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डिग्रीधारी दिव्यांग ने लगाई फांसी
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बांदा। कोतवाली देहात क्षेत्र के पचनेही गांव में दिव्यांग और बीएड डिग्री व टीईटी उत्तीर्ण गंगा प्रसाद (25) पुत्र सधुवा ने सोमवार को शाम कमरे में दरवाजा बंद कर रस्सी से फांसी लगाकर जान दे दी। परिजनों ने दरवाजा तोड़कर पुलिस को सूचना दी। सुसाइड नोट में वजह मानसिक रूप से परेशान होना बताया गया है। पुलिस का कहना है कि इसकी भी जांच की जाएगी कि दोनों पैरों से दिव्यांग होने पर भी गंगा ने सीलिंग फैन पर रस्सी कैसे बांधी?
गंगा प्रसाद ने बीएड प्रशिक्षण लेने के बाद पिछले वर्ष शिक्षक पात्रता परीक्षा (टीईटी) भी उत्तीर्ण कर ली थी। वह शिक्षक पद पर नौकरी के लिए प्रयासरत था। बड़े भाई चंद्रपाल ने बताया कि परिवार संयुक्त रूप से रहता है। अविवाहित गंगा प्रसाद अपने कमरे में रह रहा था। शाम कमरे के दरवाजे देर तक न खुलने पर शंका हुई तो दरवाजा तोड़ा गया। सीलिंग फैन पर बंधी रस्सी के फंदे पर शव लटका था।
प्रभारी निरीक्षक रमेश यादव ने बताया कि जेब से मिले सुसाइड लेटर में लिखा है कि वह मानसिक रूप से परेशान है। अपनी मर्जी से आत्महत्या कर रहा है। इसमें किसी का दोष नहीं है। भाई मां का ध्यान रखे। भाई बोला कि नौकरी न मिलने पर वह परेशान था।
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गंगा प्रसाद ने बीएड प्रशिक्षण लेने के बाद पिछले वर्ष शिक्षक पात्रता परीक्षा (टीईटी) भी उत्तीर्ण कर ली थी। वह शिक्षक पद पर नौकरी के लिए प्रयासरत था। बड़े भाई चंद्रपाल ने बताया कि परिवार संयुक्त रूप से रहता है। अविवाहित गंगा प्रसाद अपने कमरे में रह रहा था। शाम कमरे के दरवाजे देर तक न खुलने पर शंका हुई तो दरवाजा तोड़ा गया। सीलिंग फैन पर बंधी रस्सी के फंदे पर शव लटका था।
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प्रभारी निरीक्षक रमेश यादव ने बताया कि जेब से मिले सुसाइड लेटर में लिखा है कि वह मानसिक रूप से परेशान है। अपनी मर्जी से आत्महत्या कर रहा है। इसमें किसी का दोष नहीं है। भाई मां का ध्यान रखे। भाई बोला कि नौकरी न मिलने पर वह परेशान था।
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