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वेरिफिकेशन के बाद चंदा मांगने आएंगे कश्मीरी
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कन्नौज। संदिग्ध समझकर तीन दिनों तक हिरासत में रखकर हुई कश्मीरी युवकों से पूछताछ के बाद शासन स्तर से नई गाइड लाइन जारी हुई है। अगर कोई भी कश्मीरी युवक किसी काम से प्रदेश के जनपद में आता है तो सबसे पहले वह कश्मीर पुलिस से संपर्क कर स्वयं का वेरिफिकेशन कराएगा। इसके बाद आनलाइन त्रिनेत्र ऐप के जरिये जिले की पुलिस को वेरिफिकेशन लेटर भेजने के बाद ही प्रवेश करेगा। इसमें यात्रा और ठहरने का उद्देश्य, स्थान और अवधि का भी जिक्र होगा।
गुरुवार की रात खुफिया विभाग की सूचना पर सदर कोतवाली पुलिस ने कश्मीर के पूंछ जिले में रहने वाले चार युवकों को संदिग्ध समझकर मानीमऊ के मियांगंज गांव से हिरासत में लिया था। आईबी और एलआईयू की पूछताछ के दौरान चारों ने दो मदरसा निर्माण के लिए चंदा मांगने की बात कही थी। शनिवार को लखनऊ से आई एटीएस टीम ने छानबीन के बाद चारों को क्लीन चिट देते हुए मुक्त कर दिया था। एटीएस टीम की रिपोर्ट के बाद प्रदेश के डीजीपी ने जम्मू कश्मीर के पुलिस अधिकारियों से वार्ता की। इसमें बताया गया कि अगर कोई भी कश्मीरी युवक प्रदेश के किसी जनपद में आता है तो उसका स्थानीय जिले की पुलिस से वेरिफिकेशन करा लिया जाए। वेरिफिकेशन संबंधित जिले की पुलिस को त्रिनेत्र या किसी अन्य ऑनलाइन ऐप से भेज दिया जाए, जिसकी एक कॉपी आने वाले व्यक्ति को भी दे दी जाएगी। प्रदेश के किसी भी जनपद में आकर सबसे पहले वह संबंधित पुलिस थाना या एसपी कार्यालय में संपर्क कर वेरिफिकेशन लेटर दिखाकर पूरी जानकारी देगा। एएसपी विनोद कुमार ने बताया कि कश्मीरी युवकों को वेरिफिकेशन कराने के निर्देश दिए हैं। इसके बाद जिले में आने वाला व्यक्ति पुलिस के संपर्क में रहेगा। इससे अगर उसे किसी प्रकार की दिक्कत होती है, तो वह आराम से अपनी शिकायत कर सकता है।
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गुरुवार की रात खुफिया विभाग की सूचना पर सदर कोतवाली पुलिस ने कश्मीर के पूंछ जिले में रहने वाले चार युवकों को संदिग्ध समझकर मानीमऊ के मियांगंज गांव से हिरासत में लिया था। आईबी और एलआईयू की पूछताछ के दौरान चारों ने दो मदरसा निर्माण के लिए चंदा मांगने की बात कही थी। शनिवार को लखनऊ से आई एटीएस टीम ने छानबीन के बाद चारों को क्लीन चिट देते हुए मुक्त कर दिया था। एटीएस टीम की रिपोर्ट के बाद प्रदेश के डीजीपी ने जम्मू कश्मीर के पुलिस अधिकारियों से वार्ता की। इसमें बताया गया कि अगर कोई भी कश्मीरी युवक प्रदेश के किसी जनपद में आता है तो उसका स्थानीय जिले की पुलिस से वेरिफिकेशन करा लिया जाए। वेरिफिकेशन संबंधित जिले की पुलिस को त्रिनेत्र या किसी अन्य ऑनलाइन ऐप से भेज दिया जाए, जिसकी एक कॉपी आने वाले व्यक्ति को भी दे दी जाएगी। प्रदेश के किसी भी जनपद में आकर सबसे पहले वह संबंधित पुलिस थाना या एसपी कार्यालय में संपर्क कर वेरिफिकेशन लेटर दिखाकर पूरी जानकारी देगा। एएसपी विनोद कुमार ने बताया कि कश्मीरी युवकों को वेरिफिकेशन कराने के निर्देश दिए हैं। इसके बाद जिले में आने वाला व्यक्ति पुलिस के संपर्क में रहेगा। इससे अगर उसे किसी प्रकार की दिक्कत होती है, तो वह आराम से अपनी शिकायत कर सकता है।
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