फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Kanpur News ›   फसल की बुआई से पूर्व कराएं खेतों का मृदा परीक्षण

फसल की बुआई से पूर्व कराएं खेतों का मृदा परीक्षण

Tue, 13 Nov 2018 12:43 AM IST
Updated Tue, 13 Nov 2018 12:43 AM IST
विज्ञापन
फसल की बुआई से पूर्व कराएं खेतों का मृदा परीक्षण
घाटमपुर(कानपुर)। कसबा स्थित राजकीय कृषि बीज भंडार परिसर में दो दिवसीय कृषक गोष्ठी का आयोजन किया गया। जिसमें कृषि वैज्ञानिकों ने किसानों को उन्नत तकनीकी से खेती करने के साथ ही जैविक खेती के प्रति प्रोत्साहित किया। कहा कि रासायनिक उर्वरकों और कीटनाशकों के अंधाधुंध प्रयोग से जहां खेतों की मिट्टी की सेहत बिगड़ रही है। वहीं, जहरीले फल-सब्जियां और अनाज हमारे स्वास्थ्य पर प्रतिकूल प्रभाव डाल रहे हैं।
विज्ञापन

राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा मिशन के तहत कृषक गोष्ठी के पहले दिन कृषि वैज्ञानिक डा. यूएन पांडेय ने लोगों को फल और सब्जियों की अच्छी और गुणवत्तापूर्ण उपज प्राप्त करें, इस बारे में बताया। उन्होंने फल और सब्जियों को रोग और कीटों से बचाने के लिए रासायनिक कीटनाशकों का प्रयोग करने की जगह देशी विधि से तैयार किए गए कीटनाशक का छिड़काव करने की सलाह दी।
विज्ञापन

वहीं, दलहन एवं तिलहन से संबंधित कृषि वैज्ञानिक बच्चन चौधरी ने किसानों को दलहनी फसलों की बुआई करने से पूर्व बीजों को उपचारित करने और उकठा रोग से बचाव के लिए ट्राईकोडर्मा का प्रयोग करने की सलाह दी।
विज्ञापन
विज्ञापन

कृषि वैज्ञानिक रामसागर सिंह ने किसानों को जैविक खेती के बारे में बताया। उन्होंने अच्छी फसल और उपज पाने के लिए खेतों में जीवामृत का उपयोग करने की सलाह दी। बताया कि जीवामृत तैयार करने के करीब 10 लीटर गोमूत्र, 10 किलोग्राम गाय का गोबर, एक किलोग्राम गुड़ और इतनी ही मात्रा में बेसन का घोल बनाकर दो सौ लीटर क्षमता के ड्रम में भरकर रख दें। एक सप्ताह के बाद जीवामृत तैयार हो जाएगा, जिसका प्रयोग फसल की सिंचाई करते समय खेत पर करें।
मृदा स्वास्थ्य परीक्षण अधिकारी राजेंद्र कुमार सचान ने बताया कि रासायनिक उर्वरकों के प्रयोग से मिट्टी में कार्बन और जीवाश्म की मात्रा लगातार घटती जा रही है। मिट्टी की उपजाऊ परत पर पीएच की मात्रा असंतुलित हो जाने से उपजाऊ खेत भी बंजर हो रहे हैं। बताया कि किसान भाई फसल चक्र के अनुसार मिट्टी का परीक्षण कराएं और इसके बाद ही उनमें फसलों की बुवाई करें।

कृषि संगोष्ठी में राजकीय बीज भंडार के प्रभारी विवेक कुमार सिंह, संजीव कुमार, कृषि रक्षा इकाई के प्रभारी गोपाल कृष्ण यादव के साथ ही क्षेत्र से आए किसान शामिल रहे।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed