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खाद के साथ गेहूं बीज भी आया
ब्यूूराे/अमर उजाला, कन्नौज
Updated Sun, 06 Dec 2015 11:37 PM IST
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किसान सेवा सहकारी समिति (पूर्वी) में यूरिया, डीएपी,
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एनपीके खादों सहित गेहूं का बीज भी पर्याप्त मात्रा में आ गया है। इसके
कारण इस बार खाद के लिए मारामारी की नौबत नहीं आएगी।
समिति अध्यक्ष महावीर सिंह यादव ने बताया कि फतेहगढ़ रेलवे स्टेशन पर इफ्को यूरिया की रेक आ गई है। यहां से पांच हजार बोरी की डिमांड भेजी गई थी। रविवार की सुबह से ट्रैक्टर-ट्रालियों में लोड होकर इसका आना शुरू हो गया। इफ्को की यह यूरिया नीम कोटेड है और हर बोरी की खरीद पर किसान का चार हजार रुपये का बीमा भी स्वत: हो जाता है।
उन्होंने बताया कि स्टाक में डीएपी की दो हजार बोरी और एनपीके 12-32-16 की चार हजार बोरी मुहैया है। खादों की पर्याप्त उपलब्धता के चलते अबकी पिछले सालों जैसी मारामारी की नौबत नहीं आएगी। इसके अलावा बोआई के लिए उन्नत किस्म का गेहूं बीज भी आ गया है।\
2967, 55 और पीडब्लू 17 वैरायटी का यह बीज 12 सौ रुपये प्रति बोरी मिलेगा। इस पर सरकारी अनुदान भी दे रही है, पर अनुदान का यह पैसा सीधे किसान के बैंक खाते में भेजा जाएगा, इसलिए गेहूं का बीज लेने वाले किसान बैंक किताब, खसरा या खतौनी, जमीन के रजिस्ट्रेशन और पहचान पत्र की फोटो कापी साथ लाएं।
समिति के सचिव बृजेश यादव ने बताया कि चालू वर्ष में 1200 किसानों को तीन करोड़ का ऋण बांटा गया। किसान समय से अपना ऋण अदा करें और समिति से भरपूर लाभ व सहयोग पाएं। उन्होंने बताया कि एक अप्रैल से अब तक लगभग दो करोड़ रुपये की खाद नगद बेची जा चुकी है।
समिति अध्यक्ष महावीर सिंह यादव ने बताया कि फतेहगढ़ रेलवे स्टेशन पर इफ्को यूरिया की रेक आ गई है। यहां से पांच हजार बोरी की डिमांड भेजी गई थी। रविवार की सुबह से ट्रैक्टर-ट्रालियों में लोड होकर इसका आना शुरू हो गया। इफ्को की यह यूरिया नीम कोटेड है और हर बोरी की खरीद पर किसान का चार हजार रुपये का बीमा भी स्वत: हो जाता है।
उन्होंने बताया कि स्टाक में डीएपी की दो हजार बोरी और एनपीके 12-32-16 की चार हजार बोरी मुहैया है। खादों की पर्याप्त उपलब्धता के चलते अबकी पिछले सालों जैसी मारामारी की नौबत नहीं आएगी। इसके अलावा बोआई के लिए उन्नत किस्म का गेहूं बीज भी आ गया है।\
2967, 55 और पीडब्लू 17 वैरायटी का यह बीज 12 सौ रुपये प्रति बोरी मिलेगा। इस पर सरकारी अनुदान भी दे रही है, पर अनुदान का यह पैसा सीधे किसान के बैंक खाते में भेजा जाएगा, इसलिए गेहूं का बीज लेने वाले किसान बैंक किताब, खसरा या खतौनी, जमीन के रजिस्ट्रेशन और पहचान पत्र की फोटो कापी साथ लाएं।
समिति के सचिव बृजेश यादव ने बताया कि चालू वर्ष में 1200 किसानों को तीन करोड़ का ऋण बांटा गया। किसान समय से अपना ऋण अदा करें और समिति से भरपूर लाभ व सहयोग पाएं। उन्होंने बताया कि एक अप्रैल से अब तक लगभग दो करोड़ रुपये की खाद नगद बेची जा चुकी है।