{"_id":"60e34a3a8ebc3e0a35286337","slug":"villagers-sitting-on-dharna-against-kotdar-kannauj-news-knp6384794177","type":"story","status":"publish","title_hn":"कोटेदार के खिलाफ धरने पर बैठे ग्रामीण","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
कोटेदार के खिलाफ धरने पर बैठे ग्रामीण
विज्ञापन
गुरसहायगंज(कन्नौज)। बनियानी गांव में कोटेदार की मनमानी से नाराज ग्रामीणों ने पंचायत भवन के सामने धरना दिया। इन्होंने कोटेदार के खिलाफ नारेबाजी की। दूसरे कोटेदार का चयन करने की मांग की।
बनियानी गांव में कोटेदार वीरभान पर उत्पीड़न का आरोप लगाते हुए ग्रामीणों ने पिछले सप्ताह भी हंगामा किया था। नायब तहसीलदार शिखर मिश्रा ने मौके पर पहुंच कर जांच पड़ताल की थी। ग्रामीणों की शिकायत पर वरिष्ठ अधिकारियों से कोटा हटाए जाने की संस्तुति की थी। इसके बाद भी राशन कोटा नहीं हटाया गया। इससे नाराज ग्रामीणों ने गांव में पंचायत भवन के सामने धरना शुरू कर दिया।
प्रधान पति अनिल कुमार, नीरज, रामप्रकाश, विजेंद्र, रोहित, कौशल, मनीष, वेद प्रकाश आदि ने बताया कि कोटेदार राशन देने के नाम पर मनमानी करता है। निर्धारित से कम गेहूं और चावल मिलता है। घटतौली की जाती है। विरोध करने पर राशन कार्ड फाड़कर फेंक दिया जाता। गाली गलौज भी की जाती है। शिकायत के बाद भी कार्रवाई नहीं हो रही है। ग्रामीणों ने कहा कि कोटेदार न बदले जाने पर जिला मुख्यालय पर धरना, प्रदर्शन किया जाएगा। वहीं कोटेदार वीरभान ने बताया कि एसएमआई गोदाम से गेहूं और चावल की फटी हुई बोरियां मिलती हैं। इनमें पांच से 10 किलो तक राशन कम निकलता है। ऐसे में कार्डधारकों को पूरा राशन दे पाना मुश्किल होता है।
विज्ञापन
विज्ञापन
बनियानी गांव में कोटेदार वीरभान पर उत्पीड़न का आरोप लगाते हुए ग्रामीणों ने पिछले सप्ताह भी हंगामा किया था। नायब तहसीलदार शिखर मिश्रा ने मौके पर पहुंच कर जांच पड़ताल की थी। ग्रामीणों की शिकायत पर वरिष्ठ अधिकारियों से कोटा हटाए जाने की संस्तुति की थी। इसके बाद भी राशन कोटा नहीं हटाया गया। इससे नाराज ग्रामीणों ने गांव में पंचायत भवन के सामने धरना शुरू कर दिया।
विज्ञापन
प्रधान पति अनिल कुमार, नीरज, रामप्रकाश, विजेंद्र, रोहित, कौशल, मनीष, वेद प्रकाश आदि ने बताया कि कोटेदार राशन देने के नाम पर मनमानी करता है। निर्धारित से कम गेहूं और चावल मिलता है। घटतौली की जाती है। विरोध करने पर राशन कार्ड फाड़कर फेंक दिया जाता। गाली गलौज भी की जाती है। शिकायत के बाद भी कार्रवाई नहीं हो रही है। ग्रामीणों ने कहा कि कोटेदार न बदले जाने पर जिला मुख्यालय पर धरना, प्रदर्शन किया जाएगा। वहीं कोटेदार वीरभान ने बताया कि एसएमआई गोदाम से गेहूं और चावल की फटी हुई बोरियां मिलती हैं। इनमें पांच से 10 किलो तक राशन कम निकलता है। ऐसे में कार्डधारकों को पूरा राशन दे पाना मुश्किल होता है।
विज्ञापन