्र, आय प्रमाणपत्र प्रथमदृष्टया फ र्जी बनाकर संलग्न किए जाने की जानकारी हुई है। आवेदनपत्रों में कई सूचनाएं भ्रामक प्रस्तुत किए जाने की पुष्टि हुई है। कई आवेदनों में सालों पहले गुजर चुके लोगों का हाल ही का मृत्यु प्रमाणपत्र पाया गया। जिला समाज कल्याण अधिकारी अलख निरंजन मिश्रा ने ब्लाकवार सत्यापन रिपोर्ट डीएम को भेज दी है। आगे की कार्रवाई जिलाधिकारीस्तर से की जाएगी।
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आवेदनकर्ताओं के साथ प्रमाणपत्र जारी करने वालों पर कसेगा शिकंजा विभागीय सूत्रों की मानें तो सत्यापन में प्रमाणपत्र फर्जी मिलने पर आने वाले समय में इन आवेदनकर्ताओं पर तो शिकंजा कस सकता है। साथ ही प्रमाणपत्र जारी करने वालों पर भी कार्रवाई की गाज गिर सकती है।
समाज कल्याण विभाग की ओर संचालित राष्ट्रीय पारिवारिक लाभ योजना के तहत परिवार के कमाऊ मुखिया की मृत्यु होने पर सरकार मृतक आश्रित को 30 हजार रुपये आर्थिक सहायता देती है। शर्त यह है कि परिवार के मुखिया की मृत्यु आवेदन से एक साल के भीतर हुई हो। उसकी उम्र 18 से 59 साल हो और वह गरीबी रेखा से नीचे हो।
सरकारी मदद डकारने को बनवा लिए फर्जी प्रमाणपत्र
पारिवारिक लाभ योजना के 66 फीसदी आवेदनों में प्रमाणपत्र फर्जी
936 फ ाइलों में लगे आय, जाति आदि प्रमाणपत्रों के सत्यापन में हुआ खुलासा
जिला समाज कल्याण अधिकारी ने आगे की कार्रवाई के लिए डीएम को भेजी फाइल