फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Chitrakoot News ›   12 leopard and tiger died in Chitrakoot in three years, only ministers and officers keep getting rich

Leopard Death Case: तीन साल में 12 तेंदुआ-बाघ की मौत...फिर भी नहीं हुई कार्रवाई, सिर्फ इनकी भर रही हैं जेबें

Sun, 12 Mar 2023 11:32 PM IST
हिमांशु अवस्थी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चित्रकूट
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चित्रकूट Published by: हिमांशु अवस्थी Updated Sun, 12 Mar 2023 11:32 PM IST
सार

रानीपुर टाइगर रिजर्व क्षेत्र में ट्रेन से कटकर तेंदुए की मौत हो गई। मामले में प्रशासन की लापरहवाही उजागर हुई है। बताया जा रहा है कि तीन साल में 12 तेंदुआ- बाघ की मौत हुई, लेकिन कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं हुई। जनता की गाढ़ी कमाई के लाखों-करोड़ों से मंत्री व अधिकारी मालामाल हो रहे हैं।

विज्ञापन
12 leopard and tiger died in Chitrakoot in three years, only ministers and officers keep getting rich
तेंदुआ - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

यूपी-एमपी क्षेत्र के रानीपुर टाइगर रिजर्व व पन्ना टाइगर रिजर्व क्षेत्र से अक्सर जंगलों में तेंदुए व बाघों का विचरण होता है। इसके लिए लाखों करोड़ों रुपये की योजनाओं से सत्ता पर बैठे मंत्री से लेकर विभागीय अधिकारी व कर्मचारी मालामाल होते हैं, लेकिन इनकी सुरक्षा बस भगवान भरोसे हैं।

विज्ञापन

तीन साल के अंदर 12 तेंदुओं और बाघों की मौत हो चुकी है। ज्यादातर इसमें शिकार किए गए और कुछ ट्रेन की चपेट में आए। किसी मामले में ठोस कार्रवाई की जानकारी नहीं हुई। बस पर्यावरण संरक्षण व पर्यटन को बढ़ावा देने के नाम पर जनता की गाढ़ी कमाई के लाखों-करोड़ों रुपये खर्च किए जाते हैं।
विज्ञापन

अन्य जिलों से तेंदुए, बाघ लाकर रानीपुर टाइगर रिजर्व क्षेत्र व मप्र के पन्ना टाइगर रिजर्व क्षेत्र में छोडे़ जाते हैं। कई बार तो विदेशों से भी मोटी रकम खर्च कर पर्यटकों को आकर्षित करने के लिए यह काम हुआ है। सात साल के अंदर वन विभाग की तरफ से इन क्षेत्रों में छह तेंदुए- बाघ लाकर छोड़े गए।

विज्ञापन
विज्ञापन

अधिकारी छोड़ देते हैं तेंदुए-बाघ
इनकी मौतें किन्हीं न किन्हीं कारणों से होती रही है। कभी करंट से कभी शिकार से तो कभी ट्रेन की चपेट में आने से इनकी मौतें हो चुकी हैं। रानीपुर टाइगर रिजर्व क्षेत्र में घना जंगल होने के कारण जब कभी तेंदुए- बाघ किसी अन्य जिलें मे पाए जाते हैं, तो उन्हें यहां पर वन विभाग के अधिकारियों द्वारा छोड़ दिए जाते है।

जंगल में मिलते रहते हैं शव
इनकी सुरक्षा सही ढंग से न करने से इनकी मौते होती रहती हैं। चार साल पहले गढचपा के जंगल में एक तेंदुआ का शिकारियों ने मार दिया था। इसके बाद निहीं के जंगल में तेंदुआ का शिकार किया गया। इसी तरह से जंगल में शव में मिलते रहे हैं।

  • 5 मार्च 2020 को मानिकपुर सरैंया क्षेत्र में तेंदुए का शिकार।
  • 14 फरवरी 2021 सभागंज के जंगल में तेंदुए का शिकार।
  • 16 फरवरी 2021 को पाल देव सरर्किल में तेंदुए का शिकार।
  • 11 मई 2021 को गोरसरी पहाड़ में मृतक मिले दो तेंदुए।
  • 15 अक्टूबर 2021 मझगवा क्षेत्र में बाघ का शिकार।

  • 9 दिसंबर 2021 को मझगवा चित्रकूट क्षेत्र तेंदुए का शिकार।
  • 30 मई 2022 को चकरा नाले के पास तेंदुए का शिकार।
  • 1 जून 2022 को उंचोहरा क्षेत्र में तेंदुए का शिकार।
  • 27 जनवरी 2023 को सखौवा तेंदुए का शिकार।
  • 17 फरवरी 2023को रानीपुर वन क्षेत्र में तेंदुए का शिकार।
  • 12 मार्च 2023 को इटवा डुडैला रेल मार्ग पर तेंदुए की मौत।

रेल अधिकारियों को लिखा गया है पत्र
 रानीपुर टाइगर रिजर्व क्षेत्र के उप निदेशक पीके त्रिपाठी ने बताया कि इस क्षेत्र में लगभग 60 नर मादा तेंदुआ व बाघ हैं। इनकी सुरक्षा के लिए हर संभव कदम उठाए जाते हैं। वन क्षेत्र से गुजरी रेल लाइन से कॉशन पर ट्रेनें गुजारने के लिए रेल अधिकारियों को पत्र लिखा जाता है।

शिकार करने के आरोप में 10 लोग हुए हैं गिरफ्तार
लगातार तेंदुआ व बाघों को बचाने के लिए जंगलों में कैमरे भी लगाए गए हैं। इनकी लोकेशन की जानकारी के लिए संकेतक लगाए जाते हैं। जब भी ऐसे किसी वन्य जीव प्राणी का शिकार करने की जानकारी होती है, तो इस पर प्रभावी कार्यवाही होती है। तीन साल में दस से अधिक लोगों को शिकार करने के आरोप में पकड़ा गया है।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed