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दशावतार की लीला देखने उमड़ी भीड़
ब्यूरो अमर उजाला, कन्नौज
Updated Thu, 19 Nov 2015 01:08 AM IST
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शांति निकेतन विद्यापीठ जूहा स्कूल में चल रही वृंदावन धाम की रासलीला में यमला अर्जुन उद्धार और भगवान के दशावतार की लीला देख लोग भावविभोर हो गए। कलाकारों द्वारा प्रस्तुत किए गए भजनों पर लोग झूम उठे।
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मां नवदुर्गा समिति की ओर से कराई जा रही रासलीला के तीसरे दिन वृंदावन धाम से आए कलाकारों ने यमला अर्जुन उद्धार की कथा का नाट्य मंचन किया।
आचार्य स्वामी अवधेश शर्मा ने कहा कि देवताओं के कोषाध्यक्ष भगवान कुबेर के दोनों पुत्रों यमला और अर्जुन को यमुना में स्नान के दौरान वहां पहुंचे नारद मुनि को प्रणाम न करने पर उन्होंने दोनों भाइयों को जड़वत होने का श्राप दे दिया था।
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श्राप के बाद दोनों भाइयों ने नारद मुनि से प्रार्थना की। तब उन्होंने बताया कि द्वापर में भगवान के अवतरित होने पर उनके संपर्क में आने के बाद तुम दोनों को उद्धार हो जाएगा।
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इस दौरान नंद गांव में बालकृष्ण के हठ से परेशान होकर मइया यशोदा ने उन्हें ओखली से बांध दिया। उसी दौरान पेड़ के रूप में जड़वत बने कुबेर पुत्र उनके संपर्क में आ गए और उनका उद्धार हो गया।
आचार्य ने इसके बाद दशावतार की कथा का वर्णन करते हुए बताया कि भगवान कृष्ण ने मइया यशोदा को भगवान के दस अवतार की लीला दिखाई थी। दशावतार की झांकियों को देखकर दर्शक मंत्रमुग्ध हो गए। इस बीच आचार्य द्वारा प्रस्तुत भजन ...मैं तो तेरी हो गई श्याम, दुनिया क्या जाने, भजन पर दर्शक झूम उठे। कार्यक्रम में महिलाओं की भागेदारी रही।