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प्राइमरी स्कूल की दीवार ढही तीन छात्र दबे, एक की मौत
अमर उजाला ब्यूरो/कन्नौज
Updated Thu, 24 Aug 2017 12:00 AM IST
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अंकित
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
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सौरिख विकास खेड क्षेत्र के सांसद आदर्श ग्राम रौसेन स्थित कन्या प्राथमिक विद्यालय की दीवार ढहने से तीन बच्चे दब गए। एक छात्र की घटनास्थल पर ही मौत हो गई, जबकि दो बच्चे गंभीर रूप से घायल हो गए। घायलों को राजकीय मेडिकल कालेज तिर्वा में भर्ती कराया गया। डीएम, बीएसए सहित कई अधिकारियों ने घटनास्थल का निरीक्षण किया। बीएसए ने भवन प्रभारी मनोज पाल और इंचार्ज प्रधानाध्यापक योगेंद्र सिंह को सस्पेंड कर दिया है।
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बुधवार को सौरिख थाना क्षेत्र के ग्राम रौसेन स्थित कन्या प्राथमिक विद्यालय में सुबह 9:30 बजे के करीब कुछ बच्चे इंटरवल के दौरान गेट पर झूला झूल रहे थे। अचानक गेट सहित बाउंड्रीवाल ढह गई, जिससे वहां झूल रहे अंकित (8) पुत्र उदय प्रताप जाटव, रणजीत (6) पुत्र बादाम सिंह बाथम और पप्पू बाथम (7) पुत्र गुड्डू बाथम मलबे में दब गए। अन्य बच्चों ने शोर मचाना शुरू किया तो मौके पर पहुंचे ग्रामीणों ने मलबे को हटाकर तीनों बच्चों को बाहर निकाला। अंकित ने घटनास्थल पर ही दम तोड़ दिया, जबकि रणजीत और पप्पू गंभीर रूप से घायल हो गए। छात्र की मौत के बाद ग्रामीणों के आक्रोश को देखते हुए इंचार्ज प्रधानाध्यापक कपड़े उतारकर मौके से भाग निकले।
सूचना पाकर उपजिलाधिकारी मंशाराम वर्मा, सीओ सदर लक्ष्मीकांत गौतम, खंड शिक्षा अधिकारी अरविंद कुमार, बीईओ छिबरामऊ सुनील दुबे, थानाध्यक्ष आरपी पांडेय मौके पर पहुंचे। घायल बच्चों को राजकीय मेडिकल कालेज तिर्वा भेज दिया गया। वहीं, दोपहर बाद जिलाधिकारी जगदीश प्रसाद और जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी अखंड प्रताप सिंह ने भी घटनास्थल का निरीक्षण किया। डीएम ने क्षतिग्रस्त बाउंड्रीवाल के मलबे का नमूना भरवाया। उन्होंने बताया कि दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
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मामले की जांच खंड शिक्षाधिकारी सौरिख अरविंद कुशवाहा को सौंपी गई है। उधर मेडिकल कालेज के सीएमएस डा. दिलीप सिंह ने बताया कि इमरजेंसी वार्ड में भर्ती दोनों घायल बालकों की हालत में सुधार हुआ है। सुबह तक उनको रिलीव कर दिया जाएगा।
शिक्षकों के खिलाफ गैर इरादतन हत्या का मुकदमा दर्ज
सौरिख (ब्यूरो)। रौसेन स्थित कन्या प्राथमिक विद्यालय में हुए हादसे के बाद मृत छात्र अंकित जाटव के चाचा प्रमोद कुमार ने विद्यालय के सभी शिक्षकों के खिलाफ गैर इरादतन हत्या का मुकदमा दर्ज कराया है। अंकित चार भाइयों में तीसरे नंबर का था। उसके पिता उदय प्रताप मजदूरी करते हैं। परिजनों ने पहले तो पोस्टमार्टम कराने और शव को उठाने से इनकार कर दिया था। बाद में मौके पर पहुंचे भाजपा जिलाध्यक्ष नरेंद्र सिंह राजपूत व महामंत्री गौरव द्विवेदी ने परिजनों को भरोसा दिलाया कि उनकी हर संभव मदद की जाएगी। इसके बाद परिजन तैयार हुए। पुलिस ने शव का पंचनामा भर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।
बालू से बनाई गई थी चहारदीवार
सौरिख (ब्यूरो)। कन्या प्राथमिक विद्यालय रौसेन का भवन 2008 में बना था, जबकि इसकी बाउंड्रीवाल 2012 में बनाई गई थी। ग्रामीणों ने बताया कि बनने के बाद यह चहारदीवारी ट्रैक्टर के धक्का लगने से टूटकर गिर गई थी। उस समय तत्कालीन ग्राम प्रधान ने इसको सही करवाया था। ग्रामीणों ने डीएम व बीएसए से भवन प्रभारी मनोज पाल की शिकायत की। ग्रामीणों ने बताया कि चहारदीवारी में सीमेंट का कम मात्रा में प्रयोग किया गया था। केवल बालू से दीवार बनाई गई थी। यही वजह थी कि छोटे बच्चों के जरा से धक्के से वह धराशायी हो गई। मौके पर पहुंचे एसडीएम मंशाराम वर्मा ने मलबे से मसाला उठाकर देखा और बताया कि इससे मजबूत तो कच्ची दीवार होती है।
हादसे के बाद भाग गए इंचार्ज प्रधानाध्यापक
छिबरामऊ। जैसे ही विद्यालय में यह हादसा हुआ, तो इंचार्ज प्रधानाध्यापक योगेंद्र सिंह शर्ट-पैंट उतारकर अंडरबियर बनियान में भाग गए। ग्रामीणों के मुताबिक भीड़ के आक्रोश से बचने के लिए प्रधानाध्यापक ने यह कदम उठाया। वहीं, इंचार्ज प्रधानाध्यापक का कहना था कि बारिश की वजह से उनके कपड़े भीग गए थे। जिन्हें उतारकर उन्होंने कुर्सी पर सूखने के लिए रख दिए थे। दूसरे कपड़े पहनकर वह पूर्व माध्यमिक विद्यालय में प्रधानाध्यापक एवं संकुल प्रभारी सुखदेव सिंह से मिलने गए थे। जिस समय यह हादसा हुआ उस समय वह स्कूल में नहीं थे। विद्यालय में 128 बच्चे पंजीकृत हैं, जिनमें बुधवार को 92 बच्चे उपस्थित थे। विद्यालय में इंचार्ज प्रधानाध्यापक के रूप शिक्षामित्र अनुपम दुबे तैनात थी, लेकिन सुप्रीमकोर्ट के फैसले के बाद वह स्कूल नहीं आ रहीं थीं। ऐसे में इस समय योगेंद्र सिंह के पास चार्ज था।
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