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Kannauj News: 93 माध्यमिक विद्यालयों की मान्यता पर खतरा, नोटिस
Tue, 08 Aug 2023 11:29 PM IST
कानपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कन्नौज
संवाद न्यूज एजेंसी, कन्नौज
Updated Tue, 08 Aug 2023 11:29 PM IST
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कन्नौज। सरकार की ओर से जारी आदेश का न मानना वित्तविहीन स्कूलों को भारी पड़ सकता है। एपीआई मोबाइल एप्लीकेशन पर स्कूल की जिओ लोकेशन व आधारभूत संरचनाओं की फोटो अपलोड करने में की जा रही लापरवाही पर जिले के 93 वित्तविहीन माध्यमिक स्कूलों को नोटिस जारी की गई है। इन सभी की मान्यता खतरे में है।
स्कूल शिक्षा के महानिदेशक विजय किरन आनंद ने एक बहुद्देशीय एपीआई मोबाइल एप्लीकेशन विकसित किया है। इसमें जिले के सभी राजकीय, सहायता प्राप्त व मान्यता प्राप्त माध्यमिक विद्यालयों को 28 जुलाई तक जिओ लोकेशन तथा आधारभूत संरचनाओं, भवन, शिक्षण कार्य व अन्य गतिविधियों के फोटोग्राफ अपलोड करना था। डीआईओएस कार्यालय के मुताबिक इस आदेश की कई स्कूलों ने अनदेखी की है। इसमें आठ सहायता प्राप्त विद्यालयों व 93 मान्यता प्राप्त वित्तविहीन विद्यालयों ने मोबाइल एप्लीकेशन पर फोटो अपलोड ही नहीं किया। इस लापरवाही पर डीआईओएस डॉ. पूरन सिंह ने इन सभी स्कूलों के प्रबंधन को मान्यता प्रत्याहरण का नोटिस जारी किया है। इन्हें नोटिस में कहा गया है कि फोटो अपलोड नहीं करने पर सहायता प्राप्त विद्यालयों के प्राचार्यों का वेतन रोका जाएगा और वित्तविहीन विद्यालयों की मान्यता खत्म कर दी जाएगी।
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फोटो अपलोड करने पर खत्म होगा फर्जीवाड़ा
एपीआई मोबाइल एप्लीकेशन का मकसद स्कूलों में फर्जीवाड़ा पर अंकुश लगाना है। अब कोई भी संस्थान एक नाम से दो जगह विद्यालय नहीं चला सकता है। एपीआई मोबाइल एप्लीकेशन में डाटा फीड करते ही जिओ लोकेशन से विद्यालय का अक्षांश व देशांतर शासन तथा माध्यमिक शिक्षा विभाग के पोर्टल पर फीड हो जाएगा। छात्र-छात्राओं के आधार कार्ड की फीडिंग होने से एक बच्चे का दो जगह से बोर्ड परीक्षा में नामांकन भी नहीं हो सकेगा। खास बात यह है कि इस प्रक्रिया से जिले में फर्जी स्कूलों पर शिकंजा कसेगा और बिना मान्यता कोई भी विद्यालय संचालित नहीं हो पाएगा।
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स्कूल शिक्षा के महानिदेशक विजय किरन आनंद ने एक बहुद्देशीय एपीआई मोबाइल एप्लीकेशन विकसित किया है। इसमें जिले के सभी राजकीय, सहायता प्राप्त व मान्यता प्राप्त माध्यमिक विद्यालयों को 28 जुलाई तक जिओ लोकेशन तथा आधारभूत संरचनाओं, भवन, शिक्षण कार्य व अन्य गतिविधियों के फोटोग्राफ अपलोड करना था। डीआईओएस कार्यालय के मुताबिक इस आदेश की कई स्कूलों ने अनदेखी की है। इसमें आठ सहायता प्राप्त विद्यालयों व 93 मान्यता प्राप्त वित्तविहीन विद्यालयों ने मोबाइल एप्लीकेशन पर फोटो अपलोड ही नहीं किया। इस लापरवाही पर डीआईओएस डॉ. पूरन सिंह ने इन सभी स्कूलों के प्रबंधन को मान्यता प्रत्याहरण का नोटिस जारी किया है। इन्हें नोटिस में कहा गया है कि फोटो अपलोड नहीं करने पर सहायता प्राप्त विद्यालयों के प्राचार्यों का वेतन रोका जाएगा और वित्तविहीन विद्यालयों की मान्यता खत्म कर दी जाएगी।
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फोटो अपलोड करने पर खत्म होगा फर्जीवाड़ा
एपीआई मोबाइल एप्लीकेशन का मकसद स्कूलों में फर्जीवाड़ा पर अंकुश लगाना है। अब कोई भी संस्थान एक नाम से दो जगह विद्यालय नहीं चला सकता है। एपीआई मोबाइल एप्लीकेशन में डाटा फीड करते ही जिओ लोकेशन से विद्यालय का अक्षांश व देशांतर शासन तथा माध्यमिक शिक्षा विभाग के पोर्टल पर फीड हो जाएगा। छात्र-छात्राओं के आधार कार्ड की फीडिंग होने से एक बच्चे का दो जगह से बोर्ड परीक्षा में नामांकन भी नहीं हो सकेगा। खास बात यह है कि इस प्रक्रिया से जिले में फर्जी स्कूलों पर शिकंजा कसेगा और बिना मान्यता कोई भी विद्यालय संचालित नहीं हो पाएगा।
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