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टावर के झांसे में तीन लाख ठगे
ब्यूूराे/अमर उजाला, कन्नौज
Updated Sun, 18 Oct 2015 12:19 AM IST
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थाना क्षेत्र के उमगरा गांव निवासी एक ग्रामीण को
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मोबाइल टावर लगवाने का झांसा देकर ठगों के गिरोह ने 3 लाख 10 हजार रुपये ठग
लिए। पीड़ित ने मामले में एक महिला समेत दो लोगों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज
कराने के लिए थाने में तहरीर दी है।
मिली जानकारी के अनुसार, ठठिया थाने में दी तहरीर में थाना क्षेत्र के गांव उमगरा निवासी शिव गोविंद पुत्र मगरू ने बताया कि दो महीने पहले एक अखबार में मोबाइल टावर लगवाने संबंधी विज्ञापन को पढ़ा। जब उन्होंने फोन किया तो खुशबू यादव नाम की लड़की ने बात की और टावर लगवाने पर नौ लाख रुपये मिलने की बात की।
इसके बाद जरूरी कागजी औपचारिकताएं पूरी करने की बात कही और 13 अगस्त 15 को उनसे 2150 रुपये सिक्योरिटी फीस के नाम पर जमा कराए। इसके बाद कोई न कोई औपचारिकता बताकर उससे रुपये लेते रहे। शिव गोविंद के अनुसार, इसके बाद करीब 25 हजार रुपये भारत सरकार को बतौर फीस देने, 45 हजार मनी टैक्स के तौर, 40 हजार एग्रीमेट, 35-35 हजार रुपये दो बार टावर का सामान लाने के नाम पर बैंक खाते में जमा कराए।
वहीं 70 हजार रुपये ज्वाइंट एकाउंट खुलवाकर डलवा लिए। शिव गोविंद के अनुसार, ठगों के गिरोह ने उससे करीब तीन लाख 10 हजार रुपये जमा कराए। बदले में उसे जाली दस्तावेज भेजते रहे। उसका एकाउंट नंबर, पासबुक की फोटोकाफी आदि भी ले लिए। बाद में टावर न लगने पर शक हुआ तो गहनता से पूछताछ की।
तब से उक्त मोबाइल नंबर ही बंद हो गया। उधर, थाना पुलिस के अनुसार उत्तराखंड के देहरादून में टावर के नाम पर ठगी करने वाला गिरोह पकड़ा गया है। उनके पास जो दस्तावेज मिले हैं, उसमें शिव गोविंद का भी जिक्र है। इस मामले में वहां की पुलिस ने बताया कि शिव गोविंद को उत्तराखंड में पकड़े गए गिरोह के बारे में जानकारी दी गई है।
इसी गिरोह ने शिव गोविंद को भी ठगा है। उसकी एफआईआर होने के बाद पकड़े गए बदमाशों को रिमांड पर लेकर इस मामले में भी तहकीकात कर पीड़ित को उसके रुपये वापस दिलाने की कार्रवाई की जाएगी।
मिली जानकारी के अनुसार, ठठिया थाने में दी तहरीर में थाना क्षेत्र के गांव उमगरा निवासी शिव गोविंद पुत्र मगरू ने बताया कि दो महीने पहले एक अखबार में मोबाइल टावर लगवाने संबंधी विज्ञापन को पढ़ा। जब उन्होंने फोन किया तो खुशबू यादव नाम की लड़की ने बात की और टावर लगवाने पर नौ लाख रुपये मिलने की बात की।
इसके बाद जरूरी कागजी औपचारिकताएं पूरी करने की बात कही और 13 अगस्त 15 को उनसे 2150 रुपये सिक्योरिटी फीस के नाम पर जमा कराए। इसके बाद कोई न कोई औपचारिकता बताकर उससे रुपये लेते रहे। शिव गोविंद के अनुसार, इसके बाद करीब 25 हजार रुपये भारत सरकार को बतौर फीस देने, 45 हजार मनी टैक्स के तौर, 40 हजार एग्रीमेट, 35-35 हजार रुपये दो बार टावर का सामान लाने के नाम पर बैंक खाते में जमा कराए।
वहीं 70 हजार रुपये ज्वाइंट एकाउंट खुलवाकर डलवा लिए। शिव गोविंद के अनुसार, ठगों के गिरोह ने उससे करीब तीन लाख 10 हजार रुपये जमा कराए। बदले में उसे जाली दस्तावेज भेजते रहे। उसका एकाउंट नंबर, पासबुक की फोटोकाफी आदि भी ले लिए। बाद में टावर न लगने पर शक हुआ तो गहनता से पूछताछ की।
तब से उक्त मोबाइल नंबर ही बंद हो गया। उधर, थाना पुलिस के अनुसार उत्तराखंड के देहरादून में टावर के नाम पर ठगी करने वाला गिरोह पकड़ा गया है। उनके पास जो दस्तावेज मिले हैं, उसमें शिव गोविंद का भी जिक्र है। इस मामले में वहां की पुलिस ने बताया कि शिव गोविंद को उत्तराखंड में पकड़े गए गिरोह के बारे में जानकारी दी गई है।
इसी गिरोह ने शिव गोविंद को भी ठगा है। उसकी एफआईआर होने के बाद पकड़े गए बदमाशों को रिमांड पर लेकर इस मामले में भी तहकीकात कर पीड़ित को उसके रुपये वापस दिलाने की कार्रवाई की जाएगी।