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चार दिन बाद ही प्रदूषण नियंत्रण प्लांट बंद
Updated Sat, 20 Jan 2018 12:32 AM IST
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कायमगंज। चीनी मिल में 1.60 करोड़ रुपये की लागत से लगा प्रदूषण नियंत्रण प्लांट चार दिन चलने के बाद बंद हो गया। इससे मिल में पूरी क्षमता के साथ उत्पादन कार्य भी नहीं चल रहा है। मिल से निकलने वाले काले धुएं से आसपास इलाके के लोग बेहाल हैं।
जिलाधिकारी मोनिका रानी ने 20 नवंबर को द किसान चीनी मिल में पेराई सत्र का शुभारंभ किया था। इस दौरान प्रदूषण नियंत्रण प्लांट लगे बिना मिल चालू कर दी गई थी। प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के शिकंजा कसने पर नौ जनवरी को मुंबई की एक कंपनी ने करीब 1.60 करोड़ रुपये की लागत से चीनी मिल में प्रदूषण नियंत्रण प्लांट लगाया गया। प्लांट तीन-चार दिन चलने के बाद बंद हो गया। प्लांट में दो मोटर लगी हैं। मिल के कर्मचारियों ने बताया कि
उत्पादन क्षमता को देखते हुए कम पावर की मोटर लगाई गई है। प्रदूषण प्लांट बंद होने के बावजूद चीनी मिल चालू कर दी गई। उत्पादन के दौरान मिल से निकलने वाले धुआं बिना संयंत्र के चिमनी से सीधे प्रवाहित होता है, इस कारण स्थानीय लोग परेशान हैं। स्थानीय लोगों ने इसकी शिकायत एसडीएम और प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के अधिकारियों से की है।
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चीनी मिल के जीएम डीके सक्सेना ने बताया कि प्रदूषण नियंत्रण प्लांट के पंखों में खराबी के कारण मिल को बंद करना पड़ा है। क्योंकि द्वारा बाईपास के द्वारा ही यह प्लांट चलता है। प्लांट के इंजीनियरों ने फेडरेशन संस्था को इसके बारे में लिखा है। जिस कार्यदायी संस्था को इसका ठेका दिया था। वह ही इसे पुन: ठीक करायेंगे।
प्रदूषण नियंत्रण प्लांट चार दिन में बंद
द किसान चीनी मिल में 1.60 करोड़ से लगाया गया था संयंत्र, धुएं से आसपास के लोगों का जीना दूभर
20 नवंबर को पेराई सत्र हुआ था, प्लांट बंद होने के कारण रुक-रुक कर चलाई जा रही मिल
अमर उजाला ब्यूरो
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जिलाधिकारी मोनिका रानी ने 20 नवंबर को द किसान चीनी मिल में पेराई सत्र का शुभारंभ किया था। इस दौरान प्रदूषण नियंत्रण प्लांट लगे बिना मिल चालू कर दी गई थी। प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के शिकंजा कसने पर नौ जनवरी को मुंबई की एक कंपनी ने करीब 1.60 करोड़ रुपये की लागत से चीनी मिल में प्रदूषण नियंत्रण प्लांट लगाया गया। प्लांट तीन-चार दिन चलने के बाद बंद हो गया। प्लांट में दो मोटर लगी हैं। मिल के कर्मचारियों ने बताया कि
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उत्पादन क्षमता को देखते हुए कम पावर की मोटर लगाई गई है। प्रदूषण प्लांट बंद होने के बावजूद चीनी मिल चालू कर दी गई। उत्पादन के दौरान मिल से निकलने वाले धुआं बिना संयंत्र के चिमनी से सीधे प्रवाहित होता है, इस कारण स्थानीय लोग परेशान हैं। स्थानीय लोगों ने इसकी शिकायत एसडीएम और प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के अधिकारियों से की है।
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चीनी मिल के जीएम डीके सक्सेना ने बताया कि प्रदूषण नियंत्रण प्लांट के पंखों में खराबी के कारण मिल को बंद करना पड़ा है। क्योंकि द्वारा बाईपास के द्वारा ही यह प्लांट चलता है। प्लांट के इंजीनियरों ने फेडरेशन संस्था को इसके बारे में लिखा है। जिस कार्यदायी संस्था को इसका ठेका दिया था। वह ही इसे पुन: ठीक करायेंगे।
प्रदूषण नियंत्रण प्लांट चार दिन में बंद
द किसान चीनी मिल में 1.60 करोड़ से लगाया गया था संयंत्र, धुएं से आसपास के लोगों का जीना दूभर
20 नवंबर को पेराई सत्र हुआ था, प्लांट बंद होने के कारण रुक-रुक कर चलाई जा रही मिल
अमर उजाला ब्यूरो