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Kanpur News: बीआईसी की 11 संपत्तियां नजूल रिकॉर्ड में दर्ज, बनेगी तहसील
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कानपुर। ब्रिटिश इंडिया काॅरपोरेशन (बीआईसी) की 11 संपत्ति जिला प्रशासन ने फिर से नजूल रिकॉर्ड में दर्ज कर दी है। अब इन जमीनों के एक भाग पर तहसील बनाने की कवायद तेज हो गई है। इसको लेकर तहसील की टीम ने करीब 19 हजार वर्ग मीटर जमीन चिह्नित भी कर ली है। जल्द शासन के पास प्रस्ताव भेजा जाएगा।
इससे पहले म्योर मिल की जमीन चिह्नित की गई थी लेकिन एनटीसी प्रबंधन की तरफ से हाईकोर्ट मामला पहुंचने पर कोर्ट ने रोक लगा दी थी जिसके बाद दूसरी जमीन तलाशने का काम चल रहा था। शासन के निर्देश पर एसडीएम ने 51 नजूल की संपत्तियों की जांच कराई थी। इसमें बीआईसी की सिविल लाइंस और कोपरगंज स्थित चाचा नेहरू अस्पताल समेत 11 संपत्तियां ऐसी मिलीं जिनके पट्टे अवधि समाप्त होने के बावजूद न तो नवीनीकरण कराया गया और न ही लीज रेंट जमा किया। इन संपत्तियों के न तो नजूल अनुभाग में पट्टा बढ़ाने का कोई आवेदन दिया गया और न ही फ्री होल्ड व लीज रेंट से जुड़ी कोई धनराशि जमा की गई। इन बिंदुओं को प्रशासन ने पट्टे की शर्तों का उल्लंघन माना और जमीन को फिर से नजूल के रिकॉर्ड में दर्ज करने का निर्णय लिया। सदर तहसीलदार विनय द्विवेदी ने बताया कि बीआईसी 11 संपत्तियों को फिर से नजूल के रिकॉर्ड में दर्ज कर दिया गया है। तहसील बनाने के लिए जमीन चिह्नित की जा रही है। तय होते ही प्रस्ताव भेजा जाएगा।
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इससे पहले म्योर मिल की जमीन चिह्नित की गई थी लेकिन एनटीसी प्रबंधन की तरफ से हाईकोर्ट मामला पहुंचने पर कोर्ट ने रोक लगा दी थी जिसके बाद दूसरी जमीन तलाशने का काम चल रहा था। शासन के निर्देश पर एसडीएम ने 51 नजूल की संपत्तियों की जांच कराई थी। इसमें बीआईसी की सिविल लाइंस और कोपरगंज स्थित चाचा नेहरू अस्पताल समेत 11 संपत्तियां ऐसी मिलीं जिनके पट्टे अवधि समाप्त होने के बावजूद न तो नवीनीकरण कराया गया और न ही लीज रेंट जमा किया। इन संपत्तियों के न तो नजूल अनुभाग में पट्टा बढ़ाने का कोई आवेदन दिया गया और न ही फ्री होल्ड व लीज रेंट से जुड़ी कोई धनराशि जमा की गई। इन बिंदुओं को प्रशासन ने पट्टे की शर्तों का उल्लंघन माना और जमीन को फिर से नजूल के रिकॉर्ड में दर्ज करने का निर्णय लिया। सदर तहसीलदार विनय द्विवेदी ने बताया कि बीआईसी 11 संपत्तियों को फिर से नजूल के रिकॉर्ड में दर्ज कर दिया गया है। तहसील बनाने के लिए जमीन चिह्नित की जा रही है। तय होते ही प्रस्ताव भेजा जाएगा।
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