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उखड़ी सड़कों की कब बदलेगी सूरत
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उखड़ा तालग्राम-मवइया मार्ग।
- फोटो : KANNAUJ
कन्नौज। शासन स्तर से सड़कों को गड्ढामुक्त करने पर जोर दिया जा रहा है। जिले के अधिकारियों पर इस फरमान का असर नहीं है।
जिले में अधिकांश सड़कें उखड़ी हैं। जगह-जगह गड्ढों के कारण लोग हादसों का शिकार हो रहे हैं। बार-बार ब्रेक और क्लच का प्रयोग करने से कलाइयों और एड़ी में दर्द के रोगी भी बढ़ रहे हैं। सड़कों के ऊबड़-खाबड़ होने से कमर और पीठ दर्द के मामले भी सामने आ रहे हैं। वाहन भी खराब हो रहे हैं।
कई सड़कें पांच साल से बदहाल हैं। इनसे डामर और गिट्टी भी उखड़ कर गायब हो रही है। कई बार स्थानीय लोगों ने सड़कों को ठीक कराने की मांग की। इसके बाद भी अधिकारी ध्यान नहीं दे रहे हैं। जिले के 64 से अधिक गांवों को जोड़ने वाले संपर्क मार्गों की हालत बेहद खस्ता है। इससे लोगों को खासी परेशानी हो रही है। इलाकाई लोगों ने सड़कों की मरम्मत की मांग की है। एक रिपोर्ट--
सीन: 1
यह तालग्राम मवइया मार्ग है। लंबाई सात किलोमीटर है। पांच साल से मार्ग पर मरम्मत कार्य नहीं कराया गया। जगह-जगह गिट्टी उखड़ गई है। कई जगह गड्ढे हैं। लोगों को इनसे बचकर निकलना पड़ता है। कई बार तो लोग दोपहिया वाहनों से गिर कर घायल हो जाते हैं। इस मार्ग से कुशलपुर्वा, महानगर, गदनापुर, सलेमपुर, माधौनगर, गदौरा, भवानीसराय, चांदापुर, नैपालपुर, ककराह, चचियापुर, घुसुआपुर, सिघनापुर, अमोलर, कैथनपुर्वा, सीतापुर्वा, दलापुर्वा, मवइया समेत 40 गांवों के 70 हजार लोग निकलते हैं। इसी मार्ग से लोग तिर्वा कस्बे के लिए भी आते जाते हैं।
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सीन: 2
कोटिया-तेरारब्बू मार्ग की लंबाई चार किलोमीटर है। इस सड़क की मरम्मत चार वर्ष से नहीं कराई गई है। इससे जगह-जगह गड्ढे हैं। गिट्टी उखड़ गई है। ग्रामीणों ने कई बार जिला प्रशासन से मार्ग की मरम्मत कराने की मांग की। नतीजा नहीं निकला। सड़क की गिट्टी कई जगह पूरी तरह से उखड़ी होने से लोगों को खासी दिक्कत हो रही है। गिट्टी से बाइक व साइकिल पंचर हो जाती हैं। इस मार्ग पर बिचपुर्वा, भवनियापुर, डंबरपुर, राजापुर्वा, तेरारब्बू, कसारी, नरमऊ, पलरी, जलखरिया, वनियानी समेत 12 गांव के 18 हजार लोग गुजरते हैं। इन्हें खासी परेशानी होती है।
सीन: 3
किशनपुर अतरौली-रोहली मार्ग की लंबाई चार किलोमीटर है। मरम्मत पांच वर्ष से अधिक समय पहले कराई गई थी। अब मार्ग की गिट्टी उखड़ रही है। इससे आने जाने वाले लोगों को दिक्कत हो रही है। इस मार्ग से किशनपुर, अतरौली, रोहली, मुंडाला, मायापुर्वा, निकवा, बलीदासपुर, पिराड़ीखेड़ा, असेह, केशरीनगला समेत 13 गांव जुड़े हैं। 20 हजार से अधिक लोग इस मार्ग से निकलते हैं। स्कूल जाने वाले बच्चों को सबसे अधिक दिक्कत होती है। वाहन फिसलने से यह अक्सर घायल हो जाते हैं। इस मार्ग की मरम्मत कराने की भी सुध नहीं ली जा रही है।
