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11 बार कुर्मी तो चार बार ब्राह्मण के हाथ आई कुर्सी

Fri, 21 Jan 2022 12:25 AM IST
Kanpur	 Bureau कानपुर ब्यूरो
Updated Fri, 21 Jan 2022 12:25 AM IST
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11 times Kurmi and four times the chair came in the hands of Brahmin
राजपुर ( कानपुर देहात)। राजपुर के नाम से जानी जाने वाली विधानसभा 2012 में नए परिसीमन के तहत सिकंदरा हो गई। 2012 के चुनाव को छोड़ दे तो बाकी यहां 15 चुनावों में जातीय समीकरण ही हावी रहे हैं। इस विधानसभा से 11 बार कुर्मी और चार बार ब्राह्मण विधायक बने। राजपुर विधानसभा शुरू से ही अनारक्षित है। 2017 के विधानसभा चुनाव में पहली बार भाजपा प्रत्याशी के सिर जीत का सेहरा बंधा था। यहां मथुरा पाल ने खाता खोला था। इसके बाद उनके बेटे अजीत पाल ने उपचुनाव जीता था।
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वर्ष 1952 के चुनाव में कांग्रेस के राम स्वरूप गुप्ता, 1957 में कुर्मी बिरादरी के सोशलिस्ट पार्टी के राम स्वरूप वर्मा, 1962 में कांग्रेस के राजनारायण मिश्रा, 1967 और 69 में राम स्वरूप वर्मा, 1972 में कांग्रेस के रामदुलारे मिश्रा, 1974 में शोषित समाज दल के बैनर तले चुनाव में उतरे कुर्मी बिरादरी के रणधीर सिंह, 1977 में कांग्रेस के राकेश चतुर्वेदी, 1980 में शोषित समाज दल के रामस्वरूप वर्मा विधायक बने। 1985 में कांग्रेस के टिकट पर मैदान में आए कुर्मी बिरादरी के चौधरी नरेंद्र सिंह, 1989 और 1991 के चुनाव में रामस्वरूप वर्मा, 1993 और 1996 में चौधरी नरेंद्र सिंह चुनाव जीते। 2002 में निर्दलीय महेश त्रिवेदी, 2007 में बसपा की मिथिलेश कटियार, 2012 के चुनाव में बसपा के इंद्रपाल सिंह पाल ने भाजपा के देवेंद्र सिंह भोले को चुनाव में शिकस्त दी। वर्ष 2017 में भाजपा के मथुरा पाल ने बसपा के महेंद्र कटियार को भारी अंतर से हराकर पहली बार खाता खोला। पीएम नरेंद्र मोदी की लहर में मथुरा प्रसाद पाल ने 87557 वोट हासिल करके 38,066 मतों के भारी अंतर से बसपा के महेंद्र कटियार को हराया। महेंद्र कटियार को 49,491 वोट मिले थे। वहीं, फतेहपुर के पूर्व सांसद राकेश सचान की पत्नी सपा प्रत्याशी सीमा सचान को 41,649 मतों पर संतोष करना पड़ा था। कांग्रेस से बगावत कर निर्बल इंडियन शोषित हमारा आम दल के बैनर तले चुनाव लड़े प्रभाकर पांडेय को 6,366 वोट ही मिल सके थे।
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सिकंदरा विधायक मथुरा पाल के निधन के बाद उनके बेटे अजीत सिंह पाल को भाजपा ने अपना प्रत्याशी बनाया था। उपचुनाव में अजीत सिंह पाल ने जीत दर्ज की थी। उपचुनाव में भाजपा प्रत्याशी अजीत पाल ने सपा उम्मीदवार सीमा सचान को 11870 वोटों से पराजित किया था। अजीत पाल 73325 मत पाकर निर्वाचित घोषित किए गए। सपा की सीमा सचान को 61455, कांग्रेस के प्रभाकर पांडेय 19090 को वोट मिले थे।
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