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Kannauj News: पुलिस लाइन मार्ग पर पानी भरने से आवागमन बंद
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कन्नौज। शहर की सीमा से सटे सादिकपुर गांव के 50 ग्रामीणों के 250 बीघे खेत में नाले का पानी भरा हुआ है। जनप्रतिनिधियों की उपेक्षा के कारण ग्रामीणों के दर्द की सुनवाई जिला प्रशासन भी नहीं कर रहा है। स्कूल से लेकर घरों तक गंदा पानी पहुंचने से बीमारियां फैल रही है। पुलिस लाइन जाने वाले मार्ग पर आठ फीट पानी भरने से 15 दिनों से आवागमन बंद हो गया है। उधर, इस मामले में सीडीओ का कहना है कि समस्या से निजात दिलाने के लिए नाले का निर्माण कराया जाएगा।
सदर तहसील का सादिकपुर गांव मुख्यालय से दाे किलोमीटर दूर है। गांव में 20 वर्ष से कचहरी के पीछे के कई मोहल्लों का गंदा पानी नाले से होते हुए खेतों में पहुंच गया था। पहले मोहल्लों में आबादी कम थी। आबादी बढ़ने से वर्तमान में गांव में 50 ग्रामीणों के 250 बीघे खेत में नाले का गंदा पानी भरा है और खेत तालाब में तब्दील हो गए है। इसमें जलकुंभी की बेल फैल गई है। ग्रामीणों ने हजारों रुपये देकर किराये पर खेत लिया था पर गंदा पानी भरने से फसल खराब हो गई। ऐसे में खाने के भी लाले हो गए हैं।
गांव के प्राथमिक विद्यालय सहित घरों के बाहर भी नाले का गंदा पानी पहुंच गया है। बच्चों से लेकर महिलाओं को गंदे पानी के अंदर से होकर जाना पड़ रहा है। चारोें तरफ पानी भरने से बीमारियां फैल रही है। समाज कल्याण राज्य मंत्री असीम अरुण से यहां भी ग्रामीणों ने गुहार लगाई। मंत्री दो बार गांव का भ्रमण करने गए। कानपुर से आई टीम ने सर्वे भी किया लेकिन स्थित में सुधार की जगह हालात और भी बद्तर हो गए। गांव से पुलिस लाइन जाने वाले रास्ते में आठ फीट पानी भर गया है। इस मार्ग पर आवागमन बंद हो गया।
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ग्रामीण परेशान है और कई बार अधिकारियों के पास समस्या को लेकर चक्कर लगा चुके हैं लेकिन कोई सुनवाई नहीं हो रही है। प्रधान विकास बाबू कनौजिया ने बताया कि अफसर ग्राम सभा निधि से काम कराने की बात कहते हैं लेकिन डेढ़ किलोमीटर नाले का निर्माण ग्राम सभा की निधि से कैसे हो सकता है। जनप्रतिनिधि इस समस्या पर ध्यान नहीं दे रहे है। सीडीओ रामकृपाल चौधरी का कहना है कि गांव में विकास विभाग की टीम भेजकर सर्वे कराया जाएगा और समस्या से निजात दिलाने के लिए नाले का निर्माण कराया जाएगा। इसके लिए ग्रामीण अभियंत्रण विभाग (आरईएस) को जिम्मेदारी दी जाएगी।
ग्राम सभा - सादिकपु़र
ब्लॉक - कन्नौज
आबादी - 2600
वोटर -1350
जाति- अनुसूचित जाति, कुर्मी, मुस्लिम, यादव, ब्राह्मण
ऐसे हो सकता है समस्या का निदान
गांव सादिकपुर की दो चकरोड गांव अड़ंगापुर गांव के नाले तक जाती है। ऐसे मेें चकरोड पर नाले का निर्माण करवाकर अड़ंगापुर के नाले से जोड़कर गंदे पानी को निकाला जा सकता है। लगभग डेढ़ किलोमीटर नाले का निर्माण होने से समस्या का निदान हो सकता है।
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मतदान बहिष्कार की सूचना पर दौड़े थे अफसर
