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धक्के खाते तय किया घर तक सफर
ब्यूूराे/अमर उजाला, कन्नौज
Updated Tue, 10 Nov 2015 11:41 PM IST
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दिवाली के त्योहार पर परिवहन सेवाएं ध्वस्त नजर आईं।
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इसका फायदा डग्गामार वाहन चालकों ने जमकर उठाया। महानगरों में नौकरी करने
वाले लोगों को दिवाली मनाने को घर तक आने तक का सफर धक्के खाते हुए तय करना
पड़ा। भीड़ के मुकाबले वाहनों का इंतजाम कम होने से पूरे दिन आपाधापी की
स्थिति रोडवेज बस स्टैंड व रेलवे स्टेशनों पर देखी गई, वहीं पुलिस-प्रशासन
ने भी सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए हैं।
ज्ञात हो कि कानपुर से कासगंज रूट पर आधा दर्जन ट्रेनें ही अप और डाउन में आती-जाती हैं। त्योहार के मद्देनजर पैसेंजर ट्रेनों की संख्या में कोई बढ़ोतरी नहीं की गई। भीड़ अधिक होने के कारण तमाम महिलाएं को तो ट्रेन के डिब्बे में चढ़ने तक का मौका नहीं मिला। कई लोग ट्रेन छूट जाने पर दूसरी ट्रेन आने के बाद घर तक जा सके।
कमोवेश यही हाल गुरसहायगंज, मानीमऊ व जसोदा रेलवे स्टेशनों पर भी दिखा। कन्नौज डिपो की 32 बसों ने सफर कराया, पर सवारियां बढ़ने से वे नाकाफी साबित हुईं। सवारियां ज्यादा होने से कई बसें तो बस स्टाप के अंदर जाने की बजाय जीटी रोड किनारे ही सवारियां उतारकर चलते बनीं।
वहीं जैसे ही कोई रोडवेज बस आती तो वैसे ही लोग उसमें बैठने के लिए दौड़ पड़ते रहे। रोडवेज बस स्टाप के बाहर निजी वैन, मैजिक कारों ने क्षमता से ज्यादा सवारियां बैठाईं और 10 से लेकर 30 रुपये तक किराया ज्यादा वसूला। दिल्ली, कानपुर, सूरत, मुंबई, महाराष्ट्र, पानीपत जैसे शहरों में नौकरी करने वाले युवाओं को जिला मुख्यालय आने के बाद तिर्वा, जलालाबाद, ठठिया, इंदरगढ़, तालग्राम आदि कसबों व गांवों तक जाने को भी मुसीबतों का सामना करना पड़ा।
तिर्वा रोड पर लोग मैजिक टेंपुओं में लटककर यात्रा की। सरायमीरा के रौनक ने बताया कि रोजाना की तुलना में यात्रियों की संख्या करीब तीन गुना तक पहुंच गई। करीब पांच से छह हजार यात्रियों का हुजूम कन्नौज स्टेशन पर दिन भर में निकला। ट्रेन के अंदर सीटों के बीच में लोग खड़े-खड़े आए।
रेलवे प्लेटफार्म खचाखच भरा नजर आया। कांग्रेस नेता अनुज मिश्र कक्का ने बताया कि रेलवे की तरफ से ट्रेनों की संख्या या बोगियों की संख्या में कोई बढ़ोतरी न करने से यात्रियों को मुश्किलें झेलनी पड़ीं। लोहिया चौराहा से गुरसहायगंज, जिला पंचायत कार्यालय के पास से अरौल, बिल्हौर जाने वाले टेपो भी ओवरलोड होकर चले।
उधर, दिवाली पर्व पर जिले में शांति व्यवस्था बनाए रखने और अवैध शराब, जुआं के खिलाफ अभियान चलाने के निर्देश एसपी ने दिए हैं। साथ ही उन्होंने पूरे जिले में भ्रमण कर शांति व्यवस्था का जायजा लिया। मंगलवार को एसपी कलानिधि नैथानी ने सभी सीओ, थाना व कोतवाली प्रभारियों व बनाई गई पुलिस टीमों को निर्देश दिए कि वह क्षेत्रों पर विशेष नजर रखें। यदि कहीं पर अवैध शराब का कारोबार होता पाएं तो छापामार अभियान चलाएं।
