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Kannauj News: ऐप के माध्यम से मरीज खुद कर सकेगा कैंसर रोग की जांच
Tue, 09 May 2023 12:45 AM IST
कानपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कन्नौज
संवाद न्यूज एजेंसी, कन्नौज
Updated Tue, 09 May 2023 12:45 AM IST
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तिर्वा। राजकीय इंजीनियरिंग कॉलेज में इलेक्ट्रानिक्स विभाग के चार छात्रों की टीम ने ऐप (ईफीसेंट नेट वी-थ्री प्रोजेक्ट) तैयार किया है। इस प्रोजेक्ट के माध्यम से सिटी स्कैन की फोटो को रीड कर कैंसर रोग की पुष्टि करने में मदद मिलेगी।
इंजीनियरिंग कॉलेज के इलेक्ट्रॉनिक्स विभाग चतुर्थ वर्ष के छात्र दिव्यांशु देव ने बताया कि हर्षिता गुप्ता, साक्षी मौर्या, सुभाष चंद्रा ने आर्टिफीशियल इंटेलीजेंस पर आधारित डीप लर्निंग ईफीसेंट नेट वी-थ्री प्रोजेक्ट को तैयार किया जा रहा है। इस प्रोजेक्ट के माध्यम से सिटी स्कैन की फोटो देखकर रीड कर लेगा। रीड करने के बाद कैंसर की पुष्टि करेगा। उन्होंने बताया कि यह प्रोजेक्ट मोबाइल व कंप्यूटर के जरिए काम करेगा। इस प्रोजेक्ट के माध्यम से दूर दराज के ग्रामीण क्षेत्रों में उपयोग किया जा सकता है।
उन्होंने बताया कि इस प्रोजेक्ट को विभाग के प्रो. अश्वनी कुमार उपाध्याय की निगरानी में तैयार किया जा रहा है। प्रो. अश्वनी उपाध्याय ने बताया कि ग्रामीण क्षेत्रों में बहुत से ऐसे सिटी स्कैन सेंटर होते हैं, जहां पर रेडियोलॉजिस्ट नहीं होते हैं। इस कारण रिपोर्ट की पुष्टि नहीं हो पाती है। इस प्रोजेक्ट के माध्यम से सिटी स्कैन की फोटो देखकर व्यक्ति खुद कैंसर रोग की पुष्टि कर सकता है। उन्होंने बताया कि यह प्रोजेक्ट बहुत ही सस्ता है। इस प्रोजेक्ट को कंप्यूटर या मोबाइल के माध्यम से इस्तेमाल किया जा सकता है।
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इंजीनियरिंग कॉलेज के इलेक्ट्रॉनिक्स विभाग चतुर्थ वर्ष के छात्र दिव्यांशु देव ने बताया कि हर्षिता गुप्ता, साक्षी मौर्या, सुभाष चंद्रा ने आर्टिफीशियल इंटेलीजेंस पर आधारित डीप लर्निंग ईफीसेंट नेट वी-थ्री प्रोजेक्ट को तैयार किया जा रहा है। इस प्रोजेक्ट के माध्यम से सिटी स्कैन की फोटो देखकर रीड कर लेगा। रीड करने के बाद कैंसर की पुष्टि करेगा। उन्होंने बताया कि यह प्रोजेक्ट मोबाइल व कंप्यूटर के जरिए काम करेगा। इस प्रोजेक्ट के माध्यम से दूर दराज के ग्रामीण क्षेत्रों में उपयोग किया जा सकता है।
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उन्होंने बताया कि इस प्रोजेक्ट को विभाग के प्रो. अश्वनी कुमार उपाध्याय की निगरानी में तैयार किया जा रहा है। प्रो. अश्वनी उपाध्याय ने बताया कि ग्रामीण क्षेत्रों में बहुत से ऐसे सिटी स्कैन सेंटर होते हैं, जहां पर रेडियोलॉजिस्ट नहीं होते हैं। इस कारण रिपोर्ट की पुष्टि नहीं हो पाती है। इस प्रोजेक्ट के माध्यम से सिटी स्कैन की फोटो देखकर व्यक्ति खुद कैंसर रोग की पुष्टि कर सकता है। उन्होंने बताया कि यह प्रोजेक्ट बहुत ही सस्ता है। इस प्रोजेक्ट को कंप्यूटर या मोबाइल के माध्यम से इस्तेमाल किया जा सकता है।
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