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जिले में अधिकांश सड़कें उखड़ी हैं। जगह-जगह गड्ढों के कारण लोग हादसों का शिकार हो रहे हैं। बार-बार ब्रेक और क्लच का प्रयोग करने से कलाइयों और एड़ी में दर्द के रोगी भी बढ़ रहे हैं। सड़कों के ऊबड़-खाबड़ होने से कमर और पीठ दर्द के मामले भी सामने आ रहे हैं। वाहन भी खराब हो रहे हैं।
कई सड़कें पांच साल से बदहाल हैं। इनसे डामर और गिट्टी भी उखड़ कर गायब हो रही है। कई बार स्थानीय लोगों ने सड़कों को ठीक कराने की मांग की। इसके बाद भी अधिकारी ध्यान नहीं दे रहे हैं। जिले के 64 से अधिक गांवों को जोड़ने वाले संपर्क मार्गों की हालत बेहद खस्ता है। इससे लोगों को खासी परेशानी हो रही है। इलाकाई लोगों ने सड़कों की मरम्मत की मांग की है। एक रिपोर्ट--
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सीन: 1
यह तालग्राम मवइया मार्ग है। लंबाई सात किलोमीटर है। पांच साल से मार्ग पर मरम्मत कार्य नहीं कराया गया। जगह-जगह गिट्टी उखड़ गई है। कई जगह गड्ढे हैं। लोगों को इनसे बचकर निकलना पड़ता है। कई बार तो लोग दोपहिया वाहनों से गिर कर घायल हो जाते हैं। इस मार्ग से कुशलपुर्वा, महानगर, गदनापुर, सलेमपुर, माधौनगर, गदौरा, भवानीसराय, चांदापुर, नैपालपुर, ककराह, चचियापुर, घुसुआपुर, सिघनापुर, अमोलर, कैथनपुर्वा, सीतापुर्वा, दलापुर्वा, मवइया समेत 40 गांवों के 70 हजार लोग निकलते हैं। इसी मार्ग से लोग तिर्वा कस्बे के लिए भी आते जाते हैं।
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सीन: 2
कोटिया-तेरारब्बू मार्ग की लंबाई चार किलोमीटर है। इस सड़क की मरम्मत चार वर्ष से नहीं कराई गई है। इससे जगह-जगह गड्ढे हैं। गिट्टी उखड़ गई है। ग्रामीणों ने कई बार जिला प्रशासन से मार्ग की मरम्मत कराने की मांग की। नतीजा नहीं निकला। सड़क की गिट्टी कई जगह पूरी तरह से उखड़ी होने से लोगों को खासी दिक्कत हो रही है। गिट्टी से बाइक व साइकिल पंचर हो जाती हैं। इस मार्ग पर बिचपुर्वा, भवनियापुर, डंबरपुर, राजापुर्वा, तेरारब्बू, कसारी, नरमऊ, पलरी, जलखरिया, वनियानी समेत 12 गांव के 18 हजार लोग गुजरते हैं। इन्हें खासी परेशानी होती है।
सीन: 3
किशनपुर अतरौली-रोहली मार्ग की लंबाई चार किलोमीटर है। मरम्मत पांच वर्ष से अधिक समय पहले कराई गई थी। अब मार्ग की गिट्टी उखड़ रही है। इससे आने जाने वाले लोगों को दिक्कत हो रही है। इस मार्ग से किशनपुर, अतरौली, रोहली, मुंडाला, मायापुर्वा, निकवा, बलीदासपुर, पिराड़ीखेड़ा, असेह, केशरीनगला समेत 13 गांव जुड़े हैं। 20 हजार से अधिक लोग इस मार्ग से निकलते हैं। स्कूल जाने वाले बच्चों को सबसे अधिक दिक्कत होती है। वाहन फिसलने से यह अक्सर घायल हो जाते हैं। इस मार्ग की मरम्मत कराने की भी सुध नहीं ली जा रही है।