लोकसभा चुनाव में सादिकपुर गांव के लोगों ने नाले के पानी को लेकर मतदान बहिष्कार करने की घोषणा की थी। सूचना पर अफसर गांव पहुंचे और ग्रामीणों ने मतदान करने के लिए प्रेरित किया और शीघ्र ही नाला बनवाने का भरोसा दिया था। ग्रामीणों ने मतदान किया लेकिन अफसर वादा भूल गए और इसके बाद कभी गांव की ओर रूख भी नहीं किया।
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ग्रामीणों का दर्द
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फोटो: 06: पुनीत। संवाद
वोट मांगने के बाद भूल जाते हैं नेता
युवा पुनीत ने बताया कि गांव में वर्षो से नाले का पानी भरा है। चुनाव के समय नेता वोट मांगने आते है। उस दौरान गांव की समस्या का सबसे पहले निदान करने की बात कहते है। चुनाव जीतने के बाद वह सब कुछ भूल जाते है।
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फोटो :07: रविंद्र । संवाद
गांव में फैल रही है बीमारियां
ग्रामीण रविंद्र ने बताया कि खेतों से नाले का पानी स्कूल से लेकर घरों तक पहुंच गया है। गांव में बीमारियां फैल रही है। डीएम से लेकर सीडीओ, जिला पंचायत अध्यक्ष से इस समस्या के निस्तारण की गुहार लगा चुके है। ऐसे में नेता व अधिकारियों से विश्वास उठ चुका है।
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फोटो :08: महेश। संवाद
जलकुंंभी से अक्सर होते हादसे
ग्रामीण महेश ने बताया कि मुख्यालय से दो किलोमीटर दूर गांव का यह हाल है। अन्य निचले इलाकों में स्थित गांवों को कौन देखने जाता होगा। 250 बीघा खेत में नाले का गंदा पानी भरा हुआ है। फसल की जगह जलकुंभी दिखाई दे रही है, इसमें मवेशी फंस जाते हैं।
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फोटो :09: पप्पू। संवाद
फंस गई थी बरातियों की बस
ग्रामीण पप्पू ने बताया पुलिस लाइन तक पक्की डामर रोड बनी है। इससे आसानी से आवागमन होता था। नाले का पानी आठ फीट भरने से आवागमन बंद हो गया। दो दिन पहले रात में बरातियोंं की बस फंस गई थी। बड़ी मुश्किल से बस से सकुशल निकाला गया।
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सदर तहसील का सादिकपुर गांव मुख्यालय से दाे किलोमीटर दूर है। गांव में 20 वर्ष से कचहरी के पीछे के कई मोहल्लों का गंदा पानी नाले से होते हुए खेतों में पहुंच गया था। पहले मोहल्लों में आबादी कम थी। आबादी बढ़ने से वर्तमान में गांव में 50 ग्रामीणों के 250 बीघे खेत में नाले का गंदा पानी भरा है और खेत तालाब में तब्दील हो गए है। इसमें जलकुंभी की बेल फैल गई है। ग्रामीणों ने हजारों रुपये देकर किराये पर खेत लिया था पर गंदा पानी भरने से फसल खराब हो गई। ऐसे में खाने के भी लाले हो गए हैं।
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गांव के प्राथमिक विद्यालय सहित घरों के बाहर भी नाले का गंदा पानी पहुंच गया है। बच्चों से लेकर महिलाओं को गंदे पानी के अंदर से होकर जाना पड़ रहा है। चारोें तरफ पानी भरने से बीमारियां फैल रही है। समाज कल्याण राज्य मंत्री असीम अरुण से यहां भी ग्रामीणों ने गुहार लगाई। मंत्री दो बार गांव का भ्रमण करने गए। कानपुर से आई टीम ने सर्वे भी किया लेकिन स्थित में सुधार की जगह हालात और भी बद्तर हो गए। गांव से पुलिस लाइन जाने वाले रास्ते में आठ फीट पानी भर गया है। इस मार्ग पर आवागमन बंद हो गया।
