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Kannauj News: जब शत्रु ने आंख उठाई, त्वरित शक्ति संधान किया...
Sat, 22 Mar 2025 12:29 AM IST
कानपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कन्नौज
संवाद न्यूज एजेंसी, कन्नौज
Updated Sat, 22 Mar 2025 12:29 AM IST
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कन्नौज। शहर के बोर्डिंग मैदान में चल रहे यज्ञशाला में गुरुवर की देर रात कवि सम्मेलन आयोजित हुआ। इसमें कवियों ने देशभक्ति से ओतप्रोत ओज की कविताएं सुनाकर श्रोताओं का भरपूर मनोरंजन किया। कार्यक्रम में औरैया, इटावा, हरदोई, फर्रुखाबाद से आए हुए कवियों ने वाणी से वीर रस की राष्ट्रवादी कविताओं की ऐसी गंगा बहाई जिसमें पांडाल में बैठे श्रोता मंत्रमुग्ध हो गए
कवि विवेक ने पढ़ी तो लोगों ने तालियां बजाकर उत्साहवर्धन किया।
भारत माता की जय, जय जय श्री राम, जय माता की, के नारों और तालियों की गड़गड़ाहट से मध्य रात्रि तक पंडाल गूंजता रहा। इटावा से आए कवि रोहित चौधरी ने कहा संपूर्ण धरा के कुल गौरव का स्वाभिमान लागू कर दो। हर घर रामचरितमानस का संविधान लागू कर दो... औरैया से आये कवि गोपाल पांडेय 'आजाद' ने सुनाया कि छलिया करेंगे छल तो फिर ऐसे करेंगे छल, छाया से सूर्य की किरण भी छिपायी जाएगी। चक्र को धरे,जो करेंगे चक्रधारी, मंदिर भी बनेगा मथुरा भी सजाई जाएगी। श्रोताओं ने जमकर नारे लगाए। कवि अरविंद वााजपेयी ने कविता पाठ करते हुए कहा, यह आजाद भगत की धरती इसको नमन हमारा। अंधियारों से लड़कर लाये घर-घर में उजियारा...। कवि अभिनव मिश्रा ने मां शारदे की वंदना प्रस्तुत की। हरदोई से आए हुए ओज के कवि शोभित तोमर ने गौ माता की रक्षा के निमित्त कविता पढी - हमले अगर गाय पर होंगे शीश उतारे जाएंगे।
इसके बाद फर्रुखाबाद से आए कवि राम मोहन शुक्ला और दिलीप कश्यप ने काव्य पाठ किया। साथ ही कवि महेश शर्मा, आदित्य मिश्रा, डॉ. अमरनाथ दुबे, अनिल द्विवेदी मनीषी, डॉ.सस्मित दुबे, योगेश तिवारी, प्रियांशु तिवारी ने काव्यपाठ किया। सभी कवियों को यज्ञाधीश रामदास जी महाराज ने सम्मानित किया। कार्यक्रम में वरिष्ठ कवि अजीत राय, आरएस कठेरिया, पुष्पेंद्र शर्मा, विकास कुशवाहा और रितिक दुबे उपस्थित रहे।
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कवि विवेक ने पढ़ी तो लोगों ने तालियां बजाकर उत्साहवर्धन किया।
भारत माता की जय, जय जय श्री राम, जय माता की, के नारों और तालियों की गड़गड़ाहट से मध्य रात्रि तक पंडाल गूंजता रहा। इटावा से आए कवि रोहित चौधरी ने कहा संपूर्ण धरा के कुल गौरव का स्वाभिमान लागू कर दो। हर घर रामचरितमानस का संविधान लागू कर दो... औरैया से आये कवि गोपाल पांडेय 'आजाद' ने सुनाया कि छलिया करेंगे छल तो फिर ऐसे करेंगे छल, छाया से सूर्य की किरण भी छिपायी जाएगी। चक्र को धरे,जो करेंगे चक्रधारी, मंदिर भी बनेगा मथुरा भी सजाई जाएगी। श्रोताओं ने जमकर नारे लगाए। कवि अरविंद वााजपेयी ने कविता पाठ करते हुए कहा, यह आजाद भगत की धरती इसको नमन हमारा। अंधियारों से लड़कर लाये घर-घर में उजियारा...। कवि अभिनव मिश्रा ने मां शारदे की वंदना प्रस्तुत की। हरदोई से आए हुए ओज के कवि शोभित तोमर ने गौ माता की रक्षा के निमित्त कविता पढी - हमले अगर गाय पर होंगे शीश उतारे जाएंगे।
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इसके बाद फर्रुखाबाद से आए कवि राम मोहन शुक्ला और दिलीप कश्यप ने काव्य पाठ किया। साथ ही कवि महेश शर्मा, आदित्य मिश्रा, डॉ. अमरनाथ दुबे, अनिल द्विवेदी मनीषी, डॉ.सस्मित दुबे, योगेश तिवारी, प्रियांशु तिवारी ने काव्यपाठ किया। सभी कवियों को यज्ञाधीश रामदास जी महाराज ने सम्मानित किया। कार्यक्रम में वरिष्ठ कवि अजीत राय, आरएस कठेरिया, पुष्पेंद्र शर्मा, विकास कुशवाहा और रितिक दुबे उपस्थित रहे।
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