इसी तरह जुएं के अड्डों पर छापामारी की जाए। उन्होंने बोर्डिंग मैदान में सुरक्षा में लगी पुलिस टीम को निर्देश दिए कि पटाखों की दुकानों के इर्दगिर्द विशेष चौकसी बरतें। नगर में भ्रमण के दौरान लाखन चौराहा, मिठाई वाली गली, मकरंदनगर, चिरैयागंज सहित कई अन्य स्थानों पर लगे पीएसी के जवानों को निर्देश दिए कि वे बाजार में चोर, उचक्कों पर भी नजर रखें।
ज्ञात हो कि कानपुर से कासगंज रूट पर आधा दर्जन ट्रेनें ही अप और डाउन में आती-जाती हैं। त्योहार के मद्देनजर पैसेंजर ट्रेनों की संख्या में कोई बढ़ोतरी नहीं की गई। भीड़ अधिक होने के कारण तमाम महिलाएं को तो ट्रेन के डिब्बे में चढ़ने तक का मौका नहीं मिला। कई लोग ट्रेन छूट जाने पर दूसरी ट्रेन आने के बाद घर तक जा सके।
कमोवेश यही हाल गुरसहायगंज, मानीमऊ व जसोदा रेलवे स्टेशनों पर भी दिखा। कन्नौज डिपो की 32 बसों ने सफर कराया, पर सवारियां बढ़ने से वे नाकाफी साबित हुईं। सवारियां ज्यादा होने से कई बसें तो बस स्टाप के अंदर जाने की बजाय जीटी रोड किनारे ही सवारियां उतारकर चलते बनीं।
वहीं जैसे ही कोई रोडवेज बस आती तो वैसे ही लोग उसमें बैठने के लिए दौड़ पड़ते रहे। रोडवेज बस स्टाप के बाहर निजी वैन, मैजिक कारों ने क्षमता से ज्यादा सवारियां बैठाईं और 10 से लेकर 30 रुपये तक किराया ज्यादा वसूला। दिल्ली, कानपुर, सूरत, मुंबई, महाराष्ट्र, पानीपत जैसे शहरों में नौकरी करने वाले युवाओं को जिला मुख्यालय आने के बाद तिर्वा, जलालाबाद, ठठिया, इंदरगढ़, तालग्राम आदि कसबों व गांवों तक जाने को भी मुसीबतों का सामना करना पड़ा।
तिर्वा रोड पर लोग मैजिक टेंपुओं में लटककर यात्रा की। सरायमीरा के रौनक ने बताया कि रोजाना की तुलना में यात्रियों की संख्या करीब तीन गुना तक पहुंच गई। करीब पांच से छह हजार यात्रियों का हुजूम कन्नौज स्टेशन पर दिन भर में निकला। ट्रेन के अंदर सीटों के बीच में लोग खड़े-खड़े आए।
रेलवे प्लेटफार्म खचाखच भरा नजर आया। कांग्रेस नेता अनुज मिश्र कक्का ने बताया कि रेलवे की तरफ से ट्रेनों की संख्या या बोगियों की संख्या में कोई बढ़ोतरी न करने से यात्रियों को मुश्किलें झेलनी पड़ीं। लोहिया चौराहा से गुरसहायगंज, जिला पंचायत कार्यालय के पास से अरौल, बिल्हौर जाने वाले टेपो भी ओवरलोड होकर चले।
उधर, दिवाली पर्व पर जिले में शांति व्यवस्था बनाए रखने और अवैध शराब, जुआं के खिलाफ अभियान चलाने के निर्देश एसपी ने दिए हैं। साथ ही उन्होंने पूरे जिले में भ्रमण कर शांति व्यवस्था का जायजा लिया। मंगलवार को एसपी कलानिधि नैथानी ने सभी सीओ, थाना व कोतवाली प्रभारियों व बनाई गई पुलिस टीमों को निर्देश दिए कि वह क्षेत्रों पर विशेष नजर रखें। यदि कहीं पर अवैध शराब का कारोबार होता पाएं तो छापामार अभियान चलाएं।
इसी तरह जुएं के अड्डों पर छापामारी की जाए। उन्होंने बोर्डिंग मैदान में सुरक्षा में लगी पुलिस टीम को निर्देश दिए कि पटाखों की दुकानों के इर्दगिर्द विशेष चौकसी बरतें। नगर में भ्रमण के दौरान लाखन चौराहा, मिठाई वाली गली, मकरंदनगर, चिरैयागंज सहित कई अन्य स्थानों पर लगे पीएसी के जवानों को निर्देश दिए कि वे बाजार में चोर, उचक्कों पर भी नजर रखें।