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ग्रामीण परेशान है और कई बार अधिकारियों के पास समस्या को लेकर चक्कर लगा चुके हैं लेकिन कोई सुनवाई नहीं हो रही है। प्रधान विकास बाबू कनौजिया ने बताया कि अफसर ग्राम सभा निधि से काम कराने की बात कहते हैं लेकिन डेढ़ किलोमीटर नाले का निर्माण ग्राम सभा की निधि से कैसे हो सकता है। जनप्रतिनिधि इस समस्या पर ध्यान नहीं दे रहे है। सीडीओ रामकृपाल चौधरी का कहना है कि गांव में विकास विभाग की टीम भेजकर सर्वे कराया जाएगा और समस्या से निजात दिलाने के लिए नाले का निर्माण कराया जाएगा। इसके लिए ग्रामीण अभियंत्रण विभाग (आरईएस) को जिम्मेदारी दी जाएगी।
ग्राम सभा - सादिकपु़र
ब्लॉक - कन्नौज
आबादी - 2600
वोटर -1350
जाति- अनुसूचित जाति, कुर्मी, मुस्लिम, यादव, ब्राह्मण
ऐसे हो सकता है समस्या का निदान
गांव सादिकपुर की दो चकरोड गांव अड़ंगापुर गांव के नाले तक जाती है। ऐसे मेें चकरोड पर नाले का निर्माण करवाकर अड़ंगापुर के नाले से जोड़कर गंदे पानी को निकाला जा सकता है। लगभग डेढ़ किलोमीटर नाले का निर्माण होने से समस्या का निदान हो सकता है।
मतदान बहिष्कार की सूचना पर दौड़े थे अफसर
लोकसभा चुनाव में सादिकपुर गांव के लोगों ने नाले के पानी को लेकर मतदान बहिष्कार करने की घोषणा की थी। सूचना पर अफसर गांव पहुंचे और ग्रामीणों ने मतदान करने के लिए प्रेरित किया और शीघ्र ही नाला बनवाने का भरोसा दिया था। ग्रामीणों ने मतदान किया लेकिन अफसर वादा भूल गए और इसके बाद कभी गांव की ओर रूख भी नहीं किया।
ग्रामीणों का दर्द
फोटो: 06: पुनीत। संवाद
वोट मांगने के बाद भूल जाते हैं नेता
युवा पुनीत ने बताया कि गांव में वर्षो से नाले का पानी भरा है। चुनाव के समय नेता वोट मांगने आते है। उस दौरान गांव की समस्या का सबसे पहले निदान करने की बात कहते है। चुनाव जीतने के बाद वह सब कुछ भूल जाते है।
फोटो :07: रविंद्र । संवाद
गांव में फैल रही है बीमारियां
ग्रामीण रविंद्र ने बताया कि खेतों से नाले का पानी स्कूल से लेकर घरों तक पहुंच गया है। गांव में बीमारियां फैल रही है। डीएम से लेकर सीडीओ, जिला पंचायत अध्यक्ष से इस समस्या के निस्तारण की गुहार लगा चुके है। ऐसे में नेता व अधिकारियों से विश्वास उठ चुका है।
फोटो :08: महेश। संवाद
जलकुंंभी से अक्सर होते हादसे
ग्रामीण महेश ने बताया कि मुख्यालय से दो किलोमीटर दूर गांव का यह हाल है। अन्य निचले इलाकों में स्थित गांवों को कौन देखने जाता होगा। 250 बीघा खेत में नाले का गंदा पानी भरा हुआ है। फसल की जगह जलकुंभी दिखाई दे रही है, इसमें मवेशी फंस जाते हैं।
फोटो :09: पप्पू। संवाद
फंस गई थी बरातियों की बस
ग्रामीण पप्पू ने बताया पुलिस लाइन तक पक्की डामर रोड बनी है। इससे आसानी से आवागमन होता था। नाले का पानी आठ फीट भरने से आवागमन बंद हो गया। दो दिन पहले रात में बरातियोंं की बस फंस गई थी। बड़ी मुश्किल से बस से सकुशल निकाला गया।