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एक मौत के बाद खुली स्वास्थ्य विभाग की नींद
Updated Sun, 30 Sep 2018 01:04 AM IST
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बरौर(कानपुर)। विकासखंड मलासा के दयाल ताला मजरा केशी में बुखार ने अपने पांव पसार लिए हैं। गत शुक्रवार को एक सप्ताह बुखार से पीड़ित एक किशोर की मौत हो गई। परिजन इलाज के लिए निजी वाहन से ले जाने का इंतजाम कर रहे थे। शनिवार को स्वास्थ्य टीम ने गांव पहुंच मरीजों का इलाज व दवा वितरण किया। 17 मरीजों की स्लाइड बनाई गई।
मलासा के दयालताला गांव में डेढ़ दर्जन से अधिक ग्रामीण बुखार की चपेट में हैं। दयालताला निवासी विश्वनाथ संखवार ने बताया कि उसका पुत्र अजय (11) कक्षा 5 का छात्र है। उसे एक सप्ताह से बुखार आ रहा था। कस्बा के निजी चिकित्सक से इलाज कराया जा रहा था। आराम न मिलने पर गत बुधवार को अकबरपुर के एक निजी अस्पताल में इलाज के लिए ले गए। जांच में टाइफाइड और मलेरिया की पुष्टि हुई। दवा लेकर वह उसे घर ले आए। गत शुक्रवार को वह अकबरपुर पुत्र की दवा लेने गए थे। घर पर पत्नी संगीता देवी व पुत्र सतीश थे। दोपहर में सतीश ने फोन पर अजय की मौत की खबर दी। सतीश ने बताया कि उसे उल्टी आ रही थी। इलाज करने के लिए वाहन का इंतजाम कर रहे थे। इसी दौरान उसकी मौत हो गई। गांव में बुखार से मौत की सूचना पर शनिवार को स्वास्थ्य टीम ने पहुंचकर मरीजों का इलाज व दवा वितरण किया। ज्ञान प्रकाश की पुत्री आरजू (6), रामबाबू (58), रामचंद्र की पत्नी शारदा (55), ब्रजपाल का पुत्र नैतिक (1), बृजपाल की पत्नी शोभा (25), मनोज कुमार का पुत्र मंजीत(13), पुत्री रुचि(18), रूपराम की पत्नी सुशीला देवी(35), धर्मेंद्र की पुत्री रिमझिम (3), आनंद की पत्नी श्रेष्ठा(18), राजपाल का पुत्र विकास(10), वीरेंद्र की पत्नी सुनीता(25) सहित 13 लोगों की स्लाइडें बनाई गई। 18 ग्रामीणों का इलाज कर दवा वितरित की गई। टीम में डॉ दिनेश सिंह, फार्मासिस्ट शशांक मौर्य, हेल्थ सुपरवाइजर सुरेंद्र मौजूद रहे।
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मलासा के दयालताला गांव में डेढ़ दर्जन से अधिक ग्रामीण बुखार की चपेट में हैं। दयालताला निवासी विश्वनाथ संखवार ने बताया कि उसका पुत्र अजय (11) कक्षा 5 का छात्र है। उसे एक सप्ताह से बुखार आ रहा था। कस्बा के निजी चिकित्सक से इलाज कराया जा रहा था। आराम न मिलने पर गत बुधवार को अकबरपुर के एक निजी अस्पताल में इलाज के लिए ले गए। जांच में टाइफाइड और मलेरिया की पुष्टि हुई। दवा लेकर वह उसे घर ले आए। गत शुक्रवार को वह अकबरपुर पुत्र की दवा लेने गए थे। घर पर पत्नी संगीता देवी व पुत्र सतीश थे। दोपहर में सतीश ने फोन पर अजय की मौत की खबर दी। सतीश ने बताया कि उसे उल्टी आ रही थी। इलाज करने के लिए वाहन का इंतजाम कर रहे थे। इसी दौरान उसकी मौत हो गई। गांव में बुखार से मौत की सूचना पर शनिवार को स्वास्थ्य टीम ने पहुंचकर मरीजों का इलाज व दवा वितरण किया। ज्ञान प्रकाश की पुत्री आरजू (6), रामबाबू (58), रामचंद्र की पत्नी शारदा (55), ब्रजपाल का पुत्र नैतिक (1), बृजपाल की पत्नी शोभा (25), मनोज कुमार का पुत्र मंजीत(13), पुत्री रुचि(18), रूपराम की पत्नी सुशीला देवी(35), धर्मेंद्र की पुत्री रिमझिम (3), आनंद की पत्नी श्रेष्ठा(18), राजपाल का पुत्र विकास(10), वीरेंद्र की पत्नी सुनीता(25) सहित 13 लोगों की स्लाइडें बनाई गई। 18 ग्रामीणों का इलाज कर दवा वितरित की गई। टीम में डॉ दिनेश सिंह, फार्मासिस्ट शशांक मौर्य, हेल्थ सुपरवाइजर सुरेंद्र मौजूद रहे।
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